बाजार बंद, खेकड़ा में गम और गुस्सा
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पांडव पुलिया पर जैसे ही गोलियां चलनी शुरू हुई तो भगदड़ मच गई। दुकानों के शटर धड़ाधड़ बंद हो गए। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागा। जब तक लोग कुछ समझ पाते पुष्पेंद्र और बाशिद की जान चली और हमलावर फरार हो चुके थे। पुष्पेंद्र धामा अरबन डेवलपमेंट मिनिस्ट्री, दिल्ली में सीनियर एकाउटेंट के पद पर कार्यरत था, जबकि बाशिद कस्बे में ही टेलरिंग की दुकान चलाता था। दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी और दोनों को अक्सर साथ देखा जाता था।
साढ़े सात साल पहले की चेयरमैन हरेंद्र धामा की हत्या
खेकड़ा (बागपत)। खेकड़ा नगर पालिका के अध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से खून-खराबा चल रहा है। साढ़े सात साल पहले नीलम धामा के पति चेयरमैन हरेंद्र धामा की हत्या भी हो चुकी है। अब तक तीन हत्याएं हो चुकी हैं। दस नवंबर 2009 को चेयरमैन हरेंद्र धामा नगर पालिका परिषद कार्यालय में बैठे थे। तभी उनकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया था भूपेंद्र चौधरी ने वारदात की साजिश रची है। पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र उर्फ लाला निवासी ढ़िकौली, सुक्रम पाल उर्फ भगत निवासी चांदन हेड़ी, सुदेश बसी, सोनू उर्फ सतेंद्र निवासी तुगाना और कर्मवीर के नाम सामने आए थे। आरोपी धर्मेंद्र उर्फ लाला मुजफ्फरनगर और सोनू उर्फ सतेंद्र को बागपत पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। पुलिस ने आरोपी सुक्रम पाल पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। 26 अप्रैल 2015 को नोएडा एसटीएफ ने उसको पंजाब से गिरफ्तार किया था।
48 घंटे और पांच हत्याएं
खेकड़ा। अपराधी खुलकर खेल रहे हैं। पुलिस बेबस दिख रही है। पिछले 48 घंटे में जिले में पांच हत्याएं हो चुकी है। कांधला के भट्ठा कारोबारी आदेश सैनी की लाश शनिवार सुबह बासौली गांव के निकट मिली थी। इसी दिन चिरचिटा गांव में विवाहिता प्रीति की हत्या कर दी गई। यही नहीं डौला गांव में पीट-पीटकर रमेश की हत्या हुई। पुलिस इन तीन हत्या की वारदातों की गुत्थी में उलझी थी कि उधर, रविवार रात खेकड़ा में दोहरे हत्याकांड़ को अंजाम दे दिया गया।
गिरफ्तारी की मांग पर अड़े पीड़ित
खेकड़ा। गुस्साए लोग मृतक पुष्पेंद्र धामा और बाशिद के शवों को चेयरमैन के आवास पर ले गए। इसकी सूचना मिलते ही एसपी अजय शंकर राय और एडीएम डीपी सिंह मौके पर पहुंचे। लोगों का कहना था कि पहले हमलावरों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। इसके बाद शवों को उठाने दिया जाएगा। देर रात तक पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मान-मनौव्वल में जुटे रहे। लोगों का कहना है कि हमलावरों ने कई राउंड गोलियां चलाई हैं।
दो हत्या में आरोपी था पुष्पेंद्र
खेकड़ा। हरेंद्र धामा की हत्या के आरोपी कर्मवीर के पिता रामपाल गांधी इंटर कॉलेज के मैनेजर थे। आठ जुलाई 2010 को उनकी हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या का आरोप सुरेंद्र, पुष्पेंद्र धामा के अलावा 17-16 लोगों पर लगा था। इसके अलावा 18 जनवरी 2014 को भूपेंद्र चौधरी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के चचेरे भाई बिल्लू ने सुरेंद्र धामा, देवेंद्र सुनील, योगेंद्र, पुष्पेंद्र धामा, बबलू और तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कितने थे हमलावर, कितनी चली गोलियां
खेकड़ा। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले हमलावरों की संख्या दो से अधिक मानी जा रही है। जिस तरह वारदात को अंजाम दिया, उससे लगता है कि हमलावरों ने पूरा प्लान बनाया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक काफी गोलियां चली है।