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मेरठ, गाजियाबाद से मांगी गई फिरौती
ब्यूरो/अमर उजाला, दोघट-बागपत
Updated Sat, 30 Jul 2016 12:42 AM IST
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रविंद्र से जानकारी लेते डीएम ह्दय शंकर तिवारी व एसपी पूनम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भड़ल गांव से बृहस्पतिवार दोपहर को अपहृत किए गए कक्षा चार के छात्र क्रिश उर्फ आर्यन का कोई सुराग नहीं लग सका। सर्विलांस के जरिए पुलिस को जानकारी मिली है कि अपहरणकर्ताओं ने पीड़ित परिवार से डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती पहले मेरठ और फिर गाजियाबाद से मांगी। जिस नंबर से फोन आया था वह सिम बिहार की आईडी पर खरीदा गया है।
आशंका जताई जा रही है कि आसपास के जनपदों में ही छात्र को रखा जा रहा है। आर्यन के पिता ने अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया है। उधर, एसपी पूनम ने पीड़ित परिवार से मामले की जानकारी ली।
दोघट के गांव भड़ल निवासी चमड़ा व्यापारी रविंद्र का बेटा क्रिश उर्फ आर्यन का कांवड़ सेवा शिविर से करीब 12:30 बजे अपहरण हो गया था। इसका पता दोपहर 1:50 बजे तब चला जब रविंद्र के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन आया। फोनकर्ता ने क्रिश को अपने कब्जे में होना बताया। साथ ही उसे छोड़ने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। शाम करीब सवा चार बजे फिर उसी नंबर से फोन आया था।
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उस समय भी फिरौती की मांग की गई थी। घटना की पुलिस अफसरों से शिकायत की गई। पुलिस ने सर्विलांस के सहारे अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने का प्रयास किया। पुलिस सूत्रों की माने तो जिस नंबर से फोन आया था। वह सिम बिहार के पते पर खरीदा गया है। जिस समय फिरौती का फोन आया। पहले फोन की लोकेशन मेरठ तथा दूसरी बार के फोन की लोकेशन गाजियाबाद की मिली है।
उधर, एसपी पूनम ने बृहस्पतिवार रात पीड़ित परिवार से मामले की जानकारी और बच्चे को सकुशल बरामद कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने पुलिस टीम के साथ चौगामा क्षेत्र के जंगल में चेकिंग अभियान भी चलाया। एएसपी अजीजुल हक का कहना है कि बच्चे की बरामदगी के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
फिरौती के लिए ही खरीदा गया सिम ः अपहरण में जिस नंबर से फोन आया है। उसका केवल फिरौती मांगने में ही इस्तेमाल किया गया है। उससे पहले इस नंबर से कोई फोन भी नहीं किया गया है। न ही इस नंबर पर किसी का फोन आया है। माना जा रहा है यह नंबर क्रिश के अपहरण में इस्तेमाल करने के लिए ही खरीदा गया है।
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आशंका जताई जा रही है कि आसपास के जनपदों में ही छात्र को रखा जा रहा है। आर्यन के पिता ने अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया है। उधर, एसपी पूनम ने पीड़ित परिवार से मामले की जानकारी ली।
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दोघट के गांव भड़ल निवासी चमड़ा व्यापारी रविंद्र का बेटा क्रिश उर्फ आर्यन का कांवड़ सेवा शिविर से करीब 12:30 बजे अपहरण हो गया था। इसका पता दोपहर 1:50 बजे तब चला जब रविंद्र के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन आया। फोनकर्ता ने क्रिश को अपने कब्जे में होना बताया। साथ ही उसे छोड़ने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। शाम करीब सवा चार बजे फिर उसी नंबर से फोन आया था।
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उस समय भी फिरौती की मांग की गई थी। घटना की पुलिस अफसरों से शिकायत की गई। पुलिस ने सर्विलांस के सहारे अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने का प्रयास किया। पुलिस सूत्रों की माने तो जिस नंबर से फोन आया था। वह सिम बिहार के पते पर खरीदा गया है। जिस समय फिरौती का फोन आया। पहले फोन की लोकेशन मेरठ तथा दूसरी बार के फोन की लोकेशन गाजियाबाद की मिली है।
उधर, एसपी पूनम ने बृहस्पतिवार रात पीड़ित परिवार से मामले की जानकारी और बच्चे को सकुशल बरामद कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने पुलिस टीम के साथ चौगामा क्षेत्र के जंगल में चेकिंग अभियान भी चलाया। एएसपी अजीजुल हक का कहना है कि बच्चे की बरामदगी के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
फिरौती के लिए ही खरीदा गया सिम ः अपहरण में जिस नंबर से फोन आया है। उसका केवल फिरौती मांगने में ही इस्तेमाल किया गया है। उससे पहले इस नंबर से कोई फोन भी नहीं किया गया है। न ही इस नंबर पर किसी का फोन आया है। माना जा रहा है यह नंबर क्रिश के अपहरण में इस्तेमाल करने के लिए ही खरीदा गया है।