फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Three decades later, have not deterred the police system failed to protect the people pigmentary

तीन दशक बाद भी नहीं बाज आए हैं रंगदार लोगों की सुरक्षा करने में पुलिस सिस्टम फेल

Tue, 27 Sep 2016 02:35 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत Updated Tue, 27 Sep 2016 02:35 AM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
बागपत। रंगदारी की एक कॉल, एक चिट्ठी, एक धमकी। माने तो ठीक, नहीं तो धायं धायं। सुरक्षा के सवाल पर पुलिस है, लेकिन पुलिस के टालू रवैये के चलते अब भरोसा उठने लगा है। पिछले ढाई दशक में कितने ही केस हुए, कितनी ही जाने गई, कितने ही धमकी भरे पत्र मिले, मोबाइल पर लोग धमकाए गए...लेकिन कार्रवाई पुलिस की फाइलों तक रहती है। अपराध की दुनिया के शातिरों के सामने पुलिस सिस्टम बौना साबित हो रहा है, तभी तक जरायम के खून खराबे में मोनू जाट ने दहशत फैला दी है। मेरठ में वारदातें की और नितिन की दोस्ती में टीकरी में खून-खराबा कर डाला। मकसद डर फैलाकर रंगदारी वसूलना है। जोन की पुलिस मोनू जाट उर्फ अमित  के पीछे लगी है, लेकिन कामयाबी नहीं। लोगों को डर है कि इस बीच वह कहीं किसी को निशाना न बना दें।

अग्रवाल मंडी टटीरी के खल व्यापारी राधेश्याम अग्रवाल से गौतमबुद्धनगर की कासना जेल में बंद सचिन नंदा के नाम से पांच जुलाई को 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। व्यापारी तक चिट्ठी कैसे पहुंची, इसका पुलिस के पास अब तक कोई जवाब नहीं है। 
विज्ञापन


अग्रवाल मंडी टटीरी के लोहा व्यापारी विष्णु मित्तल से छह मार्च 2016  को सचिन नंदा के नाम से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। व्यापारी को भी सुरक्षा देनी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रापर्टी डीलर सतेंद्र खोखर से 13 जनवरी 2016 को हिस्ट्रीशीटर उधम सिंह के शूटर मनीष उर्फ अन्ना ने रंगदारी मांगी थी। रकम न देने पर पांच मार्च को बाइक सवार तीन बदमाशों ने फायरिंग कर खत के माध्यम से दोबारा रंगदारी मांगी। 

चांदीनगर थाने के रटौल गांव के व्यापारी जय कुमार और सुनील से पिछले साल हिस्ट्रीशीटर जावेद रटौल ने रंगदारी मांगी थी। रंगदारी नहीं देने पर उनकी दुकान पर फायरिंग कर दी थी। वह गोली लगने से बाल-बाल बचे थे। 

राहुल खट्टा गैंग ने वर्ष 2015 में रंगदारी नहीं देने पर टटीरी के व्यापारी विष्णु मित्तल के मुनीम के पैरों में गोली मार दी थी। इसके अलावा तीन भट्ठों पर फायरिंग की थी। इससे पहले इन चारों भट्ठों पर दस-दस रुपये के फटे नोट डालकर रंगदारी की डिमांड की गई थी। 
रंगदारी के और भी केस
कस्बा अमीनगर सराय के एक व्यापारी से वर्ष 2013 में राहुल खट्टा गैंग ने पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। बड़ौत के दुकानदार से उधम सिंह के शूटर सोनू टीकरी के नाम से रंगदारी नहीं देने पर फायरिंग की गई थी। 

जब दहल गई थी टटीरी
अग्रवाल मंडी टटीरी में वर्ष 2008 में रंगदारी नहीं देने पर वीरू बली गैंग ने चार व्यापारियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इनमें व्यापारी किशन चंद जैन, उनके बेटे संजय जैन के अलावा सुमंत गुप्ता और ब्रजमोहन शामिल थे। जबकि तीन व्यापारी मोदी उर्फ प्रमोद, मिंटू और नीतिन गोली लगने से गंभीर रुप से घायल हो गए थे। 

अपहरण में खट्टा गैंग की दहशत
 भड़ल के चमड़ा व्यापारी रविंद्र के बेटे आर्यन उर्फ क्रिश का बदमाशों ने 28 जुलाई को डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अपहरण किया।
 ठाकुरद्वारा मोहल्ला निवासी युवा सर्राफ प्रदीप वर्मा का बड़ा बाजार में स्थित शोरूम से 28 मार्च 2015 को खट्टा गैंग ने अपहरण किया था। 
 दिल्ली के भट्टा व्यापारी प्रवीन मित्तल का 8 अगस्त 2014 को बड़ागांव के भट्ठे से लौटते समय राहुल खट्टा गैंग ने अपहरण किया था।  
 गाजियाबाद के कविनगर के भट्ठा व्यापारी नवीन कंसल का धौलाना क्षेत्र में स्थित ईंट भट्ठे से लौटते समय 2 नवंबर 2014 को राहुल खट्टा गैंग ने अपहरण किया था। 

बदल गया रंगदारी का ट्रेंड
कुछ साल पहले तक बदमाशों के निशाने पर व्यापारी और उद्यमी होते थे। इसके बाद भट्ठा कारोबारियों और दुकानदार से रंगदारी मांगी जाने लगी, लेकिन अब किसान और अन्य संपन्न परिवारों से भी रुपये की मांग करने से नहीं चूक रहे हैं। 


इनके नाम पर मांगी गई रंगदारी
टीकरी में मोनू जाट से पहले राहुल खट्टा, सचिन नंदा, जावेद रटौल और मनीष अन्ना के नाम पर जिले में अलग-अलग मामले सामने आए हैं। 

एएसपी अजीजुल हक कहते हैं कि इस तरह के मामले सामने आने पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करती है। सबसे पहले पीड़ित की सुरक्षा को ध्यान में रखा जाता है। टीकरी में जो मामले हुए हैं, उनमें आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed