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फर्जी शादी कराकर सांसद से दिलाया आशीर्वाद
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बागपत के सम्राट पृथ्वीराज डिग्री कालेज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में आशीर्वाद द?
- फोटो : BAGHPAT
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- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 116 युगल की कराई गई थी शादी
- पड़ताल में आठ जोड़ों की पहले शादी होने के बावजूद दोबारा कराने का खुलासा हुआ
- पिलाना, बिनौली, बड़ौत में मिले ऐसे जोड़े, कई महीने पहले हो चुकी थी शादी
- प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच तक नहीं कराई, सीडीओ की अध्यक्षता में बनी है कमेटी
अंकित चौहान
बागपत। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ा खेल किया जा रहा है। हाल ही में संपन्न हुए समारोह में फर्जी शादियां कराकर सांसद से आशीर्वाद भी दिला दिया गया है। इसका खुलासा तब हुआ, जब उन सभी के बारे में पड़ताल की गई। ऐसे आठ जोड़े सामने आए है, जिनकी पहले शादी हो चुकी है और उनकी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में दोबारा शादी कराकर योजना का लाभ दे दिया गया। यह पिलाना, बिनौली व बड़ौत ब्लॉक के गांवों के रहने वाले है।
सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कालेज के मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 11 दिसंबर को शादी कराई गई थी। इसके लिए 151 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य समाज कल्याण विभाग को मिला था। समाज कल्याण विभाग ने बीडीओ व नगर पालिका के ईओ को जिम्मेदारी सौंप दी थी। ऐसे परिवारों से आवेदन कराने थे, जो बेटे-बेटी की शादी करने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है। इसके लिए कमेटी बनाई गई थी, जिसमें सीडीओ स्तर के अधिकारी भी शामिल थे। मगर, 151 के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 125 जोड़ों की शादी के आवेदन आए और उनमें भी 116 ही शादी के लिए पहुंचे। इसमें सबसे बड़ा खेल यह हुआ कि ऐसे जोड़ों की शादी करा दी गई, जिनकी पहले शादी हो चुकी थी। इसकी जब पड़ताल की गई तो अभी तक ऐसे आठ जोड़े सामने आ चुके है जो शादीशुदा होते हुए भी अधिकारियों ने दोबारा शादी कराई है। उनको बाकायदा सांसद डा. सत्यपाल सिंह से आशीर्वाद भी दिलाया गया और योजना का पूरा लाभ भी दिया गया। अब मामला खुल रहा है तो अधिकारी एक-दूसरे की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ रहे है।
किसी की एक महीने पहले तो किसी की तीसरी बार कराई शादी
सामूहिक विवाह योजना में कैसे खेल हुआ, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसी की शादी एक महीने पहले हो चुकी थी तो किसी के विधवा होने पर दोबारा शादी के बाद तीसरी शादी करा दी गई। इनके अलावा तीन जोड़ों की शादी करीब डेढ़ महीने पहले हो चुकी थी। ऐसा भी हुआ है कि किसी की शादी पहले सामूहिक विवाह योजना के तहत करा दी गई और यहां से योजना का लाभ लेकर उसने अपने स्तर से दोबारा शादी कर ली। एक परिवार को शादी कराए बिना ही अधिकारियों ने सामान थमा दिया।
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शादी के लिए जोड़ों की जांच करने की जिम्मेदारी बीडीओ और ईओ को सौंपी गई थी। उनके स्तर से नाम की सूची भेजी गई थी। इस बारे में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। - विमल ढाका, समाज कल्याण अधिकारी
इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता हूं। मुझे नहीं पता क्या हुआ है, क्या नहीं। - रंजीत सिंह, सीडीओ।
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- पड़ताल में आठ जोड़ों की पहले शादी होने के बावजूद दोबारा कराने का खुलासा हुआ
- पिलाना, बिनौली, बड़ौत में मिले ऐसे जोड़े, कई महीने पहले हो चुकी थी शादी
- प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच तक नहीं कराई, सीडीओ की अध्यक्षता में बनी है कमेटी
अंकित चौहान
बागपत। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ा खेल किया जा रहा है। हाल ही में संपन्न हुए समारोह में फर्जी शादियां कराकर सांसद से आशीर्वाद भी दिला दिया गया है। इसका खुलासा तब हुआ, जब उन सभी के बारे में पड़ताल की गई। ऐसे आठ जोड़े सामने आए है, जिनकी पहले शादी हो चुकी है और उनकी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में दोबारा शादी कराकर योजना का लाभ दे दिया गया। यह पिलाना, बिनौली व बड़ौत ब्लॉक के गांवों के रहने वाले है।
सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कालेज के मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 11 दिसंबर को शादी कराई गई थी। इसके लिए 151 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य समाज कल्याण विभाग को मिला था। समाज कल्याण विभाग ने बीडीओ व नगर पालिका के ईओ को जिम्मेदारी सौंप दी थी। ऐसे परिवारों से आवेदन कराने थे, जो बेटे-बेटी की शादी करने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है। इसके लिए कमेटी बनाई गई थी, जिसमें सीडीओ स्तर के अधिकारी भी शामिल थे। मगर, 151 के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 125 जोड़ों की शादी के आवेदन आए और उनमें भी 116 ही शादी के लिए पहुंचे। इसमें सबसे बड़ा खेल यह हुआ कि ऐसे जोड़ों की शादी करा दी गई, जिनकी पहले शादी हो चुकी थी। इसकी जब पड़ताल की गई तो अभी तक ऐसे आठ जोड़े सामने आ चुके है जो शादीशुदा होते हुए भी अधिकारियों ने दोबारा शादी कराई है। उनको बाकायदा सांसद डा. सत्यपाल सिंह से आशीर्वाद भी दिलाया गया और योजना का पूरा लाभ भी दिया गया। अब मामला खुल रहा है तो अधिकारी एक-दूसरे की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ रहे है।
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किसी की एक महीने पहले तो किसी की तीसरी बार कराई शादी
सामूहिक विवाह योजना में कैसे खेल हुआ, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसी की शादी एक महीने पहले हो चुकी थी तो किसी के विधवा होने पर दोबारा शादी के बाद तीसरी शादी करा दी गई। इनके अलावा तीन जोड़ों की शादी करीब डेढ़ महीने पहले हो चुकी थी। ऐसा भी हुआ है कि किसी की शादी पहले सामूहिक विवाह योजना के तहत करा दी गई और यहां से योजना का लाभ लेकर उसने अपने स्तर से दोबारा शादी कर ली। एक परिवार को शादी कराए बिना ही अधिकारियों ने सामान थमा दिया।
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शादी के लिए जोड़ों की जांच करने की जिम्मेदारी बीडीओ और ईओ को सौंपी गई थी। उनके स्तर से नाम की सूची भेजी गई थी। इस बारे में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। - विमल ढाका, समाज कल्याण अधिकारी
इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता हूं। मुझे नहीं पता क्या हुआ है, क्या नहीं। - रंजीत सिंह, सीडीओ।