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बुखार से नौ वर्षीय बच्ची की मौत
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बुखार से नौ वर्षीय बच्ची की मौत
चांदीनगर। क्षेत्र के रटौल और लहचौड़ा गांव में बुखार जानलेवा बनता जा रहा है। डेंगू और सामान्य बुखार की लोग चपेट में है। रटौल गांव में एक नौ वर्षीय बच्ची सना की बुखार के चलते मौत हो गई है। जबकि दर्जनों लोग बुखार की चपेट में है। बच्ची की मौत के बाद लोग दहशत में है।
बदलता मौसम लोगों के स्वास्थ्य बिगाड़ रहा है। लहचौड़ा गांव में अभी डेंगू बुखार की लोगों में पुष्टि हुई थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने यहां कैंप लगाकर लोगों के उपचार किए। रटौल गांव में भी डेंगू के साथ-साथ सामान्य बुखार के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। रविवार को बुखार के चलते एक रटौल निवासी अनीस की नौ वर्षीय पुत्री सना की मौत हो गई। वह निजी चिकित्सकों के यहां उपचार करा रहा था। तीन दिनों से बुखार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अनीस ने बताया की रविवार सुबह अचानक सना की तबियत खराब हो गई थी। उपचार को ले जाते समय दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बता दें एक माह पहले भी रटौल गांव में मोईन की तीन वर्षीय पुत्री माहिरा की बुखार के चलते मौत हो गयी थी। जबकि तीन माह पहले 50 वर्षीय कमलेश पत्नी ओमी की डेंगू बुखार के चलते मौत हो चुकी है। गांव में बुखार से हो रही मौत से गांव में लोगों में दहशत का माहौल है। लगातार गांव में हेल्थ कैंप लगाकर लोगों का उपचार करवाने की लोग मांग कर रहे है।
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निरंतर हो सफाई और लगे हेल्थ कैप
चांदीनगर। रटौल गांव के आरिफ, शहजाद, मतलबू, कपिल, महरबान, राजू, राजेश, सतीश ने बताया बुखार के कारण हाल खराब है। गांव में गंदगी के कारण यह हाल हो रहा। गांव में नियमित साफ-सफाई और एक माह तक निरंतर हेल्थ कैंप लगाने की मांग की है।
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चांदीनगर। क्षेत्र के रटौल और लहचौड़ा गांव में बुखार जानलेवा बनता जा रहा है। डेंगू और सामान्य बुखार की लोग चपेट में है। रटौल गांव में एक नौ वर्षीय बच्ची सना की बुखार के चलते मौत हो गई है। जबकि दर्जनों लोग बुखार की चपेट में है। बच्ची की मौत के बाद लोग दहशत में है।
बदलता मौसम लोगों के स्वास्थ्य बिगाड़ रहा है। लहचौड़ा गांव में अभी डेंगू बुखार की लोगों में पुष्टि हुई थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने यहां कैंप लगाकर लोगों के उपचार किए। रटौल गांव में भी डेंगू के साथ-साथ सामान्य बुखार के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। रविवार को बुखार के चलते एक रटौल निवासी अनीस की नौ वर्षीय पुत्री सना की मौत हो गई। वह निजी चिकित्सकों के यहां उपचार करा रहा था। तीन दिनों से बुखार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अनीस ने बताया की रविवार सुबह अचानक सना की तबियत खराब हो गई थी। उपचार को ले जाते समय दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बता दें एक माह पहले भी रटौल गांव में मोईन की तीन वर्षीय पुत्री माहिरा की बुखार के चलते मौत हो गयी थी। जबकि तीन माह पहले 50 वर्षीय कमलेश पत्नी ओमी की डेंगू बुखार के चलते मौत हो चुकी है। गांव में बुखार से हो रही मौत से गांव में लोगों में दहशत का माहौल है। लगातार गांव में हेल्थ कैंप लगाकर लोगों का उपचार करवाने की लोग मांग कर रहे है।
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निरंतर हो सफाई और लगे हेल्थ कैप
चांदीनगर। रटौल गांव के आरिफ, शहजाद, मतलबू, कपिल, महरबान, राजू, राजेश, सतीश ने बताया बुखार के कारण हाल खराब है। गांव में गंदगी के कारण यह हाल हो रहा। गांव में नियमित साफ-सफाई और एक माह तक निरंतर हेल्थ कैंप लगाने की मांग की है।
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