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बालिका छात्रावास पर पुलिस परिवारों का अवैध कब्जा

Wed, 09 Sep 2020 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2020 11:54 PM IST
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Girls hostel occupied by police families
बडौत में बालिका छात्रावास पर पुलिस के कब्जे के बाद रस्सी पर सुखती पुलिस की वर्दी - फोटो : BARAUT
50 में से 38 कमरों में रह रहे पुलिस कर्मी और उनके परिवार
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वर्ष 1994-1995 में 77.35 लाख की लागत से तैयार हुई थी बिल्डिंग
अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत ने एसपी को खाली कराने के लिए भेजा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। नगर के ठाकुरद्वार के पास करीब 77 लाख की लागत से बनाए गए बालिका छात्रा पर पुलिस और उनके परिवारों ने कब्जा कर रखा है। भवन के 50 कमरों में से 38 में पुलिसकर्मी और उनके परिवार रह रहे है। हैरानी की बात यह है कि कई पुलिसकर्मियों का यहां से स्थानांतरण हो चुका है, लेकिन उनके परिजन यहीं बसे है। अन्य कमरों को कुछ बाहरी लोगों ने अपना ठिकाना बना लिया है। वर्ष 1994-1995 में तैयार छात्रावास में कब्जे से हो रही राजस्व की हानि का हवाला देते हुए जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने एसपी को पत्र भेजकर भवन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है।
दिया सहारा तो कर लिया कब्जा
अपर मुख्य अधिकारी नईम अख्तर ने बताया कि छात्रावास के निर्माण के वक्त ग्रामीण अपनी बेटियों को यहां भेजने के लिए तैयार नहीं थे। कई साल तक छात्रावास खाली पड़ा रहा। इसी दौरान बड़ौत कोतवाली में बाहरी जनपदों से आए चार-पांच सिपाहियों को मानवता के नाते यहां रहने की अनुमति दी गई। मगर, इसके बाद यहां तैनात अन्य पुलिस कर्मियों ने भी छात्रावास के कमरों में कब्जा जमा लिया। अपने परिवारों को भी यहां रखने लगे। कई बार आला पुलिस अधिकारियों को नोटिस भेजे गए, लेकिन हल नहीं निकल सका है। एक बाद फिर पत्र भेजकर भवन खाली कराने की मांग की गई है।
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जांच टीम पहुंचते ही लग जाते है ताले
जब भी प्रशासन द्वारा गठित टीम यहां जांच करने के लिए गई, इससे हल ही कब्जा धारक अपने कमरों में ताले लगाकर चले जातेे। जो लोग वहां मिलते है, वो अपना नाम नहीं बताते है। इस कारण कार्रवाई अधूरी ही रही।
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26 लाख से अधिक की राजस्व हानि
जिला पंचायत की ओर से भेजे गए पत्र में यह भी बताया गया कि श्री वर्धमान जैन शिक्षा समिति बड़ौत को मासिक किराया 38300 रुपये दर से देने की स्वीकृति दी गई थी। पुलिस व अन्य लोगों के कब्जे के कारण अब तक 26 लाख 40 हजार 400 रुपये की हानि हो चुकी है।

मामला संज्ञान में नहीं, जल्द होगी कार्रवाई
उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो मामला गंभीर है। कहा कि यदि जिला पंचायत उनसे छात्रावास के भवन खाली कराने को लेकर सहयोग मांगी तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। - दुर्गेश मिश्र, एसडीएम।
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