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Baghpat News: पानी निकासी की 10 करोड़ की योजना, कार्य शुरू
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बागपत। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर गांवों के पास जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए एनएचएआई ने 10 करोड़ रुपये की योजना बनाई है। इस योजना के तहत कार्य भी शुरू कर दिया है।
इसमें ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे से शामली बाईपास तक कई जगह सात किलोमीटर नाले का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद जलभराव की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे के किनारे स्थित 20 से अधिक गांवों में बारिश होने से सड़क पर कई फीट तक जलभराव हो जाता है। इस कारण वाहन चालकों के साथ ही लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। इससे नेशनल हाईवे भी वहां से बार-बार टूट जाता है। नेशनल हाईवे को टूटने से बचाने व लोगों की समस्या का समाधान कराने के लिए एनएचएआई ने पानी निकासी की 10 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की है। कार्ययोजना तैयार होते ही सफाई कर्मियों को नाले की सफाई के कार्य में लगा दिया गया है। कर्मचारी मवीकलां, काठा, पाली, बागपत शहर, सिसाना, डीएम कार्यालय के पास, चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय पशु संस्थान, गौरीपुर, शाहपुर बड़ौली, बावली व बड़ौत में सफाई कार्य में लग गए, ताकि बारिश से यहां जलभराव न हो और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो सके। वहीं परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह ने बताया कि नालों की सफाई होने से काफी समस्या खत्म हो जाएगी तो काफी जगह नाले का निर्माण भी कराया जाएगा।
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ईपीई से शामली बाईपास तक कई जगह बनेगा नाला
एनएचएआई नेशनल हाईवे किनारे शामली बाईपास से ईपीई क्रॉसिंग तक कई जगह पानी निकासी के लिए सात किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण कराएगा। इसे भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है, क्योंकि वहां नाला नहीं होने के कारण जलभराव रहता है और इससे लोगों को परेशानी होती है। इसके अलावा नेशनल हाईवे के प्रमुख स्थानों पर ढकी हुई नालियों व पुलिया को भी ठीक कराएगा। इसे कार्ययोजना में शामिल किया है, ताकि बारिश में जलभराव होने से रोका जा सके।
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इसमें ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे से शामली बाईपास तक कई जगह सात किलोमीटर नाले का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद जलभराव की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे के किनारे स्थित 20 से अधिक गांवों में बारिश होने से सड़क पर कई फीट तक जलभराव हो जाता है। इस कारण वाहन चालकों के साथ ही लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। इससे नेशनल हाईवे भी वहां से बार-बार टूट जाता है। नेशनल हाईवे को टूटने से बचाने व लोगों की समस्या का समाधान कराने के लिए एनएचएआई ने पानी निकासी की 10 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की है। कार्ययोजना तैयार होते ही सफाई कर्मियों को नाले की सफाई के कार्य में लगा दिया गया है। कर्मचारी मवीकलां, काठा, पाली, बागपत शहर, सिसाना, डीएम कार्यालय के पास, चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय पशु संस्थान, गौरीपुर, शाहपुर बड़ौली, बावली व बड़ौत में सफाई कार्य में लग गए, ताकि बारिश से यहां जलभराव न हो और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो सके। वहीं परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह ने बताया कि नालों की सफाई होने से काफी समस्या खत्म हो जाएगी तो काफी जगह नाले का निर्माण भी कराया जाएगा।
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ईपीई से शामली बाईपास तक कई जगह बनेगा नाला
एनएचएआई नेशनल हाईवे किनारे शामली बाईपास से ईपीई क्रॉसिंग तक कई जगह पानी निकासी के लिए सात किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण कराएगा। इसे भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है, क्योंकि वहां नाला नहीं होने के कारण जलभराव रहता है और इससे लोगों को परेशानी होती है। इसके अलावा नेशनल हाईवे के प्रमुख स्थानों पर ढकी हुई नालियों व पुलिया को भी ठीक कराएगा। इसे कार्ययोजना में शामिल किया है, ताकि बारिश में जलभराव होने से रोका जा सके।
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