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Exclusive: सुरक्षित सफर, छेड़छाड़ जीरो न अब कोई डर, सर्वे में हुआ खुलासा, साल भर में दर्ज हुआ एक मुकदमा

Wed, 05 Oct 2022 04:28 PM IST
Dimple Sirohi मुकेश पंवार, अमर उजाला, बागपत
मुकेश पंवार, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 05 Oct 2022 04:28 PM IST
सार

रेलवे बोर्ड के निर्देश पर बागपत में RPF व GRP द्वारा कराए गए एक सर्वे में सामने आया है कि रेल का सफर महिलाओं के लिए सुरक्षित है। सर्वे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 650 महिलाओं से बातचीत की गई। यही नहीं एक साल में मात्र एक महिला मुकदमा दर्ज हुआ है।

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Exclusive: only one case ragisterd in GRP in One year, Safe travel for woman, zero tampering
जीआरपी में साल भर में दर्ज हुआ केवल एक मुकदमा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बागपत की महिलाओं को अब ट्रेनों में अकेले सफर करने से डर नहीं लगता है। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि ट्रेन का सफर अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के मुकाबले सबसे अधिक सुरक्षित है। जीआरपी थाने का रिकॉर्ड भी इसका गवाह है। 

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रेलवे के अनुसार मुरादाबाद अनुभाग अंतर्गत 12 थाने आते हैं। ट्रेन में महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे बोर्ड के निर्देश पर आरपीएफ व जीआरपी ने गत अप्रैल से सिंतबर तक संयुक्त रूप से दिल्ली-सहारनपुर रेल मार्ग, गाजियाबाद-बरेली-सहारनपुर-मुजफ्फरनगर-दिल्ली रूट पर चलने वाली ट्रेनों में सफर करने वाली महिलाओं के बारे में सर्वे किया। इसमें विभिन्न ट्रेनों में एसी से लेकर स्लीपर व सामान्य कोच में यात्रा करने वाली 650 महिलाओं को शामिल किया गया।

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सर्वे के तहत आरपीएफ स्क्वायड को ट्रेनों में सफर करने वाली महिला यात्रियों से फॉर्म भरवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सर्वे फार्म में दस बिंदुओं पर सवाल पूछे गए। इनका जवाब सिर्फ हां या ना में देना था। साथ ही रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए अंक भी देने का फॉर्म में अनुरोध किया। इसमें 90 प्रतिशत महिला यात्रियों ने दस में से दस अंक दिए। पांच फीसदी ने 7 और 5 फीसदी ने 5 से 4 के बीच में अंक प्रदान किए। 

एक साल में दर्ज हुआ मात्र एक मुकदमा
जीआरपी इंस्पेक्टर रणजीत सिंह ने बताया कि दिल्ली-सहानपुर रेल मार्ग पर करीब 26 अप-डाउन ट्रेन संचालित हैं। बताया कि एक साल में मात्र एक मुकदमा महिला संबंधी दर्ज हुआ है।

जीआरपी सीओ धर्मेंद्र यादव ने बताया कि रेलवे बोर्ड के निर्देश पर गत अप्रैल से सितंबर तक संयुक्त रूप से किए सर्वे में महिलाओं ने सुरक्षा को लेकर पॉटिजिव पक्ष रखा। अब महिलाएं ट्रेनों में सुरक्षित सफर कर रही हैं। हर समय ट्रेन में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जीआरपी वर्दी व सादी वर्दी में तैनात रहती है। 

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Exclusive: only one case ragisterd in GRP in One year, Safe travel for woman, zero tampering
सर्वे करती पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला

फीडबैक फॉर्म में पूछे गए ये सवाल
- किसी भी प्रकार की असुविधा में सुरक्षाकर्मियों की तत्परता कैसी रही।
- बर्थ के भीतर सामान को सुरक्षित तरीके से बांधने के लिए तार था या नहीं।
- सुरक्षाकर्मियों का वार्तालाप और यूनिफार्म ठीक था या नहीं।
-क्या आपने यात्रा के दौरान खुद को सुरक्षित महसूस किया।
- क्या आपने यात्रा के दौरान किसी सुरक्षाकर्मी को तैनात देखा।
- क्या जीआरपी/आरपीएफ के पास शिकायत पत्र मौजूद है।
- क्या ट्रेन में कोई अवैध वेंडर या संदिग्ध व्यक्ति दिखा।
- सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेलवे को कितने अंक देंगे।

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