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अफसरों की फॉगिंग मशीन की कीमत 39 हजार तो प्रधानों ने खुद 22 हजार में खरीदी
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ग्राम पंचायत मवीकलां के नाम फॉगिंग मशीन का बिल
- फोटो : BAGHPAT
बागपत। यहां अफसरों की खरीदी हुई फॉगिंग मशीन की कीमत 39 हजार रुपये है। वहीं, ग्राम प्रधानों ने इनसे बेहतर मशीन महज 22 हजार रुपये में खरीदी हैं। इस तरह का मामला सामने आने पर फॉगिंग मशीन को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है। कुछ ग्राम प्रधानों ने फॉगिंग मशीन लेने से इनकार कर दिया तो कुछ ने भुगतान करने से इनकार कर दिया है।
यहां अगस्त 2021 में डेंगू व मलेरिया का प्रकोप शुरू हुआ था। जिससे बचाव के लिए प्रधानों ने गांवों में फॉगिंग कराने को स्वास्थ्य विभाग से मांग करनी शुरू कर दी थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने केवल दो मशीन होने के कारण सभी गांवों में फॉगिंग कराने में असमर्थता जताते हुए मशीन खरीदने की सलाह दे डाली। इसके बाद डेंगू का प्रकोप खत्म होने पर नवंबर 2021 में ग्राम सचिव खुद ही फॉगिंग मशीन लेकर गांवों में पहुंचे। जिले में 244 गांव हैं। इनमें 200 से ज्यादा गांवों में फॉगिंग मशीनें पहुंचीं। जबकि अन्य में किसी प्रधान ने लेने से इनकार कर दिया तो किसी ने 39 हजार रुपये का बिल देखकर खुद ही खरीदने की बात कही। हालांकि प्रधानों पर विकास भवन से एक अधिकारी ने सचिव के लेकर जाने पर ही मशीन का भुगतान करने का दबाव बनाया। इसके बाद भी कुछ प्रधान दबाव में नहीं आए और वे खुद ही फॉगिंग मशीन खरीदकर लाए। जिन फॉगिंग मशीन को प्रधान ने खुद खरीदा है, वे केवल 22 हजार रुपये की हैं। इस तरह से अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
प्रधानों को बताया नहीं, कुटेशन तक नहीं दिखाई
फॉगिंग मशीन खरीदने के बारे में प्रधानों को बताया तक नहीं गया। उनको कुटेशन भी नहीं दिखाई गई। प्रधानों का आरोप है कि जब फॉगिंग मशीन खरीदने की जानकारी देकर बिल भुगतान नहीं करने की बात कही गई तो विकास भवन में बैठने वाले एक अधिकारी ने उन पर अधिकार सीज करने की धमकी देते हुए दबाव बनाया।
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मैंने 22 हजार रुपये में खरीदी फॉगिंग मशीन
मवीकलां गांव के प्रधान दीपक ने बताया कि मुझे जब फॉगिंग मशीन की कीमत 39 हजार रुपये बताई गई तो मैंने खुद ही हजार रुपये में फॉगिंग मशीन खरीदी है। यह उन मशीनों से बेहतर है जो सचिव खुद गांव में लेकर गए थे।
फॉगिंग मशीन खरीदने के बारे में पूछा भी नहीं
गौरीपुर जवाहरनगर की प्रधान आरती के अनुसार सचिव खुद ही गांव में फॉगिंग मशीन लेकर आया। उसका कहना है कि इसके लिए उनसे पूछा भी नहीं गया और बिल का दबाव देकर भुगतान करा लिया गया।
वाजिदपुर के प्रधान ने बिल देखकर नहीं किया भुगतान
वाजिदपुर के प्रधान अश्विनी का कहना है कि मेरे पास मशीन लेकर आए थे और उसने विकास भवन में बैठने वाले एक अधिकारी का नाम लिया कि उस अधिकारी ने मशीन भिजवाई है। उसके बिल का भुगतान करने के लिए कहा गया तो मैंने साफ इनकार कर दिया। कहा मुझसे पूछा नहीं गया और कोटेशन तक नहीं दी गई तो उस बिल का भुगतान पंचायत से नहीं करेंगे।
हमारे यहां सचिव लेकर आया था मशीन
पाली गांव की प्रधान शमा के पति गजेंद्र का कहना है कि उनके यहां से 39 हजार रुपये का भुगतान हुआ है। उस मशीन को खरीदने में हमारी कोई भागीदारी नहीं है। सचिव खुद मशीन लेकर आया था। उसने भुगतान करने के लिए कहा तो हमने जानकारी नहीं होने पर भुगतान कर दिया।
टांडा गांव में फॉगिंग मशीन के बिना 82 हजार निकाले
टांडा गांव के प्रधान नवाजिश ने बताया कि उनके यहां कोई फॉगिंग मशीन नहीं आई और पंचायत चुनाव के दौरान ही फॉगिंग मशीन के बिना करीब 82 हजार रुपये निकाले गए हैं। इस तरह से उनके यहां पहले ही इस पर खेल हो चुका है। उन्होंने इसकी शिकायत की तो उनको कार्रवाई करने की धमकी दी गई।
जांच कराई जाएगी
फॉगिंग मशीन के दाम में इतना अंतर नहीं हो सकता है। फॉगिंग मशीन 39 हजार रुपये की खरीदी गई है तो यह भी बड़ा अजीब है। किसी विभागीय कार्य से बाहर जा रहा हूं। वहां से लौटकर इसकी जांच कराई जाएगी।-राजकमल यादव, डीएम
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यहां अगस्त 2021 में डेंगू व मलेरिया का प्रकोप शुरू हुआ था। जिससे बचाव के लिए प्रधानों ने गांवों में फॉगिंग कराने को स्वास्थ्य विभाग से मांग करनी शुरू कर दी थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने केवल दो मशीन होने के कारण सभी गांवों में फॉगिंग कराने में असमर्थता जताते हुए मशीन खरीदने की सलाह दे डाली। इसके बाद डेंगू का प्रकोप खत्म होने पर नवंबर 2021 में ग्राम सचिव खुद ही फॉगिंग मशीन लेकर गांवों में पहुंचे। जिले में 244 गांव हैं। इनमें 200 से ज्यादा गांवों में फॉगिंग मशीनें पहुंचीं। जबकि अन्य में किसी प्रधान ने लेने से इनकार कर दिया तो किसी ने 39 हजार रुपये का बिल देखकर खुद ही खरीदने की बात कही। हालांकि प्रधानों पर विकास भवन से एक अधिकारी ने सचिव के लेकर जाने पर ही मशीन का भुगतान करने का दबाव बनाया। इसके बाद भी कुछ प्रधान दबाव में नहीं आए और वे खुद ही फॉगिंग मशीन खरीदकर लाए। जिन फॉगिंग मशीन को प्रधान ने खुद खरीदा है, वे केवल 22 हजार रुपये की हैं। इस तरह से अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
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प्रधानों को बताया नहीं, कुटेशन तक नहीं दिखाई
फॉगिंग मशीन खरीदने के बारे में प्रधानों को बताया तक नहीं गया। उनको कुटेशन भी नहीं दिखाई गई। प्रधानों का आरोप है कि जब फॉगिंग मशीन खरीदने की जानकारी देकर बिल भुगतान नहीं करने की बात कही गई तो विकास भवन में बैठने वाले एक अधिकारी ने उन पर अधिकार सीज करने की धमकी देते हुए दबाव बनाया।
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मैंने 22 हजार रुपये में खरीदी फॉगिंग मशीन
मवीकलां गांव के प्रधान दीपक ने बताया कि मुझे जब फॉगिंग मशीन की कीमत 39 हजार रुपये बताई गई तो मैंने खुद ही हजार रुपये में फॉगिंग मशीन खरीदी है। यह उन मशीनों से बेहतर है जो सचिव खुद गांव में लेकर गए थे।
फॉगिंग मशीन खरीदने के बारे में पूछा भी नहीं
गौरीपुर जवाहरनगर की प्रधान आरती के अनुसार सचिव खुद ही गांव में फॉगिंग मशीन लेकर आया। उसका कहना है कि इसके लिए उनसे पूछा भी नहीं गया और बिल का दबाव देकर भुगतान करा लिया गया।
वाजिदपुर के प्रधान ने बिल देखकर नहीं किया भुगतान
वाजिदपुर के प्रधान अश्विनी का कहना है कि मेरे पास मशीन लेकर आए थे और उसने विकास भवन में बैठने वाले एक अधिकारी का नाम लिया कि उस अधिकारी ने मशीन भिजवाई है। उसके बिल का भुगतान करने के लिए कहा गया तो मैंने साफ इनकार कर दिया। कहा मुझसे पूछा नहीं गया और कोटेशन तक नहीं दी गई तो उस बिल का भुगतान पंचायत से नहीं करेंगे।
हमारे यहां सचिव लेकर आया था मशीन
पाली गांव की प्रधान शमा के पति गजेंद्र का कहना है कि उनके यहां से 39 हजार रुपये का भुगतान हुआ है। उस मशीन को खरीदने में हमारी कोई भागीदारी नहीं है। सचिव खुद मशीन लेकर आया था। उसने भुगतान करने के लिए कहा तो हमने जानकारी नहीं होने पर भुगतान कर दिया।
टांडा गांव में फॉगिंग मशीन के बिना 82 हजार निकाले
टांडा गांव के प्रधान नवाजिश ने बताया कि उनके यहां कोई फॉगिंग मशीन नहीं आई और पंचायत चुनाव के दौरान ही फॉगिंग मशीन के बिना करीब 82 हजार रुपये निकाले गए हैं। इस तरह से उनके यहां पहले ही इस पर खेल हो चुका है। उन्होंने इसकी शिकायत की तो उनको कार्रवाई करने की धमकी दी गई।
जांच कराई जाएगी
फॉगिंग मशीन के दाम में इतना अंतर नहीं हो सकता है। फॉगिंग मशीन 39 हजार रुपये की खरीदी गई है तो यह भी बड़ा अजीब है। किसी विभागीय कार्य से बाहर जा रहा हूं। वहां से लौटकर इसकी जांच कराई जाएगी।-राजकमल यादव, डीएम

ग्राम पंचायत पाली के नाम फॉगिंग मशीन का बिल- फोटो : BAGHPAT

ग्राम पंचायत मवीकलां में रखी फॉगिंग मशीन- फोटो : BAGHPAT

ग्राम पंचायत गौरीपुर जवाहर नगर में रखी फॉगिंग मशीन- फोटो : BAGHPAT