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Baghpat News: गांवों में खूब घपला करो, अफसरों के पास दबी रहेगी फाइल
Wed, 19 Jun 2024 04:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Wed, 19 Jun 2024 04:47 AM IST
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बागपत। यहां गांवों में विकास कार्यों के नाम पर खूब घपला करो। क्योंकि उन घपलों की जांच की फाइलों को यहां दबा लिया जाता है। ऐसा किसी एक नहीं, बल्कि कई मामलों में चल रहा है। स्थिति यह है कि डीएम ने जांच रिपोर्ट देने के लिए समय निर्धारित कर दिया, मगर उसके बाद भी कुछ नहीं हो रहा है।
बरवाला में स्वच्छ भारत मिशन फेज-टू के तहत 32 लाख 83 हजार रुपये का बजट आया था। वहां के सचिव ने करीब 32 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इस तरह अचानक 32 लाख रुपये का भुगतान होने पर जांच कराई गई तो बड़ौत ब्लॉक के अभियंता गुलफाम अली ने रिपोर्ट में कहा कि सचिव ने कोई भी प्रस्ताव व जांच के बिना पैसा जारी किया है। इसके बाद डीपीआरओ अरुण अत्री ने गांव में जाकर जांच की तो वहां जिन कार्यों के नाम पर पैसा निकाला गया है, वह सभी अधूरे पड़े हुए हैं। डीपीआरओ ने सचिव पर कार्रवाई की संस्तुति करके फाइल डीएम को भेजी तो उसमें डीएम ने डीडीओ, अधिशासी अभियंता नलकूप, बीडीओ बड़ौत की टीम बनाकर जांच करके रिपोर्ट आठ जून तक देने के निर्देश दिए। मगर फाइल दबी पड़ी है और इसमें अभी तक कोई जांच रिपोर्ट नहीं दी गई है।
सरूरपुर कलां, खट्टा प्रहलादपुर व शबगा गांव की जांच भी लटकी
सरूरपुर कलां, खट्टा प्रहलादपुर व शबगा गांव की जांच भी अटकी हुई है। इन सभी गांवों में विकास कार्य कराने में गड़बड़ी के आरोप लगे थे और इसकी शिकायत अधिकारियों के पास की गई थी। इनमें जांच के लिए डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी को अलग-अलग गांवों में जांच की जिम्मेदारी दी हुई है। मगर अभी तक किसी भी गांव की जांच पूरी नहीं हुई है।
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वर्जन
गांव की जांच में अभी कुछ नहीं हो रहा है। जांच करने के बाद देखा जाएगा और उसके बाद ही बताया जाएगा। - हरेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी
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बरवाला में स्वच्छ भारत मिशन फेज-टू के तहत 32 लाख 83 हजार रुपये का बजट आया था। वहां के सचिव ने करीब 32 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इस तरह अचानक 32 लाख रुपये का भुगतान होने पर जांच कराई गई तो बड़ौत ब्लॉक के अभियंता गुलफाम अली ने रिपोर्ट में कहा कि सचिव ने कोई भी प्रस्ताव व जांच के बिना पैसा जारी किया है। इसके बाद डीपीआरओ अरुण अत्री ने गांव में जाकर जांच की तो वहां जिन कार्यों के नाम पर पैसा निकाला गया है, वह सभी अधूरे पड़े हुए हैं। डीपीआरओ ने सचिव पर कार्रवाई की संस्तुति करके फाइल डीएम को भेजी तो उसमें डीएम ने डीडीओ, अधिशासी अभियंता नलकूप, बीडीओ बड़ौत की टीम बनाकर जांच करके रिपोर्ट आठ जून तक देने के निर्देश दिए। मगर फाइल दबी पड़ी है और इसमें अभी तक कोई जांच रिपोर्ट नहीं दी गई है।
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सरूरपुर कलां, खट्टा प्रहलादपुर व शबगा गांव की जांच भी लटकी
सरूरपुर कलां, खट्टा प्रहलादपुर व शबगा गांव की जांच भी अटकी हुई है। इन सभी गांवों में विकास कार्य कराने में गड़बड़ी के आरोप लगे थे और इसकी शिकायत अधिकारियों के पास की गई थी। इनमें जांच के लिए डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी को अलग-अलग गांवों में जांच की जिम्मेदारी दी हुई है। मगर अभी तक किसी भी गांव की जांच पूरी नहीं हुई है।
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गांव की जांच में अभी कुछ नहीं हो रहा है। जांच करने के बाद देखा जाएगा और उसके बाद ही बताया जाएगा। - हरेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी