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देश को आजाद करने में सभी धर्म के लोगों ने सहयोग किया
अमर उजाला / ब्यूरो/ सहारनपुर
Updated Wed, 16 Nov 2016 01:38 AM IST
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बड़ौत । शहर इमाम मौलाना आरिफ उल हक ने कहा देश को आजाद करने में सभी धर्म के लोगों ने सहयोग किया है।
मदरसा कासिम उलूम बड़ौत की बैठक की अध्यक्षता जमियता उलमिया के जिलाध्यक्ष मुक्ती अब्बास की। इसमें शहर इमाम मौलाना आरिफ उल हक ने कहा हिंदुस्तान एक जमहुरी मुलग है, जहां हर आदमी को मतस्लक और महजब के मुताबिक जिंदगी गुजारने और उस पर अमल करने का बुनियादत हक भी हासिल है। यह हक भी हिंदुस्तानी कानूनी की जानिब से मुसलमानों को पहले से कानून बनाने वालों ने दे रखा है।
उन्होंने कहा हुकुमत को ऐसे मजबूर और बेसहारा महिलाओं पर ध्यान देने चाहिए, जिनके सोहरों को कतल कर के अलग किया है, जिनको फिरका फ्रिती की आग में जलाकर बेवा बनाया। उन्होंने कहा इमाम मोहल्ले के लोगों को बताएं और मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की तरफ से जो फार्म भेजे गए हैं, उन्हें औरतों से भरवाएं। संचालन मुक्ति फुरकान ने किया। इसमें कारी जमिद, अब्दुल वाजिद, साबिर, मौलाना यूनूस, मौलाना जाकिर, मतलूब आदि रहे।
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मदरसा कासिम उलूम बड़ौत की बैठक की अध्यक्षता जमियता उलमिया के जिलाध्यक्ष मुक्ती अब्बास की। इसमें शहर इमाम मौलाना आरिफ उल हक ने कहा हिंदुस्तान एक जमहुरी मुलग है, जहां हर आदमी को मतस्लक और महजब के मुताबिक जिंदगी गुजारने और उस पर अमल करने का बुनियादत हक भी हासिल है। यह हक भी हिंदुस्तानी कानूनी की जानिब से मुसलमानों को पहले से कानून बनाने वालों ने दे रखा है।
उन्होंने कहा हुकुमत को ऐसे मजबूर और बेसहारा महिलाओं पर ध्यान देने चाहिए, जिनके सोहरों को कतल कर के अलग किया है, जिनको फिरका फ्रिती की आग में जलाकर बेवा बनाया। उन्होंने कहा इमाम मोहल्ले के लोगों को बताएं और मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की तरफ से जो फार्म भेजे गए हैं, उन्हें औरतों से भरवाएं। संचालन मुक्ति फुरकान ने किया। इसमें कारी जमिद, अब्दुल वाजिद, साबिर, मौलाना यूनूस, मौलाना जाकिर, मतलूब आदि रहे।
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