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किसान जीत होने के बाद लौट रहे घर वापस
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किसान नेता बोले, सरकार पहले ही मांग मान लेती तो इतने दिन तक आंदोलन नहीं करना पड़ता
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कृषि कानून वापसी के साथ ही अन्य मांगों पर सहमति के बाद किसानों ने आंदोलन खत्म कर दिया है। इसके बाद किसानों ने घर वापसी शुरू कर दी है। इस पर किसान नेताओं का कहना है कि किसान जीतने के बाद घर लौट रहे है और सरकार पहले ही मांग मान लेती तो इतने दिन तक आंदोलन नहीं करना पड़ता।
संयुक्त किसान मोर्चे का फैसला सभी को मान्य है। कृषि कानून वापस होना किसानों की बड़ी जीत है। किसानों ने एकता दिखाई तो सरकार को हर मांग माननी पड़ी। जितेंद्र सिंह, धामा खाप चौधरी
सरकार की हठधर्मिता के कारण किसानों को एक वर्ष से ज्यादा तक आंदोलन करना पड़ा। सरकार से किसानों की अन्य मांगों पर भी सहमति बन गई है और उनको जल्द पूरा करना चाहिए। चौधरी गजेंद्र सिंह, किसान नेता
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सरकार अगर पहले ही कृषि कानून वापस ले लेती तो किसानों को आंदोलन करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। किसानों की एकता ने सरकार को सभी मांग मानने पर मजबूर किया है। महिपाल सिंह, जिलाध्यक्ष किसान संगठन
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सरकार ने किसानों की मांगें मानकर किसान हित में कार्य किया है। सरकार को पहले ही मांगें मान लेनी चाहिए थी। अब किसान अपनी फसलों पर ध्यान देंगे। चौधरी राजेंद्र सिंह
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किसानों की सभी मांगें मानी जाना बड़ी जीत है। सरकार अगर पहले ही मांगें मान लेती तो किसान आंदोलन करने के लिए विवश नहीं होते। नरेंद्र राठी, भाकियू नगर अध्यक्ष टीकरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कृषि कानून वापसी के साथ ही अन्य मांगों पर सहमति के बाद किसानों ने आंदोलन खत्म कर दिया है। इसके बाद किसानों ने घर वापसी शुरू कर दी है। इस पर किसान नेताओं का कहना है कि किसान जीतने के बाद घर लौट रहे है और सरकार पहले ही मांग मान लेती तो इतने दिन तक आंदोलन नहीं करना पड़ता।
संयुक्त किसान मोर्चे का फैसला सभी को मान्य है। कृषि कानून वापस होना किसानों की बड़ी जीत है। किसानों ने एकता दिखाई तो सरकार को हर मांग माननी पड़ी। जितेंद्र सिंह, धामा खाप चौधरी
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सरकार की हठधर्मिता के कारण किसानों को एक वर्ष से ज्यादा तक आंदोलन करना पड़ा। सरकार से किसानों की अन्य मांगों पर भी सहमति बन गई है और उनको जल्द पूरा करना चाहिए। चौधरी गजेंद्र सिंह, किसान नेता
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सरकार अगर पहले ही कृषि कानून वापस ले लेती तो किसानों को आंदोलन करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। किसानों की एकता ने सरकार को सभी मांग मानने पर मजबूर किया है। महिपाल सिंह, जिलाध्यक्ष किसान संगठन
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सरकार ने किसानों की मांगें मानकर किसान हित में कार्य किया है। सरकार को पहले ही मांगें मान लेनी चाहिए थी। अब किसान अपनी फसलों पर ध्यान देंगे। चौधरी राजेंद्र सिंह
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किसानों की सभी मांगें मानी जाना बड़ी जीत है। सरकार अगर पहले ही मांगें मान लेती तो किसान आंदोलन करने के लिए विवश नहीं होते। नरेंद्र राठी, भाकियू नगर अध्यक्ष टीकरी