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पांच शिक्षिकाओं के सहारे राजकीय कन्या इंटर कॉलेज
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राजकीय कन्या इंटर कालेज दाहा
- फोटो : BAGHPAT
सरकारी उपेक्षा के चलते शिक्षिकाओं और चतुर्थ श्रेणी के सभी पदों पर तैनाती नहीं
चहारदीवारी क्षतिग्रस्त होने से छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज शिक्षा विभाग एवं जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार है। इसके परिणामस्वरूप यह महज पांच शिक्षिकाओं के सहारे चल रहा है। कॉलेज में भवन का अभाव है। यहां आने वाली छात्राएं भी अन्य सुविधाओं से वंचित हैं।
कॉलेज में कला और विज्ञान वर्ग के प्रवक्ता के सभी दस पद रिक्त हैं। वहीं, एलटी के 16 में दस पदों शिक्षिकाओं की तैनाती नहीं है। इनके अतिरिक्त एक शिक्षिका काफी समय से अवकाश पर हैं। यहां तैनात एक अन्य शिक्षिका मधु सक्सेना 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो जाएंगी। कॉलेज में चार सौ छात्राएं अध्ययनरत हैं। हालांकि विद्यालय में इनके लिए केवल सात कमरें हैं। इनमें फर्नीचर की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते करीब आधी छात्राओं को खुले आसमान के नीचे शिक्षा ग्रहण करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी के भी दस पद रिक्त हैं।
राजकीय इंटर कॉलेज की चहारदीवारी भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे सुरक्षा पर सवाल खडे़ हो रहे हैं। हालांकि क्षेत्र के लोग 20 वर्षों से इसे डिग्री कॉलेज बनवाने की मांग कर रहे हैं। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने इस संबंध में प्रयास किया। दाहा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता पप्पन राणा का कहना है कि शासन-प्रशासन की उपेक्षा के चलते विद्यालय में व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीण हरपाल सिंह मुलसम, जगपाल सिंह भड़ल आदि का कहना है कि सरकार एक ओर बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चला रही है। वहीं, दूसरी ओर राजकीय कन्या इंटर कॉलेज पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उधर, प्रधानाचार्या मधु सक्सेना का कहना है कि समस्त जानकारी विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में है।
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वर्जन
शिक्षकों की नियुक्ति आयोग से होती है। जैसे ही जिले को शिक्षक मिलेंगे तभी विद्यालय में तैनात कर दिए जाएंगे।-सर्वेश कुमार, जिला विद्यलाय निरीक्षक, बागपत
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चहारदीवारी क्षतिग्रस्त होने से छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज शिक्षा विभाग एवं जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार है। इसके परिणामस्वरूप यह महज पांच शिक्षिकाओं के सहारे चल रहा है। कॉलेज में भवन का अभाव है। यहां आने वाली छात्राएं भी अन्य सुविधाओं से वंचित हैं।
कॉलेज में कला और विज्ञान वर्ग के प्रवक्ता के सभी दस पद रिक्त हैं। वहीं, एलटी के 16 में दस पदों शिक्षिकाओं की तैनाती नहीं है। इनके अतिरिक्त एक शिक्षिका काफी समय से अवकाश पर हैं। यहां तैनात एक अन्य शिक्षिका मधु सक्सेना 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो जाएंगी। कॉलेज में चार सौ छात्राएं अध्ययनरत हैं। हालांकि विद्यालय में इनके लिए केवल सात कमरें हैं। इनमें फर्नीचर की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते करीब आधी छात्राओं को खुले आसमान के नीचे शिक्षा ग्रहण करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी के भी दस पद रिक्त हैं।
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राजकीय इंटर कॉलेज की चहारदीवारी भी जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे सुरक्षा पर सवाल खडे़ हो रहे हैं। हालांकि क्षेत्र के लोग 20 वर्षों से इसे डिग्री कॉलेज बनवाने की मांग कर रहे हैं। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने इस संबंध में प्रयास किया। दाहा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता पप्पन राणा का कहना है कि शासन-प्रशासन की उपेक्षा के चलते विद्यालय में व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीण हरपाल सिंह मुलसम, जगपाल सिंह भड़ल आदि का कहना है कि सरकार एक ओर बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चला रही है। वहीं, दूसरी ओर राजकीय कन्या इंटर कॉलेज पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उधर, प्रधानाचार्या मधु सक्सेना का कहना है कि समस्त जानकारी विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में है।
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शिक्षकों की नियुक्ति आयोग से होती है। जैसे ही जिले को शिक्षक मिलेंगे तभी विद्यालय में तैनात कर दिए जाएंगे।-सर्वेश कुमार, जिला विद्यलाय निरीक्षक, बागपत