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गवाह को धमकाने आया था, दबोचा
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Tue, 19 Jul 2016 12:25 AM IST
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बिहारीपुर गांव में वेदपाल और विनोद की गोलियों से भूनकर की गई हत्या के मामले में गवाह को एक बदमाश ने सोमवार सुबह घर पर आकर धमकाया और चेतावनी दी कि केस में फैसला नहीं किया तो अंजाम बुरा होगा। शोर-शराबा होने पर बदमाश को ग्रामीणों ने दबोच लिया और धुनाई कर पुलिस को सौंप दिया।
बिहारीपुर निवासी वेदपाल और फैजपुर-निनाना गांव के विनोद की काफी पुरानी दोस्ती थी। 19 जून 2015 को बिहारीपुर गांव में लगने वाली साप्ताहिक पैठ में वर्चस्व को लेकर उनकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मृतक वेदपाल के परिजनों ने बिहारीपुर गांव के ही सतवीर और उसके परिवार के लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पांच आरोपी अभी भी जेल में बंद है।
आरोपियों पर रासुका तक की कार्रवाई हो रही है। केस कोर्ट में ट्रायल पर है। मृतक विनोद के भाई सतेंद्र का आरोप है कि रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे एक अज्ञात युवक ने उनके घर पर पहुंचकर केस में समझौते का दबाव बनाया।
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आरोपी ने कहा कि वह जेल में दोहरे हत्याकांड के केस के आरोपियों के साथ बंद था। उन्होंने कहा था कि केस में फैसला नहीं किया तो खून-खराबा हो जाएगा। उनके कहने पर ही वह यहां पर आया है।
यह कहकर आरोपी वहां से चला गया। सोमवार सुबह दोबारा फिर आरोपी घर पर आया और धमकी देने लगा। शोर-शराबा होने पर लोग इकट्ठे हो गए। लोगों को देख आरोपी भागने लगा। पीछा करने पर उसे पकड़ लिया गया।
जानकारी करने पर आरोपी ने खुद को निरपुड़ा गांव का बताया। बाद में आरोपी को पुलिस को सौंप दिया। कोतवाली एसएसआई लोकेंद्र शर्मा का कहना है कि आरोपी युवक से पूछताछ की जा रही है। वह दहेज हत्या के केस में जेल में बंद था। कुछ दिन पूर्व ही जमानत पर आया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी बना रहे फैसले का दबाव
बागपत। वाजिदपुर निवासी रफीक का कहना है कि 10 जुलाई को कुछ लोगों ने उसके परिवार पर जानलेवा हमला किया था। तीन लोग घायल हुए थे। उनका इलाज चल रहा है। केस के दो आरोपी जेल जा चुके हैं। अन्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और केस में समझौते का दबाव बना रहे हैं। उसने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर कार्रवाई की मांग की।
जान प्यारी है तो केस की गवाही भूल जा
बागपत। लुहारी गांव की ब्रजेश का कहना है कि 24 जनवरी 2013 को उसके भाई रणवीर की हत्या कर दी गई थी। आरोपी केस में समझौते का दबाव बना रहे हैं। वह 15 जुलाई को कोर्ट में आई थी। आरोपियों ने उसे दोबारा धमकी दी कि अपनी और अपने बच्चों की जान प्यारी है तो केस की पैरवी करना और गवाही देना भूल जा, वरना अगली तारीख तक उसे ऊपर पहुंचा दिया जाएगा। इससे पूरा परिवार काफी भयभीत है। उसने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर परिवार की सुरक्षा की मांग की।
‘मेरे पति की हत्या की गई’
बागपत। बड़ौत क्षेत्र के लुहारी गांव निवासी ब्रिजेश का कहना है कि वर्ष 2012 में उसका पति अजेंद्र पाल घर से मेरठ के लिए गए थे। उनका शव कैड़वा गांव के पास पड़ा मिला था। पुलिस ने सड़क हादसा में रिपोर्ट दर्ज की थी। लेकिन कुछ दिन बात पता चला कि उसके पति की सड़क हादसे में जान नहीं गई। बल्कि उसकी हत्या की गई है।
गांव केे एक व्यक्ति ने अपने अनुसार उसके पति का पहले बीमा कराया था। उस बीमा की रकम हड़पने को उसकी हत्या की। आरोपी ने उसके पति के बीमा के करीब 35 लाख रुपये वसूले। इसकी जानकारी उसे बैंक से हुई। पता चलते ही उसने अफसरों से इसकी शिकायत की, लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। सोमवार को भी उसने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर केस की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
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बिहारीपुर निवासी वेदपाल और फैजपुर-निनाना गांव के विनोद की काफी पुरानी दोस्ती थी। 19 जून 2015 को बिहारीपुर गांव में लगने वाली साप्ताहिक पैठ में वर्चस्व को लेकर उनकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मृतक वेदपाल के परिजनों ने बिहारीपुर गांव के ही सतवीर और उसके परिवार के लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पांच आरोपी अभी भी जेल में बंद है।
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आरोपियों पर रासुका तक की कार्रवाई हो रही है। केस कोर्ट में ट्रायल पर है। मृतक विनोद के भाई सतेंद्र का आरोप है कि रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे एक अज्ञात युवक ने उनके घर पर पहुंचकर केस में समझौते का दबाव बनाया।
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आरोपी ने कहा कि वह जेल में दोहरे हत्याकांड के केस के आरोपियों के साथ बंद था। उन्होंने कहा था कि केस में फैसला नहीं किया तो खून-खराबा हो जाएगा। उनके कहने पर ही वह यहां पर आया है।
यह कहकर आरोपी वहां से चला गया। सोमवार सुबह दोबारा फिर आरोपी घर पर आया और धमकी देने लगा। शोर-शराबा होने पर लोग इकट्ठे हो गए। लोगों को देख आरोपी भागने लगा। पीछा करने पर उसे पकड़ लिया गया।
जानकारी करने पर आरोपी ने खुद को निरपुड़ा गांव का बताया। बाद में आरोपी को पुलिस को सौंप दिया। कोतवाली एसएसआई लोकेंद्र शर्मा का कहना है कि आरोपी युवक से पूछताछ की जा रही है। वह दहेज हत्या के केस में जेल में बंद था। कुछ दिन पूर्व ही जमानत पर आया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी बना रहे फैसले का दबाव
बागपत। वाजिदपुर निवासी रफीक का कहना है कि 10 जुलाई को कुछ लोगों ने उसके परिवार पर जानलेवा हमला किया था। तीन लोग घायल हुए थे। उनका इलाज चल रहा है। केस के दो आरोपी जेल जा चुके हैं। अन्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और केस में समझौते का दबाव बना रहे हैं। उसने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर कार्रवाई की मांग की।
जान प्यारी है तो केस की गवाही भूल जा
बागपत। लुहारी गांव की ब्रजेश का कहना है कि 24 जनवरी 2013 को उसके भाई रणवीर की हत्या कर दी गई थी। आरोपी केस में समझौते का दबाव बना रहे हैं। वह 15 जुलाई को कोर्ट में आई थी। आरोपियों ने उसे दोबारा धमकी दी कि अपनी और अपने बच्चों की जान प्यारी है तो केस की पैरवी करना और गवाही देना भूल जा, वरना अगली तारीख तक उसे ऊपर पहुंचा दिया जाएगा। इससे पूरा परिवार काफी भयभीत है। उसने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर परिवार की सुरक्षा की मांग की।
‘मेरे पति की हत्या की गई’
बागपत। बड़ौत क्षेत्र के लुहारी गांव निवासी ब्रिजेश का कहना है कि वर्ष 2012 में उसका पति अजेंद्र पाल घर से मेरठ के लिए गए थे। उनका शव कैड़वा गांव के पास पड़ा मिला था। पुलिस ने सड़क हादसा में रिपोर्ट दर्ज की थी। लेकिन कुछ दिन बात पता चला कि उसके पति की सड़क हादसे में जान नहीं गई। बल्कि उसकी हत्या की गई है।
गांव केे एक व्यक्ति ने अपने अनुसार उसके पति का पहले बीमा कराया था। उस बीमा की रकम हड़पने को उसकी हत्या की। आरोपी ने उसके पति के बीमा के करीब 35 लाख रुपये वसूले। इसकी जानकारी उसे बैंक से हुई। पता चलते ही उसने अफसरों से इसकी शिकायत की, लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। सोमवार को भी उसने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर केस की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।