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कम दामों पर अपनी जमीन नहीं देंगे किसान
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कम दामों पर अपनी जमीन नहीं देंगे किसान
बागपत। इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। अग्रवाल मंडी टटीरी और मवीकलां के बाद अब संतोषपुर और बाघू के ग्रामीण भी विरोध पर उतर आए हैं। दोनों गांवों के ग्रामीणों की रविवार को संयुक्त पंचायत हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के लिए जारी की गई अधिसूचना में आबादी की भूमि को भी सामान्य में दर्शाया गया है। कम रेट में किसान अपनी भूमि हरगिज नहीं देंगे।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। शासन ने भूमि का उचित मुआवजा घोषित नहीं किया। इसके अलावा आबादी की भूमि को सामान्य दर्शाया गया है। सभी ग्रामीणों की भूमि का अवार्ड एक ही रेट पर तय किया गया है। ऐसा करके किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। यदि रेट नहीं बढ़ाया तो कोई भी किसान अपनी जमीन नहीं देगा। पंचायत में रमन एडवोकेट, रमेश प्रधान, डॉ. कपिल, योगेश गुर्जर, महेश प्रधान, रोहताश, अशोक, विकास आदि किसान मौजूद रहे।
मवीकलां के ग्रामीणों ने दी है आंदोलन की चेतावनी
मवीकलां के ग्रामीणों का आरोप है कि आपत्तियों के निस्तारण के लिए भेजे गए नोटिस किसानों को बाद में मिले। अभी तक निशानदेही भी नहीं की गई। इससे किसानों में भ्रम की स्थिति है। 3डी की प्रक्रिया से पहले निशानदेही और खेतों तक जाने वाले रास्तों की व्यवस्था कराई जाए। पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की वजह से कई चकरोड बंद हो गई थीं। उनका अभी तक समाधान नहीं हुआ। मवीकलां में जमीन का सर्किल रेट 13500 रुपये वर्ग मीटर तथा बैनामे का 196500 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। जमीन का अधिग्रहण सर्किल रेट या बैनामे के आधार पर किया जाए।
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बागपत। इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। अग्रवाल मंडी टटीरी और मवीकलां के बाद अब संतोषपुर और बाघू के ग्रामीण भी विरोध पर उतर आए हैं। दोनों गांवों के ग्रामीणों की रविवार को संयुक्त पंचायत हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के लिए जारी की गई अधिसूचना में आबादी की भूमि को भी सामान्य में दर्शाया गया है। कम रेट में किसान अपनी भूमि हरगिज नहीं देंगे।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। शासन ने भूमि का उचित मुआवजा घोषित नहीं किया। इसके अलावा आबादी की भूमि को सामान्य दर्शाया गया है। सभी ग्रामीणों की भूमि का अवार्ड एक ही रेट पर तय किया गया है। ऐसा करके किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। यदि रेट नहीं बढ़ाया तो कोई भी किसान अपनी जमीन नहीं देगा। पंचायत में रमन एडवोकेट, रमेश प्रधान, डॉ. कपिल, योगेश गुर्जर, महेश प्रधान, रोहताश, अशोक, विकास आदि किसान मौजूद रहे।
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मवीकलां के ग्रामीणों ने दी है आंदोलन की चेतावनी
मवीकलां के ग्रामीणों का आरोप है कि आपत्तियों के निस्तारण के लिए भेजे गए नोटिस किसानों को बाद में मिले। अभी तक निशानदेही भी नहीं की गई। इससे किसानों में भ्रम की स्थिति है। 3डी की प्रक्रिया से पहले निशानदेही और खेतों तक जाने वाले रास्तों की व्यवस्था कराई जाए। पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की वजह से कई चकरोड बंद हो गई थीं। उनका अभी तक समाधान नहीं हुआ। मवीकलां में जमीन का सर्किल रेट 13500 रुपये वर्ग मीटर तथा बैनामे का 196500 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। जमीन का अधिग्रहण सर्किल रेट या बैनामे के आधार पर किया जाए।
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