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पटटा निरस्त होने तक किसान देंगे धरना
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खेकड़ा। पोकलेन मशीनें हटाए जाने के बावजूद सांकरौद गांव के किसानों का शनिवार को भी धरना जारी रहा। उनका कहना है कि अब वे रेत खनन का पट्टा निरस्त होने तक धरना जारी रखेंगे। धरने में आज कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
क्षेत्र के सांकरौद गांव के किसान रेत खनन ठेकेदार के खिलाफ आंदोलन छेडे़ हुए हैं। वे बीती ग्यारह दिसंबर से धरना दिए हुए हैं। प्रशासन ने इसे समाप्त कराने के लिए शुक्रवार को ठेकेदार की पोकलेन मशीनें यमुना खादर से हटवा दीं। इसके बावजूद किसानों ने धरना समाप्त नहीं किया। उनका कहना है कि ठेकेदार आवंटित पट्टे की आड़ में उनके खेतों से अवैध रेत खनन कराता है। उनके निजी रास्ते से वाहन निकलवाता है। जिससे उनकी फसलों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने रेत खनन का पट्टा निरस्त होने तक धरना जारी रखने की घोषणा की। यहां वेदपाल धामा, मनवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, प्रवीण, रामकृपाल, कालूराम, नरेश, रवींद्र, कर्मवीर सिंह, कालू, जगपाल सिंह, जयभगवान, रामपाल आदि किसान मौजूद रहे।
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क्षेत्र के सांकरौद गांव के किसान रेत खनन ठेकेदार के खिलाफ आंदोलन छेडे़ हुए हैं। वे बीती ग्यारह दिसंबर से धरना दिए हुए हैं। प्रशासन ने इसे समाप्त कराने के लिए शुक्रवार को ठेकेदार की पोकलेन मशीनें यमुना खादर से हटवा दीं। इसके बावजूद किसानों ने धरना समाप्त नहीं किया। उनका कहना है कि ठेकेदार आवंटित पट्टे की आड़ में उनके खेतों से अवैध रेत खनन कराता है। उनके निजी रास्ते से वाहन निकलवाता है। जिससे उनकी फसलों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने रेत खनन का पट्टा निरस्त होने तक धरना जारी रखने की घोषणा की। यहां वेदपाल धामा, मनवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, प्रवीण, रामकृपाल, कालूराम, नरेश, रवींद्र, कर्मवीर सिंह, कालू, जगपाल सिंह, जयभगवान, रामपाल आदि किसान मौजूद रहे।
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