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Baghpat News: बिजवाड़ा रजबहे में पानी नहीं आने से सूख रही फसल
Wed, 19 Jun 2024 04:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Wed, 19 Jun 2024 04:54 AM IST
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रमाला। बिजवाड़ा रजबहे में पानी नहीं आने से 25 हजार किसानों के सामने फसलों की सिंचाई का संकट गहरा गया है। सिंचाई के अभाव में किसानों की गन्ना व ज्वार की फसलें सूख रही हैं। किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए ईंजन और नलकूप का सहारा लेना पड़ रहा है। जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। बिजवाड़ा रजबहे से जिवानी, कंडेरा, अशरफाबाद थल, कासिमपुर खेड़ी, बिजरौल, माजरा, आचार्य खेड़ी समेत अन्य कई गांवों के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। किसानों ने बताया कि रजबहे से करीब 30 किमी क्षेत्र के 25 हजार से अधिक किसान रजबहे पर निर्भर है। रजबहे में पानी न आने से फसलें सूख रही है। कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से रजबहे में पानी छोड़ने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। रजबहे में पानी न आने से किसान ईंजन से फसलों की सिंचाई करने के लिए मजबूर हो रहे है। किसान मनोज, पंकज, बिजेंद्र का कहना है कि गर्मी अधिक होने और रजबहे में पानी न आने से ज्वार और गन्ने की फसल सूख रही है। किसानों को पंपिंग सेट और निजी नलकूपों से सिंचाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने समस्या का समाधान करने के लिए रजबहे में जल्द पानी छोड़ने की मांग की है।
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-रजबहे में पानी न आने से फसलें सूख रही है। किसानों को ईंजन से सिंचाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे किसान पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। - पुष्पेंद्र, कंडेरा
-कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से रजबहे में पानी छोड़ने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। सिंचाई के अभाव में फसल सूख रही है। - वीरेंद्र, कंडेरा
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-रजबहे में पानी न आने से फसलें सूख रही है। किसानों को ईंजन से सिंचाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे किसान पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। - पुष्पेंद्र, कंडेरा
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-कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से रजबहे में पानी छोड़ने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। सिंचाई के अभाव में फसल सूख रही है। - वीरेंद्र, कंडेरा
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