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इकोनमिक कॉरिडोर के बनने से बागपत के विकास को पंख लगने की उम्मीद
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दिल्ली-देहरादून इकनोमिक कॉरिडोर का फाइल फोटो
- फोटो : BAGHPAT
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दिल्ली-देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर के लिए बागपत के करीब 2500 किसानों की जमीन की गई अधिगृहीत
जिले के कई कस्बों के पास से गुजरेगा इकोनोमिक कॉरिडोर, शिलान्यास होने से जल्द बनने की उम्मीद जागी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनोमिक कॉरिडोर का देहरादून में प्रधानमंत्री ने शिलान्यास किया। उसके जल्द बनने की उम्मीद जागी है। इस आर्थिक गलियारे से बागपत के विकास को पंख लगने की उम्मीद है। यह कॉरिडोर कई गांवों के साथ कस्बों के पास से निकलेगा। वहीं, कॉरिडोर का शिलान्यास होने के साथ ही पहले ही दिन पंद्रह किसान मुआवजे के लिए पहुंचे। इससे प्रशासन ने जल्द मुआवजा बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनमिक कॉरिडोर के लिए बागपत के 27, मुजफ्फरनगर के सात, शामली के 22, सहारनपुर के 25 गांव की 1100 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। यह जमीन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से सहारनपुर तक है। जिसमें बागपत के करीब 2500 किसानों की 350 हेक्टेयर जमीन शामिल है। आर्थिक गलियारे का शनिवार को प्रधानमंत्री ने शिलान्यास किया। यह बागपत मुख्यालय से पांच किमी दूर अग्रवाल मंडी टटीरी कस्बे के साथ टीकरी कस्बे के पास से होकर निकला जाएगा। इस कॉरिडोर से सीधे दिल्ली जा सकेंगे। वहीं, देहरादून जाने में वक्त भी कम लगेगा। उम्मीद है कि यहां उद्योग-धंधे बढ़ सकते हैं। यह भविष्य में बागपत के लिए काफी बेहतर हो सकता है।
पहले ही दिन करीब 15 किसान मुआवजे को पहुंचे
आर्थिक गलियारे के लिए अधिगृहीत जमीन के मुआवजे को लेकर शुरू में विवाद हुआ तो अन्य कई मांग किसान कर रहे हैं। जिनमें किसान का खेत कॉरिडोर के कारण दो हिस्से में बंट गए। उनमें जाने के लिए सर्विस रोड व अंडरपास बनवाने की मांग शामिल है। सिंचाई की व्यवस्था की मांग की जा रही है। इस कारण अभी तक केवल पांच किसानों ने मुआवजा लिया था। इसका शिलान्यास होते ही पंद्रह किसान मुआवजे के लिए पहुंच गए। जिनकी फाइल पूरी करके अगले सप्ताह में मुआवजा दिया जाएगा। अन्य किसान पहुंचने से भी मुआवजा अगले सप्ताह देने की बात कही जा रही है।
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जिन किसानों की जमीन आर्थिक गलियारे में आई है। उनमें से करीब पंद्रह की फाइल मुआवजे के लिए तैयार की गई है। उनका मुआवजा जारी हो जाएगा। अन्य कोई भी किसान मुआवजा लेने आता है तो उसको मुआवजा जारी कर दिया जाएगा।-अमित कुमार, एडीएम
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जिले के कई कस्बों के पास से गुजरेगा इकोनोमिक कॉरिडोर, शिलान्यास होने से जल्द बनने की उम्मीद जागी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनोमिक कॉरिडोर का देहरादून में प्रधानमंत्री ने शिलान्यास किया। उसके जल्द बनने की उम्मीद जागी है। इस आर्थिक गलियारे से बागपत के विकास को पंख लगने की उम्मीद है। यह कॉरिडोर कई गांवों के साथ कस्बों के पास से निकलेगा। वहीं, कॉरिडोर का शिलान्यास होने के साथ ही पहले ही दिन पंद्रह किसान मुआवजे के लिए पहुंचे। इससे प्रशासन ने जल्द मुआवजा बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनमिक कॉरिडोर के लिए बागपत के 27, मुजफ्फरनगर के सात, शामली के 22, सहारनपुर के 25 गांव की 1100 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। यह जमीन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से सहारनपुर तक है। जिसमें बागपत के करीब 2500 किसानों की 350 हेक्टेयर जमीन शामिल है। आर्थिक गलियारे का शनिवार को प्रधानमंत्री ने शिलान्यास किया। यह बागपत मुख्यालय से पांच किमी दूर अग्रवाल मंडी टटीरी कस्बे के साथ टीकरी कस्बे के पास से होकर निकला जाएगा। इस कॉरिडोर से सीधे दिल्ली जा सकेंगे। वहीं, देहरादून जाने में वक्त भी कम लगेगा। उम्मीद है कि यहां उद्योग-धंधे बढ़ सकते हैं। यह भविष्य में बागपत के लिए काफी बेहतर हो सकता है।
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पहले ही दिन करीब 15 किसान मुआवजे को पहुंचे
आर्थिक गलियारे के लिए अधिगृहीत जमीन के मुआवजे को लेकर शुरू में विवाद हुआ तो अन्य कई मांग किसान कर रहे हैं। जिनमें किसान का खेत कॉरिडोर के कारण दो हिस्से में बंट गए। उनमें जाने के लिए सर्विस रोड व अंडरपास बनवाने की मांग शामिल है। सिंचाई की व्यवस्था की मांग की जा रही है। इस कारण अभी तक केवल पांच किसानों ने मुआवजा लिया था। इसका शिलान्यास होते ही पंद्रह किसान मुआवजे के लिए पहुंच गए। जिनकी फाइल पूरी करके अगले सप्ताह में मुआवजा दिया जाएगा। अन्य किसान पहुंचने से भी मुआवजा अगले सप्ताह देने की बात कही जा रही है।
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जिन किसानों की जमीन आर्थिक गलियारे में आई है। उनमें से करीब पंद्रह की फाइल मुआवजे के लिए तैयार की गई है। उनका मुआवजा जारी हो जाएगा। अन्य कोई भी किसान मुआवजा लेने आता है तो उसको मुआवजा जारी कर दिया जाएगा।-अमित कुमार, एडीएम