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लोहार्गल में संत की संदिग्ध मौत के बाद बवाल: धाम बंद कर धरने पर बैठे ग्रामीण; सात दिन में कार्रवाई का आश्वास
Tue, 29 Sep 2026 10:07 PM IST
सीकर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर
Published by: सीकर ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 10:07 PM IST
सार
लोहार्गल धाम में संत सूरजदास महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मंगलवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। तीन दिन से लापता संत का शव सोमवार को पहाड़ी क्षेत्र में झाड़ियों के बीच मिला था। दुर्गम पहाड़ी और रास्ते की कठिन परिस्थितियों के कारण सोमवार को शव को नीचे नहीं लाया जा सका।
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संत की मौत से लोहार्गल में तनाव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संत सूरजदास महाराज लोहार्गल स्थित बरखंडी धाम से जुड़े हुए थे। उनके लापता होने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की ओर से तलाश की जा रही थी। सोमवार को पहाड़ी इलाके में झाड़ियों के बीच शव मिलने के बाद पुलिस-प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसे सुरक्षित नीचे लाने की थी। दुर्गम रास्ते और पहाड़ी क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू में समय लगा। शव को सोमवार को नीचे नहीं लाया जा सका, जिसके बाद मंगलवार को संत समाज और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई।
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लोहार्गल बंद कर धरने पर बैठे संत और ग्रामीण
शव को पहाड़ी से निकालने में देरी के विरोध में मंगलवार को संत समाज और ग्रामीणों ने लोहार्गल बंद कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में साधु-संत और ग्रामीण मौके पर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन से जल्द शव निकालने और संत की मौत के मामले में कार्रवाई करने की मांग की गई। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाने की भी मांग उठाई।
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एसडीआरएफ टीम ने पहाड़ी से उतारा शव
जयपुर से आई एसडीआरएफ की सात सदस्यीय टीम एसीपी ओमप्रकाश के नेतृत्व में लोहार्गल पहुंची। टीम ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की मदद से पहाड़ी क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान चलाया और संत सूरजदास महाराज का शव नीचे उतारा। इसके बाद लोहार्गल से गोल्याणा तक शवयात्रा निकाली गई। गोल्याणा सर्किल पर शव रखकर संत समाज और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।
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अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर की बातचीत
मामले की गंभीरता को देखते हुए झुंझुनूं एसपी देवेंद्र सिंह और नवलगढ़ उपखंड अधिकारी प्रांजल कंवर भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने संत समाज से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं। बातचीत के दौरान कई मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिए जाने के बाद संत के शव को पोस्टमार्टम के लिए नवलगढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया।
पोस्टमार्टम के बाद किरोड़ी धाम में अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संत सूरजदास महाराज का अंतिम संस्कार किरोड़ी धाम में किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और संत समाज के लोग मौजूद रहे।
सात दिन में कार्रवाई का आश्वासन
बातचीत के दौरान संत समाज की ओर से कई मांगें रखी गईं। इनमें मामले में दोषियों को सात दिन के भीतर गिरफ्तार करने, लोहार्गल पुलिस चौकी पर पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात करने और रात के समय लोहार्गल में प्रवेश पर रोक लगाने जैसी मांगें शामिल थीं। इसके अलावा असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने की मांग भी उठाई गई।
संत समाज और ग्रामीणों ने प्रशासन से संत की मौत की निष्पक्ष जांच और पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाने की मांग की है। प्रशासन की ओर से मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति को संभालने की कोशिश की गई।