दीपक के परिवार को छोड़ना पड़ा फौलादनगर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोघट क्षेत्र के गांव फौलादनगर गांव के युवक दीपक प्रजापति का पड़ोस की ही खैरून के साथ पिछले तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह दोनों 17 मार्च का घर से भाग गए थे। 21 मार्च को खैरून के परिवार की ओर से दीपक के परिवार के चार सदस्यों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। 25 मार्च को खैरून ने धर्म परिवर्तन कर अपना नाम खूशबू रख लिया। बृहस्पतिवार को दोनों गवाही के लिए कोर्ट में हाजिर हुए। इस बीच उन पर हमला किया गया था। कोर्ट ने उनको एक साथ रहने की अनुमति दे दी थी। उधर, दीपक ने अपने परिवार को खतरा जताया था। दीपक का कहना है कि उसके परिवार के सदस्य गांव छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। दहशत से परिवार ने गांव से भी पलायन कर दिया है।
अधिवक्ता विनय कुमार का कहना है कि खूशबू के परिवार की दहशत से दीपक के परिवार ने गांव छोड़ दिया है। जो सदस्य गांव में रह रहे है। परिवार के एक या दो सदस्य गांव में रह रहे हैं,अगर सुरक्षा नहीं मिली तो वह भी चले जाएंगे। उधर, ग्राम प्रधान के पति साजिद का कहना है कि इस मामले में गांव में पूरी तरह से शांति का माहौल है। दीपक और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। तभी से वे लोग गांव से गए हुए है। उनके दो-तीन लोग यहां पर रह रहे है। गांव में फिलहाल पुलिस तैनात है।
खुशबू के परिवार ने दी थीं यातनाएं
बागपत। अधिवक्ता विनय कुमार के मुताबिक इस मामले में खूशबू के परिजनों और अन्य लोगों ने दीपक के परिवार को बंधक बनाकर बुरी तरह से पिटाई कर यातनाएं दी। आरोप है कि अश्लील फोटो खींचकर वायरल करने और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ितों ने घटना की पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ितों ने कोर्ट की शरण ली। सीजेएम कोर्ट में 19 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की अर्जी लगाई है।