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मकान बेचो या दुकान, हमें डेढ़ करोड़ चाहिए
ब्यूरो/अमर उजाला, दाहा
Updated Sat, 30 Jul 2016 12:45 AM IST
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बच्चों के साथ बेटे की फोटो लेकर बैठा पिता रविंद्र और मां अंजना।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सुनो...रविंद्र। तुम्हारा बेटा आर्यन हमारे कब्जे में है। डेढ़ करोड़ रुपये का इंतजाम कर लो। जवाब में रविंद्र ने कहा कि वह इतने रुपये कहां से लाएगा। फिरौती मांगने वाले ने दोहराया, मकान बेचो या दुकान, हमें तो डेढ़ करोड़ चाहिए। अगर इंतजाम नहीं हुआ तो बेटे को ठिकाने लगा देंगे।
यह मजमून है उस धमकी का जो बदमाशों ने फिरौती के लिए रविंद्र को दी है। रविंद्र ने इस धमकी को रिकॉर्ड कर लिया। शुक्रवार को डीएम हृदय शंकर तिवारी और एसपी पूनम गांव में पहुंचे तो ग्रामीणों की मौजूदगी में इस टेप को उन्हें सुनाया गया।
ग्राम प्रधान देवेंद्र कुुमार ने बताया कि सबसे पहले बदमाश ने कॉल रिसीव होते ही रविंद्र को उसके बेटे के कब्जे में होने की जानकारी दी। इस पर रविंद्र सकपका गया। बदमाश ने इसके बाद डेढ़ करोड़ रुपये मांगे। रविंद्र ने किसी तरह खुद को संभालकर इतनी रकम उसके पास नहीं होने की बात कही। बदमाश ने साफ लहजे में कहा कि दुकान बेचो या मकान, हमें डेढ़ करोड़ चाहिए।
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बेटे को ठिकाने लगाने की धमकी भी दी गई। प्रधान का कहना है कि रविंद्र ने बदमाशों को मोबाइल पर यह समझाने की कोशिश की है कि उसके पास इतने रुपये नहीं है। वह डेढ़ करोड़ रुपये का इंतजाम नहीं कर सकता। लेकिन बदमाश नहीं माने और फिरौती में बार-बार रकम की मांग करते रहे।
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यह मजमून है उस धमकी का जो बदमाशों ने फिरौती के लिए रविंद्र को दी है। रविंद्र ने इस धमकी को रिकॉर्ड कर लिया। शुक्रवार को डीएम हृदय शंकर तिवारी और एसपी पूनम गांव में पहुंचे तो ग्रामीणों की मौजूदगी में इस टेप को उन्हें सुनाया गया।
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ग्राम प्रधान देवेंद्र कुुमार ने बताया कि सबसे पहले बदमाश ने कॉल रिसीव होते ही रविंद्र को उसके बेटे के कब्जे में होने की जानकारी दी। इस पर रविंद्र सकपका गया। बदमाश ने इसके बाद डेढ़ करोड़ रुपये मांगे। रविंद्र ने किसी तरह खुद को संभालकर इतनी रकम उसके पास नहीं होने की बात कही। बदमाश ने साफ लहजे में कहा कि दुकान बेचो या मकान, हमें डेढ़ करोड़ चाहिए।
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बेटे को ठिकाने लगाने की धमकी भी दी गई। प्रधान का कहना है कि रविंद्र ने बदमाशों को मोबाइल पर यह समझाने की कोशिश की है कि उसके पास इतने रुपये नहीं है। वह डेढ़ करोड़ रुपये का इंतजाम नहीं कर सकता। लेकिन बदमाश नहीं माने और फिरौती में बार-बार रकम की मांग करते रहे।