फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   After all, the doctor will return to the original deployment

आखिरकार मूल तैनाती पर लौटेंगे डॉक्टर 

Fri, 31 Mar 2017 01:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Fri, 31 Mar 2017 01:09 AM IST
विज्ञापन
After all, the doctor will return to the original deployment
चिकित्सक
बागपत। सूबे में महंत सरकार बनते ही अब स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। मूल तैनाती के बजाए अटैचमेंट पर जिला मुख्यालय या अन्य जगहों पर तैनात डॉक्टरों, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को अटैचमेंट कैंसल कर दिया। शासन के निर्देश पर सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने कार्रवाई की। इससे कई जगह स्टाफ की कमी होगी तो कई जगह लोगों को सुविधाएं भी मिलेगी।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग में फेरबदल हुआ है। जिले में करीब 22 डॉक्टर, एएनएम, फार्मेसिस्ट ऐसे हैं, जो वर्तमान समय में अपनी मूल तैनाती की जगह के बजाए अटैचमेंट पर किसी दूसरी जगह नौकरी कर रहे हैं। इनमें अधिकतर जिला मुख्यालय पर तैनात हैं। बृहस्पतिवार को शासन के सख्त रवैये के चलते जिला स्तर पर अटैचमेंट कैंसल कर दिए। सीएमओ डॉ, सुषमा चंद्रा ने बताया जिले में ऐसे स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या 22 है। इसके अलावा अगर अन्य भी कोई मामला सामने आता है, तो उसका भी अटैचमेँट कैंसल कराया जाएगा। इन डॉक्टरों को अब अपने मूल तैनाती स्थल पर ही ड्यूटी करनी होगी।
विज्ञापन


क्या होगा फायदा, क्या नुकसान
देहात में डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी करने से बचते हैं। कई बार ऐसी शिकायत प्रशासन को मिलती है कि देहात में तैनाती के बावजूद अटैचमेंट जिला मुख्यालय पर कराया जाता है। देहात में स्टाफ की कमी हो जाती है। कई बार जिला मुख्यालय पर स्टाफ की कमी के चलते अटैचमेंट करना पड़ता है। सीएमओ ने कहा शासन के अग्रिम आदेशों तक अटैंचमेंट कैंसल कर दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूने भवन, रात नहीं बिताते डॉक्टर
देहात के सरकारी अस्पतालों में आवासीय भवन बने हैं, लेकिन यहां डॉक्टर रात नहीं बिताते हैं। जबकि नियम है तैनाती स्थल पर ही डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी रुकेंगे ताकि आम जन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सके। देखने वाली बात यह होगी कि अब डॉक्टर रात के समय देहात के अस्पतालों में रुकेंगे या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed