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डिवाइडर बनाना भी नहीं आया काम, रोज लग रहा जाम
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बड़ौत में नेहरू मूर्ति के पास डिवाइड़र के दोनों ओर खड़ी कारें।
- फोटो : BARAUT
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रोजाना 15 फीसदी प्रभावित हो रहा नगर का कारोबार
जाम की समस्या दूर करने के लिए 50 लाख से अधिक की लागत से बनाएं गए थे डिवाइडर
बड़ौत। करीब 50 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन जाम खत्म न करा सकी। डिवाइडर बनाकर रास्ते की सुंदरता और जाम की समस्या दूर करने का दावा धरा रह गया। नतीतन जाम और अतिक्रमण के चलते नगर में रोजाना 15 फीसदी कारोबार प्रभावित हो रहा है।
नगर पालिका प्रशासन ने बड़े शहरों की तर्ज पर वर्ष 2016-2017 में लगभग 50 लाख की लागत से डिवाइडर बनाया था। मगर, इतना सब कुछ करने के बाद भी पालिका प्रशासन सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाना भूल गई। अतिक्रमण न हटने की वजह से और डिवाइडर के दोनों ओर वाहन खड़ा होने से नगर की सड़के पहले भी ज्यादा संकरी हो गई है। इसकी वजह से यहां पर दिन भर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।
डिवाइडर बनाकर ठीक किया पर अतिक्रमण भी हटाओ
अंकुर जैन का कहना है कि नगर में डिवाइडर बनाए गए है। यह काम बेहतर किया है, लेकिन रोड साइड से अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। इसकी वजह से लोगों को दिक्कत हो रही है।
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ललित जैन का कहना है कि अगर सड़क पर डिवाइडर ही बनाना था तो पहले रोड से अतिक्रमण को हटाना चाहिए था। तब लोगों को इसका फायदा मिलता। अब डिवाइडर की वजह से जाम लगने लगा है।
अक्षय जैन ने कहा कि नगर पालिका को चाहिए कि वह पहले रोड से अतिक्रमण को हटाए। उसके बाद शहर में विकास कार्य कराए। इस प्रकार के काम करने से जनता की दिक्कत और बढ़ेगी।
अनुज जैन का कहना है कि अधिकारियों को धरातल पर काम करने की जरूरत है। अगर बड़े शहरों की तर्ज पर शहर को विकसित करना है तो पहले यहां पर स्थानीय स्तर पर इसकी तैयारी करनी चाहिए थी।
बड़ौत नगर मेें स्थित बैंक शाखाओं के अनुसार नगर में रोजाना तकरीबन चार से पांच करोड़ का कारोबार होता है। मगर, जाम और डिवाइडर के दोनों ओर वाहन खड़ा होने के कारण प्रतिदिन 15 फीसदी कारोबार प्रभावित हो रहा है। इससे व्यापारी व दुुकानदार परेशान है। - अरुण तोमर बोबी, जिलाध्यक्ष, उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
नगर में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं रहने दिया जाएगा। चुनाव के बाद सड़क किनारे के कब्जे जल्द ही चिह्नित कर पूरी तरह से हटवा दिए जाएंगे। - अनुज कौशिक, ईओ, नगर पालिका
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जाम की समस्या दूर करने के लिए 50 लाख से अधिक की लागत से बनाएं गए थे डिवाइडर
बड़ौत। करीब 50 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन जाम खत्म न करा सकी। डिवाइडर बनाकर रास्ते की सुंदरता और जाम की समस्या दूर करने का दावा धरा रह गया। नतीतन जाम और अतिक्रमण के चलते नगर में रोजाना 15 फीसदी कारोबार प्रभावित हो रहा है।
नगर पालिका प्रशासन ने बड़े शहरों की तर्ज पर वर्ष 2016-2017 में लगभग 50 लाख की लागत से डिवाइडर बनाया था। मगर, इतना सब कुछ करने के बाद भी पालिका प्रशासन सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाना भूल गई। अतिक्रमण न हटने की वजह से और डिवाइडर के दोनों ओर वाहन खड़ा होने से नगर की सड़के पहले भी ज्यादा संकरी हो गई है। इसकी वजह से यहां पर दिन भर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।
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डिवाइडर बनाकर ठीक किया पर अतिक्रमण भी हटाओ
अंकुर जैन का कहना है कि नगर में डिवाइडर बनाए गए है। यह काम बेहतर किया है, लेकिन रोड साइड से अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। इसकी वजह से लोगों को दिक्कत हो रही है।
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ललित जैन का कहना है कि अगर सड़क पर डिवाइडर ही बनाना था तो पहले रोड से अतिक्रमण को हटाना चाहिए था। तब लोगों को इसका फायदा मिलता। अब डिवाइडर की वजह से जाम लगने लगा है।
अक्षय जैन ने कहा कि नगर पालिका को चाहिए कि वह पहले रोड से अतिक्रमण को हटाए। उसके बाद शहर में विकास कार्य कराए। इस प्रकार के काम करने से जनता की दिक्कत और बढ़ेगी।
अनुज जैन का कहना है कि अधिकारियों को धरातल पर काम करने की जरूरत है। अगर बड़े शहरों की तर्ज पर शहर को विकसित करना है तो पहले यहां पर स्थानीय स्तर पर इसकी तैयारी करनी चाहिए थी।
बड़ौत नगर मेें स्थित बैंक शाखाओं के अनुसार नगर में रोजाना तकरीबन चार से पांच करोड़ का कारोबार होता है। मगर, जाम और डिवाइडर के दोनों ओर वाहन खड़ा होने के कारण प्रतिदिन 15 फीसदी कारोबार प्रभावित हो रहा है। इससे व्यापारी व दुुकानदार परेशान है। - अरुण तोमर बोबी, जिलाध्यक्ष, उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
नगर में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं रहने दिया जाएगा। चुनाव के बाद सड़क किनारे के कब्जे जल्द ही चिह्नित कर पूरी तरह से हटवा दिए जाएंगे। - अनुज कौशिक, ईओ, नगर पालिका