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Baghpat News: ऊर्जा निगम के चीफ की भाषा शैली पर कर्मचारियों ने उठाए सवाल
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-खुद को बलिदान करने की बात कहने पर निंदा की
बड़ौत। राजस्व वसूली का लक्ष्य हासिल करने को लेकर लगातार विभागीय अफसरों का रैवया सख्त होता जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारी राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा कराने के चक्कर में अपनी भाषा शैली भी भूल गए हैं। उन्होंने चीफ द्वारा खुद को बलिदान किए जाने की बात की निंदा की।
ऊर्जा निगम लगातार राजस्व वसूली का लक्ष्य हासिल करने को लेकर कर्मचारियों व अधिकारियों पर शिकंजा कस रहा है। जहां हाल ही में एमडी के निर्देशों पर विभागीय कामों में लापरवाही व राजस्व वसूली में रुचि न लेने पर एक्सईएन प्रथम दुर्गेश कुमार जयसवाल को निलंबित कर दिया गया था। वहीं अब सहायक अभियंता, अवर अभियंता सहित अन्य कर्मचारियों को अधिक से अधिक राजस्व वसूली करने का दवाब बनाया जा रहा है। कर्मचारियों ने नाम ने छापने की शर्त पर बताया कि हाल ही में वीडियो कॉल के माध्यम से ऊर्जा निगम के चीफ रघुवेन्द्र ने कर्मचारियों को कहा है कि खुद को बलिदान कर दो। चीफ की भाषा शैली गलत रहीं, हम इसकी निंदा करते हैं। कहा कि हमारा परिवार है, नियमानुसार ड्यूटी कर रहे हैं, फिर भी इस तरह की भाषाशैली, यह बर्दास्त नहीं की जाएगी।
वर्जन-- -
मैंने इस तरह की भाषाशैली का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया है, मैंने तो कहा था कि आलस्य का बलिदान कर दो, मैं खुद रात्रि 11 बजे और सुबह 8 बजे से काम करना शुरू कर देता हूं। आरोप गलत है। कर्मचारियों को एकजुट होकर विभाग हित में काम करना चाहिए।- रघुवेन्द्र चीफ बिजली विभाग मेरठ।
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बड़ौत। राजस्व वसूली का लक्ष्य हासिल करने को लेकर लगातार विभागीय अफसरों का रैवया सख्त होता जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारी राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा कराने के चक्कर में अपनी भाषा शैली भी भूल गए हैं। उन्होंने चीफ द्वारा खुद को बलिदान किए जाने की बात की निंदा की।
ऊर्जा निगम लगातार राजस्व वसूली का लक्ष्य हासिल करने को लेकर कर्मचारियों व अधिकारियों पर शिकंजा कस रहा है। जहां हाल ही में एमडी के निर्देशों पर विभागीय कामों में लापरवाही व राजस्व वसूली में रुचि न लेने पर एक्सईएन प्रथम दुर्गेश कुमार जयसवाल को निलंबित कर दिया गया था। वहीं अब सहायक अभियंता, अवर अभियंता सहित अन्य कर्मचारियों को अधिक से अधिक राजस्व वसूली करने का दवाब बनाया जा रहा है। कर्मचारियों ने नाम ने छापने की शर्त पर बताया कि हाल ही में वीडियो कॉल के माध्यम से ऊर्जा निगम के चीफ रघुवेन्द्र ने कर्मचारियों को कहा है कि खुद को बलिदान कर दो। चीफ की भाषा शैली गलत रहीं, हम इसकी निंदा करते हैं। कहा कि हमारा परिवार है, नियमानुसार ड्यूटी कर रहे हैं, फिर भी इस तरह की भाषाशैली, यह बर्दास्त नहीं की जाएगी।
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मैंने इस तरह की भाषाशैली का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया है, मैंने तो कहा था कि आलस्य का बलिदान कर दो, मैं खुद रात्रि 11 बजे और सुबह 8 बजे से काम करना शुरू कर देता हूं। आरोप गलत है। कर्मचारियों को एकजुट होकर विभाग हित में काम करना चाहिए।- रघुवेन्द्र चीफ बिजली विभाग मेरठ।
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