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भारत दूतावास में पहुंचे सऊदी अरब में बंधक बनाए गए युवक
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
Updated Wed, 26 Apr 2017 12:24 AM IST
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बड़ौत के युवक सादिक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नौकरी के नाम पर सऊदी अरब की राजधानी रियाद में बंधक बनाए गए दोनों युवक वहां के भारत दूतावास मेें पहुंच गए हैं। अब उन्हें शीघ्र ही अपने देश लौटेंगे।
छपरौली चुंगी निवासी गुलजार पुत्र यामीन ने बताया कि उनका भांजा सादिक पुत्र महीनदीन और उसका दोस्त नफीस निवासी किदवई नगर बड़ौत को मुंबई का एक एजेंट 27 मार्च 2017 को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में नौकरी के लिए ले गया था।
उसने वहां की मुद्रा रियाल 2000 रुपये प्रति माह आठ घंटे की ड्यूटी के साथ ही अन्य सुविधाओं का दावा किया था। आरोप है कि वहां ले जाकर उन्हें बंधक बना लिया गया और मारपीट कर भूखा रखा गया। उनका पासपोर्ट भी छीन लिया गया था। कई दिनों तक यातना सहने के बाद किसी तरह भांजे सादिक अली ने भारत दूतावास में शिकायत की थी।
लेकिन, पता लगने पर उन्हें जान से मारने की चेतावनी दी गई थी। भांजे ने किसी तरह इसकी सूचना दी थी। काफी प्रयासों के बाद गुलजार के भांजे का मंगलवार शाम फोन आया कि वे मुक्त होकर भारत दूतावास में पहुंच चुके हैं। शीघ्र ही उन्हें मुल्क भेजा जाएगा। इससे परविार मे खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार अब दोनों की वापसी की इंतजार कर रहा है।
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छपरौली चुंगी निवासी गुलजार पुत्र यामीन ने बताया कि उनका भांजा सादिक पुत्र महीनदीन और उसका दोस्त नफीस निवासी किदवई नगर बड़ौत को मुंबई का एक एजेंट 27 मार्च 2017 को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में नौकरी के लिए ले गया था।
उसने वहां की मुद्रा रियाल 2000 रुपये प्रति माह आठ घंटे की ड्यूटी के साथ ही अन्य सुविधाओं का दावा किया था। आरोप है कि वहां ले जाकर उन्हें बंधक बना लिया गया और मारपीट कर भूखा रखा गया। उनका पासपोर्ट भी छीन लिया गया था। कई दिनों तक यातना सहने के बाद किसी तरह भांजे सादिक अली ने भारत दूतावास में शिकायत की थी।
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लेकिन, पता लगने पर उन्हें जान से मारने की चेतावनी दी गई थी। भांजे ने किसी तरह इसकी सूचना दी थी। काफी प्रयासों के बाद गुलजार के भांजे का मंगलवार शाम फोन आया कि वे मुक्त होकर भारत दूतावास में पहुंच चुके हैं। शीघ्र ही उन्हें मुल्क भेजा जाएगा। इससे परविार मे खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार अब दोनों की वापसी की इंतजार कर रहा है।
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