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मलकपुर मिल के अफसरों को बंधक बनाया
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 14 Aug 2016 02:03 AM IST
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बड़ौत के खेटा हटाना गांव में मिल अधिकारियों को बंधक बनाते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत। खेड़ा-हटाना गांव में मलकपुर चीनी मिल के नये सत्र की जानकारी देने पहुंची डिप्टी कैन प्रबंधक और कैन ऑफिसर को ग्रामीणों ने पंचायत में बंधक बनाया। किसानों ने कहा गन्ने का भुगतान बिना हुए मिल अधिकारी नये सत्र की जानकारी देने क्यों आए हैं। एक घंटे बाद अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे किसानों की बात मिल मालिकों तक पहुंचा देंगे, तब जाकर उन्हें छोड़ा।
गांव में सतेंद्र प्रधान के घेर में उनकी अध्यक्षता में गन्ना भुगतान को लेकर पंचायत चल रही थी। इसी दौरान मलकपुर चीनी मिल के डिप्टी कैन प्रबंधक संजीव कुमार और कैन अधिकारी अनिल तोमर भी मिल के नये सत्र की जानकारी देने पहुंचे तो ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई और उन्हें वे पंचायत में ले आएं और बंधक बनाया।
किसानों ने कहा मिल ने गन्ने का भुगतान नहीं किया है। इससे किसान परेशान हैं। कई बार मिल अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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उन्होंने कहा मिल चलने से पूर्व गन्ने का भुगतान कराया जाए, नहीं तो उग्र आंदोलन होगा। किसानों ने बंधक बनाए गन्ना अधिकारियों को खरीखोटी सुनाई। एक घंटे बाद अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया वे उनकी बात मिल मालिकों को बताएंगे तो उन्होंने यह चेतावनी देकर छोड़ दिया कि यदि भुगतान से पहले फिर गांव में घुसे तो उन्हें बंधक बना लिया जाएगा। पंचायत में रोहताश, रामनिवास, रामफल, जसवीर, विनोद, मांगेराम, यशपाल, रविंद्र, संजीव, नरेंद्र शर्मा, अजब सिंह, महक सिंह, तेजपाल आदि रहे।
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गांव में सतेंद्र प्रधान के घेर में उनकी अध्यक्षता में गन्ना भुगतान को लेकर पंचायत चल रही थी। इसी दौरान मलकपुर चीनी मिल के डिप्टी कैन प्रबंधक संजीव कुमार और कैन अधिकारी अनिल तोमर भी मिल के नये सत्र की जानकारी देने पहुंचे तो ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई और उन्हें वे पंचायत में ले आएं और बंधक बनाया।
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किसानों ने कहा मिल ने गन्ने का भुगतान नहीं किया है। इससे किसान परेशान हैं। कई बार मिल अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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उन्होंने कहा मिल चलने से पूर्व गन्ने का भुगतान कराया जाए, नहीं तो उग्र आंदोलन होगा। किसानों ने बंधक बनाए गन्ना अधिकारियों को खरीखोटी सुनाई। एक घंटे बाद अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया वे उनकी बात मिल मालिकों को बताएंगे तो उन्होंने यह चेतावनी देकर छोड़ दिया कि यदि भुगतान से पहले फिर गांव में घुसे तो उन्हें बंधक बना लिया जाएगा। पंचायत में रोहताश, रामनिवास, रामफल, जसवीर, विनोद, मांगेराम, यशपाल, रविंद्र, संजीव, नरेंद्र शर्मा, अजब सिंह, महक सिंह, तेजपाल आदि रहे।