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हत्या नहीं, एनकाउंटर था
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Thu, 17 Dec 2015 12:43 AM IST
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गांगनौली गांव के जंगल में 19 जनवरी 2015 को हुए पांच हजार के इनामी प्रवीण उर्फ भगत निवासी सिसौली के एनकाउंटर को प्रमोद गांगनौली की मां सुभाषना देवी ने गलत बताते हुए 11 लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए दोघट थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस केस में जांच के आधार पर एनकाउंटर को ही सही मानते हुए सभी 11 आरोपियों को क्लीनचिट दे दी है। यही नहीं मामले में फाइनल रिपोर्ट तक लगा दी गई है।
सुभाषना देवी ने आरोप लगाया था कि 18 जनवरी 2015 की शाम उनके घर पर उनका भाई कल्लू तथा सिसौली का प्रवीन उर्फ भगत आए हुए थे। इसी दौरान उनके बेटे रवि ने खेत में पड़ी पापुलर की लकड़ी को बेचने के बारे में उनसे बातचीत की थी।
19 जनवरी की सुबह लकड़ी बुढ़ाना ले जाने के लिए रवि, कल्लू और प्रवीन उर्फ भगत गांव में खेत से ट्रैक्टर-ट्राली लेने गए थे। कुछ ही देर बाद उन्हें खेतों में गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। वहां पर जाकर देखा तो रवि के पैर में गोली लगी तथा भगत की हत्या हुई मिली।
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पूछताछ के दौरान रवि ने बताया था कि उन पर आरोपी अशोक, रविंद्र, पंकज, विवेक और अंकुर ने गोलियां चलाई थी। वह ईख के खेत में छुप गया था। वहां पर पुलिसवालों के साथ राजेंद्र, अशोक, सुरेंद्र, सचिन, बिट्टू, अनंगपाल पहुंचे। पुलिसवालों ने कहा कि भगत की लाश को आगे ले चलो।
इसका एनकाउंटर दिखा देंगे और तुम हत्या के केस से बच जाओगे। आरोपियों ने ऐसा ही किया। पुलिस ने घटना को मुठभेड़ में दर्ज किया। बाद में कोर्ट के आदेश पर दोघट थाना में 11 आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। केस की जांच चुनाव सैल प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह कर रहे थे।
इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह का कहना है कि केस के संबंध में 70-80 लोगों के बयान दर्ज किए गए। अधिकतर लोगों ने आरोपियों को घटना में शामिल न होने बताया। केस के गवाहों ने भी घटना के बारे में जानकारी होने से इंकार किया। उसी आधार पर केस में फाइनल रिपोर्ट लगाई गई है।
इनके खिलाफ हुई थी हत्या की रिपोर्ट दर्ज
1. राजेंद्र : गांगनौली गांव कर रहने वाला है। उनके परिवार के पांच लोगों की हत्या हो चुकी है।
2. बिट्टू : राजेंद्र का भतीजा है। आर्मी में जवान है।
3. पंकज : गांगनौली गांव का रहने वाला है। मृतक परीक्षित का भाई है।
4. अशोक : चांदनहेड़ा गांव का रहने वाला है। आर्मी में हवलदार है।
5. अनंगपाल : वाजिदपुर का रहने वाला है। परीक्षित का मामा है।
6. रविंद्र : अशोक का भाई है।
7. विवेक : मुजफ्फरनगर के सिसौली गांव का रहने वाला है।
8. अंकुर : सिसौली गांव का रहने वाला है।
9. अशोक : सिसौली निवासी है।
10. सुरेंद्र : सिसौली का रहने वाला है।
11 सचिन : सिसौली का निवासी है। (पुलिस के मुताबिक)
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सुभाषना देवी ने आरोप लगाया था कि 18 जनवरी 2015 की शाम उनके घर पर उनका भाई कल्लू तथा सिसौली का प्रवीन उर्फ भगत आए हुए थे। इसी दौरान उनके बेटे रवि ने खेत में पड़ी पापुलर की लकड़ी को बेचने के बारे में उनसे बातचीत की थी।
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19 जनवरी की सुबह लकड़ी बुढ़ाना ले जाने के लिए रवि, कल्लू और प्रवीन उर्फ भगत गांव में खेत से ट्रैक्टर-ट्राली लेने गए थे। कुछ ही देर बाद उन्हें खेतों में गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। वहां पर जाकर देखा तो रवि के पैर में गोली लगी तथा भगत की हत्या हुई मिली।
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पूछताछ के दौरान रवि ने बताया था कि उन पर आरोपी अशोक, रविंद्र, पंकज, विवेक और अंकुर ने गोलियां चलाई थी। वह ईख के खेत में छुप गया था। वहां पर पुलिसवालों के साथ राजेंद्र, अशोक, सुरेंद्र, सचिन, बिट्टू, अनंगपाल पहुंचे। पुलिसवालों ने कहा कि भगत की लाश को आगे ले चलो।
इसका एनकाउंटर दिखा देंगे और तुम हत्या के केस से बच जाओगे। आरोपियों ने ऐसा ही किया। पुलिस ने घटना को मुठभेड़ में दर्ज किया। बाद में कोर्ट के आदेश पर दोघट थाना में 11 आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। केस की जांच चुनाव सैल प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह कर रहे थे।
इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह का कहना है कि केस के संबंध में 70-80 लोगों के बयान दर्ज किए गए। अधिकतर लोगों ने आरोपियों को घटना में शामिल न होने बताया। केस के गवाहों ने भी घटना के बारे में जानकारी होने से इंकार किया। उसी आधार पर केस में फाइनल रिपोर्ट लगाई गई है।
इनके खिलाफ हुई थी हत्या की रिपोर्ट दर्ज
1. राजेंद्र : गांगनौली गांव कर रहने वाला है। उनके परिवार के पांच लोगों की हत्या हो चुकी है।
2. बिट्टू : राजेंद्र का भतीजा है। आर्मी में जवान है।
3. पंकज : गांगनौली गांव का रहने वाला है। मृतक परीक्षित का भाई है।
4. अशोक : चांदनहेड़ा गांव का रहने वाला है। आर्मी में हवलदार है।
5. अनंगपाल : वाजिदपुर का रहने वाला है। परीक्षित का मामा है।
6. रविंद्र : अशोक का भाई है।
7. विवेक : मुजफ्फरनगर के सिसौली गांव का रहने वाला है।
8. अंकुर : सिसौली गांव का रहने वाला है।
9. अशोक : सिसौली निवासी है।
10. सुरेंद्र : सिसौली का रहने वाला है।
11 सचिन : सिसौली का निवासी है। (पुलिस के मुताबिक)