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रमजान 2020: मस्जिद तक न आएं रोजेदार, घरों में बरसेगी खुदा की रहमत, इन बातों का रखें ध्यान
Sat, 25 Apr 2020 01:49 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2020 01:49 PM IST
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रमजान 2020
- फोटो : Social Media
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बागपत। आज से रहमतों का महीना शुरू हो गया। रोजे को इस्लाम का चौथा स्तंभ बताया गया है। शरीयत में रोजे को सौम या सियाम कहते है, जिसके मायने रुकना या ठहरना है। रमजान में रहमतों की बारिश होती है। गुनाहों को माफ कर दिया जाता है। रमजान का महीना तीन अशरों में बंटा है।
शहर काजी हबीबुर्रमान और मौलाना आरिफ उल हक कहते हैं कि हर अशरा दस दिन का होता है। पहला अशरा रहमत वाला होता है। दूसरा अशरा मगफिरत के लिए और तीसरा अशरा जहन्नुम से निजात पाने के लिए होता है।
रोजेदार याद रखें यह बातें :
- सामाजिक दूरी पालन कर घरों में नमाज अदा करें।
- सामूहिक रूप से रोजा इफ्तार न करें।
- रमजान के रोजे रखना फर्ज है।
- रमजान सब्र और हमदर्दी करने का महीना है।
- इबादत का शवाब सत्तर गुना ज्यादा होता है।
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शहर काजी हबीबुर्रमान और मौलाना आरिफ उल हक कहते हैं कि हर अशरा दस दिन का होता है। पहला अशरा रहमत वाला होता है। दूसरा अशरा मगफिरत के लिए और तीसरा अशरा जहन्नुम से निजात पाने के लिए होता है।
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रोजेदार याद रखें यह बातें :
- सामाजिक दूरी पालन कर घरों में नमाज अदा करें।
- सामूहिक रूप से रोजा इफ्तार न करें।
- रमजान के रोजे रखना फर्ज है।
- रमजान सब्र और हमदर्दी करने का महीना है।
- इबादत का शवाब सत्तर गुना ज्यादा होता है।
किसने क्या कहा
- खेकड़ा के छोटा बाजार की जामा मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती आमिर का कहना है कि रमजान में लॉकडाउन का पालन करते हुए अपने घरों में नमाज अदा करें।
- गौसपुर के इमाम आस मोहम्मद का कहना है कि रमजान का मुबारक महीना शांति और घरों में इबादत कर मनाया जाएगा।
- रोशनगढ़ मदरसे के मौलवी अब्दुल कय्यूम का कहना है कि रमजान के मुकद्दस महीने में लॉकडाउन का पालन करते हुए घरों में खुदा की इबादत की जाएगी।
- बिनौली जामा मस्जिद के इमाम मोहम्मद नईम का कहना है कि रमजान में लोग सरकार के नियमों का पालन करते हुए अपने घरों में नमाज अदा करें।
लॉकडाउन का पालन करें
- काजी कामिल बिलौचपुरा का कहना है कि रमजान का पर्व लॉकडाउन का पालन करते हुए मनाया जाएगा। समाज के लोग लॉकडाउन का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।
क्या कहते हैं मुस्लिम प्रधान
- रटौल गांव की प्रधान नसरीन का कहना है कि रमजान में घर पर ही नमाज अदा करें। सहरी के समय सामान की होम डिलीवरी की व्यवस्था की गई है।
- जलालपुर के ग्राम प्रधान शाहिद का कहना है कि गांव में लॉकडाउन का पालन करते हुए रमजान मनाया जाएगा।
- टांडा ग्राम प्रधान जाहीदा बेगम का कहना है कि रमजान में सभी ग्रामीण अपने घरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नमाज अदा करेंगे।
- पिचोकरा के ग्राम प्रधान फरमान खान का कहना है कि समाज के सभी लोगों को घरों में ही खुदा की इबादत करेंगे।
- रोशनगढ़ के प्रधान हाजी नाजिम लोगों से लॉकडाउन का पालन करते हुए शांति के साथ रमजान मनाने की अपील की है।
रमजान माह की तैयारी और खरीदारी
लोगों ने रमजान माह की दिनभर तैयारी की। एसडीएम रामनयन, सीओ ओमपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने धार्मिक स्थलों का निरीक्षण किया। लोगों से घरों में ही रहने की अपील की।
- मौलाना रियाज का कहना था कि अबकी बार घरों में कोरोना वायरस के चलते घरों में ही रहकर इबादत करनी है।
- फूस वाली मस्जिद के इमाम आरिफ उल हक का कहना था कि रोजे रखकर घरों में ही नमाज व इबादत करें।
- मौलाना अब्दुल वाजिद ने कहा कि लॉकडाउन के चलते घरों में ही रहकर तराबी व नमाज अदा करे और सुकून के साथ रोजे रख दुआएं करें।
- मोहम्मद कारी साबिर का कहना था कि कोरोना वायरस से बचाव करना है तो हमें मस्जिद में नमाज करने नही आना है।
- खेकड़ा के छोटा बाजार की जामा मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती आमिर का कहना है कि रमजान में लॉकडाउन का पालन करते हुए अपने घरों में नमाज अदा करें।
- गौसपुर के इमाम आस मोहम्मद का कहना है कि रमजान का मुबारक महीना शांति और घरों में इबादत कर मनाया जाएगा।
- रोशनगढ़ मदरसे के मौलवी अब्दुल कय्यूम का कहना है कि रमजान के मुकद्दस महीने में लॉकडाउन का पालन करते हुए घरों में खुदा की इबादत की जाएगी।
- बिनौली जामा मस्जिद के इमाम मोहम्मद नईम का कहना है कि रमजान में लोग सरकार के नियमों का पालन करते हुए अपने घरों में नमाज अदा करें।
लॉकडाउन का पालन करें
- काजी कामिल बिलौचपुरा का कहना है कि रमजान का पर्व लॉकडाउन का पालन करते हुए मनाया जाएगा। समाज के लोग लॉकडाउन का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।
क्या कहते हैं मुस्लिम प्रधान
- रटौल गांव की प्रधान नसरीन का कहना है कि रमजान में घर पर ही नमाज अदा करें। सहरी के समय सामान की होम डिलीवरी की व्यवस्था की गई है।
- जलालपुर के ग्राम प्रधान शाहिद का कहना है कि गांव में लॉकडाउन का पालन करते हुए रमजान मनाया जाएगा।
- टांडा ग्राम प्रधान जाहीदा बेगम का कहना है कि रमजान में सभी ग्रामीण अपने घरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नमाज अदा करेंगे।
- पिचोकरा के ग्राम प्रधान फरमान खान का कहना है कि समाज के सभी लोगों को घरों में ही खुदा की इबादत करेंगे।
- रोशनगढ़ के प्रधान हाजी नाजिम लोगों से लॉकडाउन का पालन करते हुए शांति के साथ रमजान मनाने की अपील की है।
रमजान माह की तैयारी और खरीदारी
लोगों ने रमजान माह की दिनभर तैयारी की। एसडीएम रामनयन, सीओ ओमपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने धार्मिक स्थलों का निरीक्षण किया। लोगों से घरों में ही रहने की अपील की।
- मौलाना रियाज का कहना था कि अबकी बार घरों में कोरोना वायरस के चलते घरों में ही रहकर इबादत करनी है।
- फूस वाली मस्जिद के इमाम आरिफ उल हक का कहना था कि रोजे रखकर घरों में ही नमाज व इबादत करें।
- मौलाना अब्दुल वाजिद ने कहा कि लॉकडाउन के चलते घरों में ही रहकर तराबी व नमाज अदा करे और सुकून के साथ रोजे रख दुआएं करें।
- मोहम्मद कारी साबिर का कहना था कि कोरोना वायरस से बचाव करना है तो हमें मस्जिद में नमाज करने नही आना है।