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जिला पंचायत अध्यक्ष ही करा रही थी वसूली

Wed, 20 Apr 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Wed, 20 Apr 2016 12:04 AM IST
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District panchayat president was recovery
बागपत-सोनीपत मार्ग पर जिला पंचायत के नाम से अवैध वसूली के आरोप में जेल भेजे गए युवक (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
बागपत में यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर ट्रकों से अवैध वसूली करने के मामले में पकड़े गए चार युवकों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोपी युवकों के परिजन खुलकर सामने आ गए है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत ही युवकों से वसूली करा रही थी। अफसरों ने उनके लड़कों को केस में फंसा दिया है। न्याय के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। 
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दोनों राज्यों की सीमा पर निवाड़ा चौकी के पास कुछ युवक रोड़ी, डस्ट और रेत के ट्रकों से काफी समय से वसूली कर रहे थे। वे ट्रक चालक को खुद को जिला पंचायत के लोग बताते थे। इतना ही नहीं ट्रकों को जिला पंचायत की रसीद भी देते थे। 16 अप्रैल को कोतवाली पुलिस ने वहां पर छापामारी कर चार युवकों को पकड़ लिया था।

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पुलिस ने पकड़े गए संतोषपुर-बाघू गांव के युवक सचिन, कपिल, मोनू और पवन पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ धारा 420 व 468 आईपीसी में रिपोर्ट दर्ज  की थी। 17 अप्रैल को पुलिस ने आरोपियों का चालान कर दिया था। जेल जाने से पूर्व आरोपियों ने कहा था कि उन्हें केस में गलत फंसाया गया है। वे अवैध वसूली नहीं करते हैं।

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इस मामले में आरोपियों के परिजन खुलकर सामने आ गए है। आरोपी पवन और सचिन के भाई कपिल कुमार ने कहा कि उनके भाई व उनके साथियों को जिला पंचायत ने काम पर रखा था। अपनी रसीद बुक देकर उसने ट्रकों से वसूली करा रही थी। जानकारी दी थी कि इसका ठेका छूटा हुआ है। युवकों के पकड़े जाने के बाद जिला पंचायत के अफसरों ने हाथ खड़े कर दिए है।


 

उनका कहना है कि इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी। इतना ही नहीं न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। 
जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू धामा के पति जिला पंचायत सदस्य योगेश धामा का कहना है कि जिला पंचायत की ओर से मार्च में ठेका छोड़ा जाता है। लेकिन वसूली अवैध रूप से की जा रही थी या वैध रूप से इसकी जांच अपर मुख्य अधिकारी कर रहे हैं। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा। 

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