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सरकार ने हठधर्मिता नहीं छोड़ी, तो 26 जनवरी को राजपथ पर होगा किसानों का कब्जा : नरेश टिकैत
Thu, 07 Jan 2021 09:50 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 07 Jan 2021 09:50 PM IST
सार
भाकियू अध्यक्ष बोले, जो कानून किसानों को मंजूर नहीं, वह थोपने पर क्योें अड़ी सरकार
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भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने हठधर्मिता नहीं छोड़ी तो 26 जनवरी को राजपथ पर किसान-मजदूरों का कब्जा होगा। तिरंगे को शान से लहराते हुए किसान राजपथ से ट्रैक्टरों पर सवार होकर गुजरेंगे। भलाई का नाम लेकर सरकार किसानों को बर्बाद करना चाहती है।
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दोघट कस्बे में भाकियू नेता राजेंद्र चौधरी के आवास पर भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में देश के कोने-कोने से किसान दिल्ली के बॉर्डर पर धरना देकर बैठे हैं, लेकिन सरकार हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। खुद किसान जिस कानून को नहीं चाहते हैं, उसे जबरन सरकार क्यों थोपना चाह रही है।
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इससे सरकार की मंशा साफ झलकती है। यदि सरकार कृषि कानून वापस नहीं लेती है तो किसान 26 जनवरी को दिल्ली में रैली निकालेंगे। इसके अलावा सरकार आंदोलन के दौरान मृत किसानों को शहीद का दर्जा दे, उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह, राजेन्द्र चौधरी, बसंत तोमर, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।
नांगल में गल्तान सिंह को दी श्रद्धांजलि
मौजिजाबाद नांगल गांव में किसान गल्तान सिंह की शोकसभा हुई। राजनीतिक, गैर राजनीतिक लोगों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। किसानों ने कहा कि सरकार कृषि कानून वापस ले, तभी किसान धरने से उठेंगे। इसके लिए चाहे कितनी ही कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
शोक सभा में भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह, चौहान खाप चौधरी विवेक चौहान, रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर गठीना, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, बसंत तोमर, गौरव तोमर, नीरज पंडित, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी रामकुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष सतपाल पथोलिया, कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व कमिश्नर बेगराज सिंह, ओमप्रकाश पंवार, राजपाल शास्त्री, प्रहलाद सिंह, राजेंद्र चौधरी, बिजेन्द्र सिह, धर्मेंद्र राठी, गौरव राठी, पवेंद्र मुखिया आदि ने श्रद्धांजलि दी। किसानों ने कहा कि कृषि कानून के विरोध में चल रहे धरने में गल्तान सिंह समेत 70 किसान शहीद हो चुके है, लेकिन सरकार अपनी हठधर्मिता के कारण जबरन काले कानूनों को थोपने पर अड़ी है।