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लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध किसानों ने किया हाईवे जाम
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बागपत के सरूरपुर गांव में हाईवे पर जाम लगाकर धरना-प्रदर्शन करते भाकियू तोमर के कार्यकर्ता।
- फोटो : BAGHPAT
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- भाकियू तोमर के नेतृत्व में सरूरपर कलां गांव में जाम किया गया नेशनल हाईवे, सड़क पर धरना देकर बैठे रहे
- पुलिस को वन-वे करना पड़ा ट्रैफिक, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध और विभिन्न मांगों को लेकर भाकियू तोमर गुट के नेतृत्व में किसानों ने बुधवार को सरूरपुर में नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। किसान धरना देकर नेशनल हाईवे पर ही बैठे रहे। इससे वाहनों की लाइन लगनी शुरू हो गई तो पुलिस ने ट्रैफिक वन-वे कराकर आवागमन कराया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया। भाकियू तोमर के पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
भाकियू तोमर गुट के पदाधिकारियों के साथ किसानों ने दिल्ली-यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर सरूरपुर में जाम लगा दिया। नेशनल हाईवे पर जाम लगाने से वाहनों की लाइन लगनी शुरू हो गई तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने किसानों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हाेंने हटने से इंकार कर दिया। इससे पुलिस ने नेशनल हाईवे को वन-वे करके ट्रैफिक को एक तरफ की सड़क से निकाला। भाकियू तोमर के जिलाध्यक्ष नीटू बोक्का ने कहा कि लखीमपुर खीरी में मरने वाले किसानों को शहीद का दर्जा दिया जाए तो उनके नाम से शहरी स्मारक बनवाए जाएं। इसके साथ ही किसानों पर गाड़ी चढ़ाने वाले के पिता अजय मिश्रा को मंत्री पद से बर्खास्त किया जाएं। इनके अलावा कृषि कानून रद्द करने, किसानों का कर्ज माफ करने, किसानों का बकाया गन्ना भुगतान ब्याज समेत दिलवाने, गन्ना भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल करने, बिजली की दर कम करने की मांग रखी गई। तहसीलदार प्रसून कश्यप को विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद ही किसानों ने जाम खोल दिया। इस दौरान सुभाष नैन, ऋषिपाल, राजेंद्र, इंद्रपाल सिंह, चंद्रहास, खिलारी, राकेश, बीरपाल, बिल्लू, सुभाष, प्रमोद, आशीष नैन, सन्नी चौधरी आदि मौजूद रहे।
जाम लगाने में महिलाएं भी रही शामिल
सरूरपुर में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर लगाए गए जाम में महिलाएं भी काफी संख्या में शामिल रही। अंजलि, कविता, संगीता, उर्मिला, सविता, कमलेश, ललतेश, गुलशाना आदि ने कहा कि सरकार को किसानों की मांगों को जल्द पूरा करना चाहिए। जब तक किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके अलावा कहा गया कि सरूरपुर में स्वास्थ्य केंद्र के पास माता का स्थान है जो हाईवे निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। उसके बाद से मलबे पर पूजा अर्चना की जाती है। उसको भी स्थापित कराने की मांग की गई।
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- पुलिस को वन-वे करना पड़ा ट्रैफिक, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध और विभिन्न मांगों को लेकर भाकियू तोमर गुट के नेतृत्व में किसानों ने बुधवार को सरूरपुर में नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। किसान धरना देकर नेशनल हाईवे पर ही बैठे रहे। इससे वाहनों की लाइन लगनी शुरू हो गई तो पुलिस ने ट्रैफिक वन-वे कराकर आवागमन कराया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब एक घंटे बाद जाम खुलवाया। भाकियू तोमर के पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
भाकियू तोमर गुट के पदाधिकारियों के साथ किसानों ने दिल्ली-यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर सरूरपुर में जाम लगा दिया। नेशनल हाईवे पर जाम लगाने से वाहनों की लाइन लगनी शुरू हो गई तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने किसानों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हाेंने हटने से इंकार कर दिया। इससे पुलिस ने नेशनल हाईवे को वन-वे करके ट्रैफिक को एक तरफ की सड़क से निकाला। भाकियू तोमर के जिलाध्यक्ष नीटू बोक्का ने कहा कि लखीमपुर खीरी में मरने वाले किसानों को शहीद का दर्जा दिया जाए तो उनके नाम से शहरी स्मारक बनवाए जाएं। इसके साथ ही किसानों पर गाड़ी चढ़ाने वाले के पिता अजय मिश्रा को मंत्री पद से बर्खास्त किया जाएं। इनके अलावा कृषि कानून रद्द करने, किसानों का कर्ज माफ करने, किसानों का बकाया गन्ना भुगतान ब्याज समेत दिलवाने, गन्ना भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल करने, बिजली की दर कम करने की मांग रखी गई। तहसीलदार प्रसून कश्यप को विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद ही किसानों ने जाम खोल दिया। इस दौरान सुभाष नैन, ऋषिपाल, राजेंद्र, इंद्रपाल सिंह, चंद्रहास, खिलारी, राकेश, बीरपाल, बिल्लू, सुभाष, प्रमोद, आशीष नैन, सन्नी चौधरी आदि मौजूद रहे।
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जाम लगाने में महिलाएं भी रही शामिल
सरूरपुर में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर लगाए गए जाम में महिलाएं भी काफी संख्या में शामिल रही। अंजलि, कविता, संगीता, उर्मिला, सविता, कमलेश, ललतेश, गुलशाना आदि ने कहा कि सरकार को किसानों की मांगों को जल्द पूरा करना चाहिए। जब तक किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके अलावा कहा गया कि सरूरपुर में स्वास्थ्य केंद्र के पास माता का स्थान है जो हाईवे निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। उसके बाद से मलबे पर पूजा अर्चना की जाती है। उसको भी स्थापित कराने की मांग की गई।
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