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स्वास्थ्य विभाग में आंकड़ों का खेल, डेंगू से लगातार मौत होने के बावजूद रिकार्ड में केवल दो दिखाई
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बागपत। यहां डेंगू व वायरल ने खूब कहर बरपाया हुआ है। इनसे लगातार मौत हो रही हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग व्यवस्था बेहतर बनाने की बजाय आंकड़ों में खेल करने में जुटा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में जहां डेंगू से अभी तक केवल दो मौत हुई हैं, वहीं बुखार से 18 मौत दर्ज हैं। हालांकि डेंगू से अभी तक करीब 25 मौत हो चुकी हैं जबकि बुखार के कारण 70 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
एलाइजा जांच में डेंगू को भी नहीं मान रहे
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिनकी एंटीजन किट से जांच में डेंगू पॉजिटिव मिले हैं, उसको पुष्ट नहीं माना जा रहा है। इसलिए जिनकी एलाइजा जांच हुई हैं, उसकी रिपोर्ट को पुष्ट माना जा रहा है। एलाइजा रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव मिलने के बाद भी उनकी मौत को डेंगू से नहीं माना जा रहा है। इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी केवल बिनौली ब्लॉक में दो मौत डेंगू से होने का दावा कागजों में कर रहे हैं।
केस एक
रालोद के कार्यालय प्रभारी अनिरुद्ध शर्मा की हालत खराब हुई तो परिजनों ने बागपत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ तो मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया। वहां बीती 31 अक्तूबर को उनकी मौत हो गई। अनिरुद्ध की पत्नी रूपा ने बताया कि उनके पति की जांच कराने पर रिपोर्ट डेंगू पॉजीटिव आई थी। उनकी मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आसपास जांच की थी।
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केस दो
बड़ौत में गुराना रोड कश्यप मोहल्ला निवासी दीपक ने बताया कि उसकी माता सरोज को तीन सितंबर को बुखार आया था। उनको हालत बिगड़ने पर बड़ौत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी जांच कराई तो डेंगू पॉजीटिव होने का पता चला। वहां आराम नहीं हुआ तो मेरठ भी लेकर गए और वहां निजी अस्पताल में उपचार कराया। उनकी सात सितंबर को मौत हो गई थी।
जिले में डेंगू से अभी तक केवल दो मौत हुई हैं। मौत होने की बात कही जा रही है, लेकिन एंटीजन किट की जांच रिपोर्ट को सही नहीं माना जाता है। एलाइजा जांच रिपोर्ट के आधार पर डेंगू की पुष्टि की जाती है। यदि किसी के पास एलाइजा जांच रिपोर्ट है और उसको डेंगू से मौत में शामिल नहीं किया गया है तो इसे दिखवाया जाएगा।-डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ
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एलाइजा जांच में डेंगू को भी नहीं मान रहे
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिनकी एंटीजन किट से जांच में डेंगू पॉजिटिव मिले हैं, उसको पुष्ट नहीं माना जा रहा है। इसलिए जिनकी एलाइजा जांच हुई हैं, उसकी रिपोर्ट को पुष्ट माना जा रहा है। एलाइजा रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव मिलने के बाद भी उनकी मौत को डेंगू से नहीं माना जा रहा है। इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी केवल बिनौली ब्लॉक में दो मौत डेंगू से होने का दावा कागजों में कर रहे हैं।
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केस एक
रालोद के कार्यालय प्रभारी अनिरुद्ध शर्मा की हालत खराब हुई तो परिजनों ने बागपत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ तो मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया। वहां बीती 31 अक्तूबर को उनकी मौत हो गई। अनिरुद्ध की पत्नी रूपा ने बताया कि उनके पति की जांच कराने पर रिपोर्ट डेंगू पॉजीटिव आई थी। उनकी मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आसपास जांच की थी।
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केस दो
बड़ौत में गुराना रोड कश्यप मोहल्ला निवासी दीपक ने बताया कि उसकी माता सरोज को तीन सितंबर को बुखार आया था। उनको हालत बिगड़ने पर बड़ौत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी जांच कराई तो डेंगू पॉजीटिव होने का पता चला। वहां आराम नहीं हुआ तो मेरठ भी लेकर गए और वहां निजी अस्पताल में उपचार कराया। उनकी सात सितंबर को मौत हो गई थी।
जिले में डेंगू से अभी तक केवल दो मौत हुई हैं। मौत होने की बात कही जा रही है, लेकिन एंटीजन किट की जांच रिपोर्ट को सही नहीं माना जाता है। एलाइजा जांच रिपोर्ट के आधार पर डेंगू की पुष्टि की जाती है। यदि किसी के पास एलाइजा जांच रिपोर्ट है और उसको डेंगू से मौत में शामिल नहीं किया गया है तो इसे दिखवाया जाएगा।-डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ