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डाककर्मी सिर पर रखकर ले गया लाखों रुपये

Wed, 16 Nov 2016 01:24 AM IST
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत
अमर उजाला / ब्यूरो/ बागपत Updated Wed, 16 Nov 2016 01:24 AM IST
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बागपत।  नोटों के बदले जाने के कारण वर्तमान समय में डाकघर में रुपये जमा किए जा रहे हैं। मंगलवार को लापरवाही का आलम दिखा। डाककर्मी सिर पर लाखों रुपये का बोरा लाद सरेआम ले जाता दिखा। सुरक्षा के नाम पर उसके साथ सिर्फ एक सिपाही था जो पीछे-पीछे चलता दिखा।
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विभाग ने मेरठ के दबथुवा में हुई लूट की वारदात से भी कोई सबक नहीं सीखा। यही नहीं शहर के राष्ट्र वंदना चौक पर पिछले सप्ताह ही लूट की बड़ी वारदात हुई। एक दिन पहले ही रटौल में पूर्व मंत्री मेराजुद्दीन का पेट्रोल पंप लूटा गया। अमीनगर सराय में सराफ अंकित वर्मा के घर डकैती पड़ी। इसके बावजूद डाक विभाग की लापरवाही से हर कोई हैरान रह गया।   सहायक महानिरीक्षक स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन राम दयाल का कहना है कि उनके यहां पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट स्वीकार किए जाएंगे। उधर, महानिरीक्षक निबंधक अनिल कुमार ने इस बाबत निर्देश जारी किए हैं। 
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बड़ौत में भारत स्वाभिमान न्यास के कार्यालय में हुई बैठक में प्रधानमंत्री के काले धन को उखाड़ फेंकने की सराहना की। इसकी अध्यक्षता कर न्यास की जिला प्रभारी डॉ. सुनीता जैन ने प्रधानमंत्री के  500 और 1000 के नोट बंद करने के निर्णय की प्रशंसा की । इसमें बैंकों के बाहर खडे़ लोगों के फार्म भरने, पानी पिलाने, महिला और दिव्यांग की मदद करने का फैसला लिया। इसमें मीना मित्तल, राकेश आर्य, प्रदीप कुमार, विनेश कुमार, सरिता , राजेश्वरी, अर्जुन, मनोज, राजीव, प्रमोद आदि रहे।
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खेकड़ा। मंगलवार को सुबह सात बजे से ही बैंक शाखाओं के बाहर पुराने नोट जमा कराने एवं बदलवाने के लिए लोगों की लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई। लोग दिन भर नोट बदलवाने के लिए लाइन में लगे रहे। इस दौरान लोगों में नोक झोंक और धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस को लाइन में लगे लोगों को शांत करने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। स्टेट बैंक शाखा को छोड़ अन्य किसी भी शाखा का एटीएम चालू नहीं हो सका। उपशाखा में भी नोट नहीं बदले जा रहे हैं। 


छपरौली में  जागोस स्थित ऋषिकुल विद्यापीठ आए सिंगापुर से विदेशियों को भारत में 500 और 1000 के नोट बंद होने का अहसास भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा उन्हें तो पता ही नहीं चला भारत में करेंसी बदली गई है। सिंगापुर से दिल्ली पहुंचे विदेशी मेहमानों को कॉलेज ने खान पान उपलब्ध कराया।
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