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होर्डिंग लगाने में दबंगई, मकान मालिक परेशान

Sun, 03 Oct 2021 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Oct 2021 11:36 PM IST
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Domination in putting up hoardings, landlord upset
बागपत के यमुना रोड पर लगा होर्डिंग - फोटो : BAGHPAT
बागपत/बड़ौत। नगर व गांवों में होर्डिंग लगाने में पूरी दबंगई हो रही है। नगर पालिका व पंचायत से अनुमति भी नहीं ली जाती तो होर्डिंग लगाने के लिए मकान मालिकों को जानकारी तक नहीं दी जाती है। सड़कों के किनारों वाले मकानों की दीवारों पर रात को होर्डिंग लगा दिए जाते है। मकान मालिक उनको हटाने के लिए कहते है तो कोई सुनवाई नहीं होती। बागपत, बड़ौत, खेकड़ा क्षेत्र में करीब 1700 मकानों पर इस तरह ही होर्डिंग व बोर्ड लगाए गए है।
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होर्डिंग लगाने वाले किस तरह से दबंगई करते है, यह उन मकानों के मालिक साफ बताते है जिनपर बिना अनुमति के होर्डिंग लगाए गए है। नगर से लेकर गांव तक उन मकानों को चिह्नित किया जाता है जो सड़कों के किनारे होते है। इन पर रात को होर्डिंग लगा दिए जाते है। इनमें सबसे ज्यादा राजनीतिक पार्टियों के होर्डिंग रहते है। जब कई मकान मालिकों से बात की गई और मकानों पर होर्डिंग लगाए जाने के बारे में पूछा गया तो सभी ने बिना अनुमति के होर्डिंग लगाने की बात बताई। इसके साथ ही यहां तक बताया कि एक-दो बार फोन करके होर्डिंग हटाने के लिए कहा, लेकिन उसके बाद भी नहीं हटाया गया। इससे उनके मकान की सुंदरता खत्म हो रही है।
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लोगों में जागरूकता का अभाव भी बड़ा कारण
लोगों में जागरूकता का अभाव के कारण भी मकानों पर बिना अनुमति के होर्डिंग व बोर्ड लगाए गए है। लोगों को यह जानकारी नहीं है कि अगर उनके मकान पर कोई बिना अनुमति के होर्डिंग लगाता है तो उनको किस जगह पर शिकायत करनी है। जबकि इस तरह से बिना अनुमति के मकान पर होर्डिंग लगाने पर नगर पालिका, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के पास शिकायत की जा सकती है।
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अवैध होर्डिंग लगने पर मकान मालिक भी जिम्मेदार
नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार किसी के मकान पर होर्डिंग लगा मिलता है और उसके लिए नगर पालिका व पंचायत से अनुमति नहीं है तो उसके लिए मकान मालिक भी जिम्मेदार माना जाता है। ऐसे में जुर्माना की कार्रवाई मकान मालिक पर भी हो सकती है। इसलिए अगर कोई जुर्माना की कार्रवाई से बचना चाहता है तो उसे अवैध होर्डिंग लगाते ही उसकी शिकायत नगर पालिका व अन्य अधिकारियों के पास करनी चाहिए। क्योंकि अवैध रूप से होर्डिंग लगाए जाने पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना व छह साल तक की सजा का प्रावधान है।
यह होता है मकान पर होर्डिंग व बोर्ड लगाने का नियम
किसी भी मकान पर होर्डिंग व बोर्ड लगाने के लिए नियम बनाए गए है। जिसमें अगर कोई मकान मालिक खुद होर्डिंग व बोर्ड लगाता है तो उसको नगर पालिका से अनुमति लेनी होगी। अगर कोई इसका व्यवसाय करता है तो उसे पहले नगर पालिका से अनुमति लेनी होगी और मकान मालिक का सहमति पत्र भी लेना होगा। अब वह सहमति पत्र किराया के आधार पर भी हो सकता है या ऐसे ही कोई अपनी दीवार पर होर्डिंग लगाने की अनुमति दे सकता है। लेकिन यह सभी कानूनी रूप से लिखित में होना जरूरी है।
मेरे घर की दीवार पर कब बैनर लगा दिया गया, उसके बारे में पता ही नहीं लगा। इसके लिए मुझसे बात तक नहीं की गई और यह सुबह को लगा मिला। इसपर लिखे नंबर पर फोन करके हटाने के लिए कहा, लेकिन उसके बाद भी नहीं हटाया गया। - इरफान बेग, मुगलपुरा बागपत
बागपत में राष्ट्र वंदना चौक पर मेरा होटल है। होटल के पास होर्डिंग व बैनर लगाकर पूरी रह से ढ़क दिया गया, जिससे काफी परेशानी होती है। लोगों को होटल दिखाई नहीं देता है। इसके बारे में कई बार नगर पालिका में शिकायत की गई, लेकिन उसके बाद भी नहीं हटवाया गया। - श्याम अरोड़ा, राष्ट्र वंदना चौक बागपत
मकान पर कुछ दिन पहले ही रंग कराया गया था, लेकिन आए दिन कोई न कोई होर्डिंग व बैनर मकान की दीवार पर लगा मिलता है। कई बार होर्डिंग व बैनर को हटा भी दिया जाता है, लेकिन इसके बाद भी लोग बाज नहीं आते। - विनीत मलिक, बिजरौल
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर कालोनी सटी हुई है, इसलिए लोग अपने प्रचार-प्रसार के लिए आए दिन होर्डिंग व बैनर लगा देते है। इससे मकान की सुंदरता खत्म हो जाती है। होर्डिंग हटवाने के लिए कई बार फोन भी किया, लेकिन उसके बाद भी नहीं हटाए जाते है। पूरी तरह से दबंगई दिखाई जाती है। - सुमित तोमर, शताब्दी नगर बड़ौत

हमारे पास मकान पर बिना अनुमति के होर्डिंग या बैनर लगाने की शिकायत आती है तो उसपर कार्रवाई की जाती है। किसी को समस्या है तो वह शिकायत कर सकते है, उसपर कार्रवाई जरूर की जाएगी। - ललित आर्य, ईओ नगर पालिका बागपत
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