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कर्ज में डूबे किसान ने आत्महत्या की

ब्यूरो/अमर उजाला, पिलाना Updated Thu, 23 Jun 2016 12:22 AM IST
रोशनगढ़ गांव में किसान की मौत के बाद गमजदा महिलाएं।
रोशनगढ़ गांव में किसान की मौत के बाद गमजदा महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बागपत में कर्ज से आहत होकर किसान के आत्महत्या करने का सिलसिला जारी है। रोशनगढ़ गांव के किसान चौधरी चांद (52) ने आर्थिक तंगी के चलते मंगलवार की रात में जहरीला पदार्थ खाकर मौत को गले लगा लिया। उसके परिजनों का आरोप है कि ऊर्जा निगम और तहसील प्रशासन के टॉर्चर करने पर उसने अपनी जान दी है। इस घटना से परिवार में कोहराम मचा है। 


 रोशनगढ़ गांव के किसान चांद  मंगलवार देर शाम घर से खेत में पानी चलाने के लिए गए थे। बुधवार सुबह परिवार के लोग जब उनकी चाय लेकर खेत में पहुंचे तो वहां पर वे मृत मिले। जानकारी मिलते ही मौके पर काफी लोग इकट्ठे हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौका मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।


मृतक किसान के चाचा जगवीर सिंह ने बताया चांद पिछले काफी समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उस पर करीब पांच लाख रुपये का कर्ज था। दो साल पूर्व किसान क्रेडिट कार्ड पर डेढ़ लाख रुपये का ऋण लिया था। जो निर्धारित समय में पूरा जमा नहीं हो पाया था।

इसलिए उनके खिलाफ आरसी जारी हो गई थी। तहसील प्रशासन का एक कर्मचारी उनके घर पर आकर उनको टॉर्चर करता था। साथ ही बिजली का बिल जमा न हो पाने के कारण ऊर्जा निगम की टीम ने उनकी ट्यूबवेल का कनेक्शन काट दिया था। 

चार दिन पहले ही चांद विद्युत लाइन पर केबल डालकर अपने खेत में फसल की सिंचाई कर रहा था। इसी दौरान ऊर्जा निगम की टीम ने वहां छापामारी कर दी थी। उनके खिलाफ बालैनी थाना में विद्युत चोरी का मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी थी।

इसके लिए चांद से निगम के एक कर्मचारी ने 10 हजार रुपये रिश्वत ली थी। चांद ने अपना भैंसा बेचकर संबंधित कर्मचारी को रिश्वत दी थी। साहूकार भी उस पर रुपये का तगादा कर रहे थे। इससे वह काफी टेंशन में था। इसी से आहत होने उनसे आत्महत्या की है। 

बालैनी थाना प्रभारी लोकेश शर्मा ने कहा किसान चांद की स्वाभाविक मौत हुई है। आत्महत्या का आरोप पूरी तरह से गलत है। उनके सामने किसी ने किसान द्वारा आत्महत्या करने का जिक्र भी नहीं किया है। एसडीएम राकेश कुमार सिंह ने कहा मामला उनकी जानकारी में नहीं है, वह जांच कराएंगे।

एक माह पहले निबाली के किसान ने की थी आत्महत्या 
बागपत। कर्ज से आहत होकर एक माह पहले निबाली गांव के किसान ने भी जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले गांव ढ़िकाना, अमीपुर बालैनी, राजपुर खामपुर, गढ़ी कांगरान, रहतना, कस्बा खेकड़ा और दोघट के किसान अपनी जान दे चुके हैं। 

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