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डीआईजी जेल ने आठ घंटे की जांच, जिसकी चूक उस पर होगी कार्रवाई

Sun, 03 May 2020 11:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2020 11:12 PM IST
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DIG Jail for eight hours investigation, 40 detainees questioned
खेकड़ा (बागपत)। जिला कारागार में बंदी ऋषिपाल की हत्या के बाद लखनऊ तक हलचल है। शनिवार की रात से ही डीआईजी जेल लव कुमार जिले में डेरा डाले हुए है। रविवार को उन्होंने करीब आठ घंटे तक जेल में वारदात की जांच की। करीब 40 बंदियों व बंदी रक्षकों के अलावा जेल अधिकारियों से जानकारी जुटाई। डीआईजी जेल ने कहा कि जिसके स्तर पर भी चूक हुई, उस पर कार्रवाई होगी।
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बता दें कि बसी गांव के ऋषिपाल (45) की शनिवार को जिला कारागार की बैरक संख्या 22 में घुसकर सरिये और धारदार कट्टन से वारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप सजायाफ्ता बबलू काठा और उसके पांच साथियों पर लगा है। जेल में पहले मुन्ना बजरंगी और अब ऋषिपाल की हत्या के बाद लखनऊ तक हड़कंप मच गया था। डीआईजी जेल लव कुमार मामले की जांच करने के लिए शनिवार की देर रात ही जिले में पहुंच गए थे। रविवार की सुबह करीब 11 बजे जिला कारागार पहुंचकर वारदात की जांच की। उन्होंने बंदी रक्षकों, जेल अधीक्षक सुरेश कुमार से जानकारी ली। इसके अलावा बंदियों और मुख्य आरोपी बबलू से भी जानकारी जुटाई। जेल प्रशासन के सामने झगड़ा दोपहर के समय ही पहुंच गया था, ऐसे में चूक कैसे हुई? इस पर डीआईजी ने कहा कि वह जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। इसमें जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जिला कारागार ही नहीं यूपी में स्टाफ की कमी: डीआईजी
खेकड़ा। स्टाफ की कमी के सवाल पर डीआईजी जेल लव कुमार ने कहा कि बागपत जेल में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के कारागारों में अपेक्षित संख्या के अनुरूप स्टाफ नहीं है। बागपत के विषय में मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के बाद से ही शासन को जानकारी जेल अधिकारियों ने दी थी, जिसके बाद कुछ स्टाफ यहां भेजा गया था। अब भी स्टाफ की कमी है। इसके लिए प्रदेश स्तर पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। शासन स्तर पर मामला है। वर्तमान में जो भी स्टाफ है, उससे ही बेहतर तरीके से काम लिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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हत्या से पहले निपटा दिया था झगड़ा
खेकड़ा। सजायाफ्ता बबलू काठा और ऋषिपाल के बीच झगड़ा दोपहर 12 बजे हुआ। जेल में तैनात कारापाल आकाश शर्मा और उप कारापाल रविंद्र तक पहुंचा था। तब दोनों ने ही मामला शांत करा दिया था। बंदियों को उनकी बैरकों में भेज दिया गया था।

क्या था मामला
खेकड़ा। जिला कारागार में बंद ऋषिपाल की सजायाफ्ता बबलू काठा के साथ गड्ढे से सामान निकालने को लेकर कहासुनी हुई। दोनों के बीच का झगड़ा जेल प्रशासन तक पहुंचा। तीन घंटे बाद बबलू काठा ने अपने साथियों के साथ मिलकर सरिया और कट्टन से ऋषिपाल की बैरक में घुसकर हमला कर दिया था। हमले में ऋषिपाल की मौत हो गई थी जबकि उसका पिता सत सिंह, नौकर अमित जौनमाना और दो अन्य मनीष शर्मा व रोहित घायल हो गए थे।
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