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दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर दिखा किसानों का आक्रोश्ा
ब्यूरो/अमर उजाला,बागपत
Updated Tue, 29 Nov 2016 12:29 AM IST
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बड़ौत तहसील में पंचायत में बोलते पूर्व विधायक अजय कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
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भाव न भुगतान, आखिर क्या करें किसान
बड़ौत में बकाया भुगतान और वर्तमान सत्र में गन्ने की पेराई की व्यवस्था नहीं किए जाने से खफा किसानों ने तहसील में संघर्ष का बिगुल फूंका। एलान किया कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन चलेगा। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे जाम कर विरोध जताया। इसके बाद किसानों ने तहसील में बेमियदी धरना शुरू कर दिया है। देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि लाचार किसानों के पास इसके अलावा कोई दूसरा तरीका नहीं है। किसान शांति से अपने हक के लिए आवाज बुलंद करेंगे।
सोमवार को छपरौली चौबीसी के मुखिया चौधरी सुभाष सिंह की अध्यक्षता में तहसील में पंचायत हुई। वक्ताओं का कहना था कि पिछले सत्र का बकाया भुगतान दिलाया जाना चाहिए। मलकपुर चीनी मिल पर किसानों के करोड़ों बकाया है। किसान पाई-पाई को मोहताज है। देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि किसान शक्ति को एकजुट होकर आंदोलन करना होगा। जब तक किसान एक नहीं होंगे शोषण होता रहेगा। चौधरी सुभाष का कहना था कि प्रशासन और सरकार को किसानों की परेशानी नहीं दिखाई देती। यहां कई घंटे तक किसानों की समस्या पर मंथन किया गया। रालोद के पूर्व विधायक डॉ अजय कुमार, छपरौली विधायक वीरपाल राठी और पूर्व विधायक साहब सिंह ने भी विचार रखे। एलान किया गया कि चौबीसी के चौधरी सुभाष के नेतृत्व में किसानों की लड़ाई लड़ी जाएगी। वीरपाल राठी ने कहा कि न्याय नहीं मिला तो ट्रेन की पटरी तक उखाड़ दी जाएगी। इसके बाद किसानों ने तहसील में बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। उधर, कुछ किसानों ने दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे जाम कर दिया। इन किसानों का कहना था कि लाचारी में ही मार्ग जाम करने का कदम उठाना पड़ रहा है। सीओ बड़ौत कर्मवीर सिंह, सीओ बागपत राजबीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची और जाम लगा रहे किसानों को बलपूर्वक हाईवे से हटाया। पुलिस ने लाठियां भी फटकारीं। वाहन चालकों से किसानों की कहासुनी भी हुई। संचालन बलजोर आर्य ने किया। साहब सिंह, रालोद नेता अश्वनी तोमर, सतेंद्र प्रमुख, प्रमेंद्र तोमर, सतीश चौधरी, चेयरमैन धूम सिंह, धर्मेंद्र तोमर, अरुण तोमर बॉबी, रामफल, वीरेंद्र, अनुज दांगी, हरेंद्र दांगी, यशपाल चौधरी, विकास प्रधान आदि रहे।
पहले दिन हड़ताल पर मलकपुर के किसान
बेमियादी धरने पर पहले दिन की जिम्मेदारी लोयन मलकपुर के किसानों की रही। यहां धरने पर दीपक प्रधान, कृष्ण, सुभाष पहलवान, धर्मेंद्र तोमर, रामफल, महावीर, कर्ण सिंह, जसपाल मौजूद रहे। देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि रोजाना गांव के हिसाब से धरना दिया जाएगा। प्रशासन नहीं चेता तो दो दिन बाद इस पर चौबीसी चौधरी से सलाह कर कोई फैसला लिया जाएगा।
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राठी ने थामा माइक, किसानों ने हटा दिए तार
तहसील में धरने पर जमा हुए कुछ किसानों ने छपरौली के रालोद विधायक वीरपाल राठी के खड़े होते ही विरोध जताया। जब उन्होंने बोलना शुरू किया तो माइक के तार हटा दिए। इस पर काफी देर तक हंगामा हुआ। बाद में अन्य किसान नेताओं ने हस्तक्षेप कर मामला सुलझाया। उधर, इस मामले में वीरपाल राठी ने कहा कि उनका कोई विरोध नहीं हुआ। माइक खराब हो गया था। किसानों का कुनबा जुटा था, यह मामूली बात थी।
सिस्टम से नाराज किसानों ने तहसील में डेरा जमा दिया है। किसानों का कहना है कि आखिर वह क्या करें। पहले फसलों का भाव नहीं दिया जाता, इसके बाद भुगतान नहीं होता। खेतों में गन्ना खड़ा है, लेकिन सरकार इसकी पेराई की व्यवस्था नहीं कर रही है। वक्ताओं ने किसानों से एकजुटता का आह्वान जाम नहीं लगाना चाहते थे
धरनास्थल से जब कुछ किसान तहसील गेट पर दिल्ली-सहारनपुर यमुनौत्री मार्ग पर जाम लगाने पहुंचे तो उन्हें पंचायत में मौजूद लोगों ने रोकने का प्रयास किया। लेकिन वह नहीं माने और उन्होंने हाईवे जाम कर दिया। पंचायत में शामिल लोगों का कहना था कि जाम नहीं लगाना चाहिए। तहसील में समस्या रखेेंगे।
कविता सुनाकर दर्द बांटा
पंचायत में मास्टर रामबीर तपस्वी ने अपनी कविता सुनाते हुए कहा कि चीख रही गांव की गलियां चिल्ला रहे खेत खलिहान हुक्मरानों होश में आओ अब जाग उठा हिंदुस्तान। कविता सुनाकर किसानों के दर्द को साझा किया।
एफआईआर की तैयारी
सीओ कर्मवीर सिंह ने बताया कि हाईवे पर जाम लगाने वालों को चिह्नित कर लिया गया है। उन पर एफआईआर करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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बड़ौत में बकाया भुगतान और वर्तमान सत्र में गन्ने की पेराई की व्यवस्था नहीं किए जाने से खफा किसानों ने तहसील में संघर्ष का बिगुल फूंका। एलान किया कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन चलेगा। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे जाम कर विरोध जताया। इसके बाद किसानों ने तहसील में बेमियदी धरना शुरू कर दिया है। देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि लाचार किसानों के पास इसके अलावा कोई दूसरा तरीका नहीं है। किसान शांति से अपने हक के लिए आवाज बुलंद करेंगे।
सोमवार को छपरौली चौबीसी के मुखिया चौधरी सुभाष सिंह की अध्यक्षता में तहसील में पंचायत हुई। वक्ताओं का कहना था कि पिछले सत्र का बकाया भुगतान दिलाया जाना चाहिए। मलकपुर चीनी मिल पर किसानों के करोड़ों बकाया है। किसान पाई-पाई को मोहताज है। देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि किसान शक्ति को एकजुट होकर आंदोलन करना होगा। जब तक किसान एक नहीं होंगे शोषण होता रहेगा। चौधरी सुभाष का कहना था कि प्रशासन और सरकार को किसानों की परेशानी नहीं दिखाई देती। यहां कई घंटे तक किसानों की समस्या पर मंथन किया गया। रालोद के पूर्व विधायक डॉ अजय कुमार, छपरौली विधायक वीरपाल राठी और पूर्व विधायक साहब सिंह ने भी विचार रखे। एलान किया गया कि चौबीसी के चौधरी सुभाष के नेतृत्व में किसानों की लड़ाई लड़ी जाएगी। वीरपाल राठी ने कहा कि न्याय नहीं मिला तो ट्रेन की पटरी तक उखाड़ दी जाएगी। इसके बाद किसानों ने तहसील में बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। उधर, कुछ किसानों ने दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे जाम कर दिया। इन किसानों का कहना था कि लाचारी में ही मार्ग जाम करने का कदम उठाना पड़ रहा है। सीओ बड़ौत कर्मवीर सिंह, सीओ बागपत राजबीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची और जाम लगा रहे किसानों को बलपूर्वक हाईवे से हटाया। पुलिस ने लाठियां भी फटकारीं। वाहन चालकों से किसानों की कहासुनी भी हुई। संचालन बलजोर आर्य ने किया। साहब सिंह, रालोद नेता अश्वनी तोमर, सतेंद्र प्रमुख, प्रमेंद्र तोमर, सतीश चौधरी, चेयरमैन धूम सिंह, धर्मेंद्र तोमर, अरुण तोमर बॉबी, रामफल, वीरेंद्र, अनुज दांगी, हरेंद्र दांगी, यशपाल चौधरी, विकास प्रधान आदि रहे।
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पहले दिन हड़ताल पर मलकपुर के किसान
बेमियादी धरने पर पहले दिन की जिम्मेदारी लोयन मलकपुर के किसानों की रही। यहां धरने पर दीपक प्रधान, कृष्ण, सुभाष पहलवान, धर्मेंद्र तोमर, रामफल, महावीर, कर्ण सिंह, जसपाल मौजूद रहे। देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि रोजाना गांव के हिसाब से धरना दिया जाएगा। प्रशासन नहीं चेता तो दो दिन बाद इस पर चौबीसी चौधरी से सलाह कर कोई फैसला लिया जाएगा।
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राठी ने थामा माइक, किसानों ने हटा दिए तार
तहसील में धरने पर जमा हुए कुछ किसानों ने छपरौली के रालोद विधायक वीरपाल राठी के खड़े होते ही विरोध जताया। जब उन्होंने बोलना शुरू किया तो माइक के तार हटा दिए। इस पर काफी देर तक हंगामा हुआ। बाद में अन्य किसान नेताओं ने हस्तक्षेप कर मामला सुलझाया। उधर, इस मामले में वीरपाल राठी ने कहा कि उनका कोई विरोध नहीं हुआ। माइक खराब हो गया था। किसानों का कुनबा जुटा था, यह मामूली बात थी।
सिस्टम से नाराज किसानों ने तहसील में डेरा जमा दिया है। किसानों का कहना है कि आखिर वह क्या करें। पहले फसलों का भाव नहीं दिया जाता, इसके बाद भुगतान नहीं होता। खेतों में गन्ना खड़ा है, लेकिन सरकार इसकी पेराई की व्यवस्था नहीं कर रही है। वक्ताओं ने किसानों से एकजुटता का आह्वान जाम नहीं लगाना चाहते थे
धरनास्थल से जब कुछ किसान तहसील गेट पर दिल्ली-सहारनपुर यमुनौत्री मार्ग पर जाम लगाने पहुंचे तो उन्हें पंचायत में मौजूद लोगों ने रोकने का प्रयास किया। लेकिन वह नहीं माने और उन्होंने हाईवे जाम कर दिया। पंचायत में शामिल लोगों का कहना था कि जाम नहीं लगाना चाहिए। तहसील में समस्या रखेेंगे।
कविता सुनाकर दर्द बांटा
पंचायत में मास्टर रामबीर तपस्वी ने अपनी कविता सुनाते हुए कहा कि चीख रही गांव की गलियां चिल्ला रहे खेत खलिहान हुक्मरानों होश में आओ अब जाग उठा हिंदुस्तान। कविता सुनाकर किसानों के दर्द को साझा किया।
एफआईआर की तैयारी
सीओ कर्मवीर सिंह ने बताया कि हाईवे पर जाम लगाने वालों को चिह्नित कर लिया गया है। उन पर एफआईआर करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।