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पौधा लगाकर भूल गए सींचना
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 06 Jun 2017 12:29 AM IST
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हरियाली सिर्फ गमलों तक सिमटकर रह गई है। सार्वजनिक स्थलों पर प्रकृति के सौंदर्य को बढ़ाने वाले पेड़ों की संख्या रोज घट रही है। पालिका की ओर से पक्का घाट पर पौधरोपण में लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन जागरूकता और अदूरदर्शिता के अभाव में पौधे सूख गए हैं। पांच सौ से ज्यादा पेड़ लगाए थे, लेकिन मौके पर इनकी संख्या अब कम ही बची है।
प्रत्येक वर्ष हरियाली बचाने के लिए पौधरोपण किया जाता है। जैसे यह सिर्फ रस्म अदायगी ही बन गई है। जो पौधे पांच या दस साल पहले लगाए थे, वह अब तक पेड़ नहीं बनें। असल में यह पनपने से पहले ही उखाड़ दिए। पालिका ने यमुना के पक्का घाट पर करीब पांच सौ पौधे लगाए थे। मकसद था यहां हरियाली पैदा करना, ताकि पर्यावरण ठीक रहे।
यही नहीं शहर के सैकड़ों लोग सुबह-शाम यहां भ्रमण के लिए आते हैं, लेकिन पेड़ों की सुरक्षा के इंतजाम में कमी, लोगों में जागरूकता का अभाव के चलते अब कुछ ही पेड़ बचे हैं। पिछले दो साल में यहां तीन बार पौधरोपण हो चुका, लेकिन पेड़ नहीं बच सके। कभी जानवर तोड़ देते हैं, कभी बच्चे उखाड़ देते हैं।
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कुछ पौधों के पत्ते तो बकरियां तक चर गई। लोगों ने कहा देखरेख के अभाव में नुकसान होता है। नगर पालिका के अध्यक्ष राजूद्दीन एडवोकेट ने कहा पालिका ने बड़े स्तर पर पौधारोपण कराया। पक्का घाट पर हरियाली कायम करने का उद्देश्य था, लेकिन यहां कुछ लोगों ने इन्हें नुकसान पहुंचाया।
पालिका ने यहां कई बार पौधारोपण कराया। प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझें और पौधों की देखभाल करें तो हरियाणा छा सकती है। पुरानी तहसील मोहल्ले और गली नंबर छह में लोगों ने पेड़ों की देखभाल की और दूसरों के लिए प्रेरणा भी बनें। यहां पेड़ों की देखभाल का नतीजा यह निकला कि हरियाली साफ नजर आती है।
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प्रत्येक वर्ष हरियाली बचाने के लिए पौधरोपण किया जाता है। जैसे यह सिर्फ रस्म अदायगी ही बन गई है। जो पौधे पांच या दस साल पहले लगाए थे, वह अब तक पेड़ नहीं बनें। असल में यह पनपने से पहले ही उखाड़ दिए। पालिका ने यमुना के पक्का घाट पर करीब पांच सौ पौधे लगाए थे। मकसद था यहां हरियाली पैदा करना, ताकि पर्यावरण ठीक रहे।
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यही नहीं शहर के सैकड़ों लोग सुबह-शाम यहां भ्रमण के लिए आते हैं, लेकिन पेड़ों की सुरक्षा के इंतजाम में कमी, लोगों में जागरूकता का अभाव के चलते अब कुछ ही पेड़ बचे हैं। पिछले दो साल में यहां तीन बार पौधरोपण हो चुका, लेकिन पेड़ नहीं बच सके। कभी जानवर तोड़ देते हैं, कभी बच्चे उखाड़ देते हैं।
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कुछ पौधों के पत्ते तो बकरियां तक चर गई। लोगों ने कहा देखरेख के अभाव में नुकसान होता है। नगर पालिका के अध्यक्ष राजूद्दीन एडवोकेट ने कहा पालिका ने बड़े स्तर पर पौधारोपण कराया। पक्का घाट पर हरियाली कायम करने का उद्देश्य था, लेकिन यहां कुछ लोगों ने इन्हें नुकसान पहुंचाया।
पालिका ने यहां कई बार पौधारोपण कराया। प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझें और पौधों की देखभाल करें तो हरियाणा छा सकती है। पुरानी तहसील मोहल्ले और गली नंबर छह में लोगों ने पेड़ों की देखभाल की और दूसरों के लिए प्रेरणा भी बनें। यहां पेड़ों की देखभाल का नतीजा यह निकला कि हरियाली साफ नजर आती है।