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फाल्ट होने पर बिजलीघर पर नहीं मिलते कर्मचारी
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जर्जर लाइन होने से ग्रामीणों व किसानों को हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। विद्युत उपकेंद्र निरपुड़ा की लाइन में रात्रि में फाल्ट होने पर उसे दुरुस्त करने के लिए कर्मचारी नहीं मिलते हैं। इससे किसानों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निरपुड़ा के उपकेंद्र से निरपुड़ा, भडल, धनौरा गांव को विद्युत सप्लाई हो रही है। बिजलीघर पर आठ लाइनमैन, चार एसएससी, एक जेई, एक अन्य कर्मचारी तैनात है। इनके अतिरिक्त आठ कर्मचारी ठेके पर लगाए गए हैं। बिजलीघर की लाइन जर्जर हो गई है। जिससे आए दिन टूटी रहती है। विद्युत लाइन टूटने से क्षेत्र के कई किसानों की फसल जल चुकी है। वहीं, केंद्र पर रात्रि में कर्मचारियों की तैनाती नहीं है। जिस कारण रात में फाल्ट आने पर ग्रामीणों को परेशानी से जूझना पड़ता है। केंद्र के प्रभारी अवर अभियंता राजीव कुमार का कहना है कि जर्जर लाइन बड़ी समस्या है। खराब इंसुलेटर और तारों को बदला जाए तो विद्युत सप्लाई सुंचारू की जा सकती है। किसान सतेंद्र राणा का कहना है कि जर्जर लाइन होने के कारण दुर्घटना का डर रहता है। लाइन बदलवाने के लिए कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, मगर समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। विद्युत उपकेंद्र निरपुड़ा की लाइन में रात्रि में फाल्ट होने पर उसे दुरुस्त करने के लिए कर्मचारी नहीं मिलते हैं। इससे किसानों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निरपुड़ा के उपकेंद्र से निरपुड़ा, भडल, धनौरा गांव को विद्युत सप्लाई हो रही है। बिजलीघर पर आठ लाइनमैन, चार एसएससी, एक जेई, एक अन्य कर्मचारी तैनात है। इनके अतिरिक्त आठ कर्मचारी ठेके पर लगाए गए हैं। बिजलीघर की लाइन जर्जर हो गई है। जिससे आए दिन टूटी रहती है। विद्युत लाइन टूटने से क्षेत्र के कई किसानों की फसल जल चुकी है। वहीं, केंद्र पर रात्रि में कर्मचारियों की तैनाती नहीं है। जिस कारण रात में फाल्ट आने पर ग्रामीणों को परेशानी से जूझना पड़ता है। केंद्र के प्रभारी अवर अभियंता राजीव कुमार का कहना है कि जर्जर लाइन बड़ी समस्या है। खराब इंसुलेटर और तारों को बदला जाए तो विद्युत सप्लाई सुंचारू की जा सकती है। किसान सतेंद्र राणा का कहना है कि जर्जर लाइन होने के कारण दुर्घटना का डर रहता है। लाइन बदलवाने के लिए कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, मगर समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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