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बिहार से अपहृत मां-बेटा बसौद से बरामद
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
Updated Sat, 03 Oct 2015 12:33 AM IST
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बिहार के दरभंगा जनपद के गांव बलभद्रपुर गांव से 12 सितंबर से अपहृत मां-बेटे को शुक्रवार को बिहार और सिंघावली अहीर पुलिस ने संयुक्त रूप से बसौद गांव से बरामद कर लिया। इससे हड़कंप मच गया।
पुलिस के मुताबिक बलभद्रपुर गांव की महिला रागनी देवी, 12 सितंबर की सुबह अपने दो बेटे अभिषेक (10) और आयुष (7) को स्कूल छोड़ने के लिए घर से गई थी। अभिषेक घर पर पहुंच गया था। रागनी देवी और आयुष घर नहीं पहुंचे थे। परिजनों ने उन्हें काफी तलाश किया, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल पाया था।
लालन मंडल (रागनी देवी के पति) ने अपनी पत्नी और बेटे का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए बहादुरपुर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस तभी से ही उनकी तलाश में लगी हुई थी। बहादुरपुर थाना पुलिस को सर्विलांस के आधार पर महिला के मोबाइल की लोकेशन बागपत के बसौद गांव में मिली।
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बहादुरपुर थाना पुलिस और लालनमंडल शुक्रवार को बागपत पहुंचे। उन्होंने सिंघावली अहीर पुलिस के साथ मिलकर बसौद गांव में दबिश दी। सिंघावली अहीर थाना प्रभारी अशोक कुमार यादव का कहना है कि महिला रागनी देवी अपने बेटे आयुष के साथ बसौद गांव में सतवीर के मकान से मिली है।
सतवीर की तलाश की जा रही है। उधर महिला रागनीदेवी ने पुलिस को बताया कि उसका पति उसकी पिटाई करता था। इसी कारण वह अपनी मर्जी से अपने बेटे को लेकर दिल्ली आ गई थी। रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात सतवीर से हुई थी। सतवीर उसे अपने घर पर ले आया था।
पति को देख महिला ईख के खेत में छिपी ः बागपत। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार दोपहर जैसे ही पुलिस सतवीर के घर पर पहुंची। बच्चे आयुष ने अपने पिता लालनमंडल को पहचानते हुए कहा कि मम्मी मकान के अंदर है। इसी दौरान रागनी देवी ने अपने पति को देख लिया। वह घर से भागकर ईख के खेत में छिप गई। महिला पुलिसकर्मी ने खेत से उसे बाहर निकाला।
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पुलिस के मुताबिक बलभद्रपुर गांव की महिला रागनी देवी, 12 सितंबर की सुबह अपने दो बेटे अभिषेक (10) और आयुष (7) को स्कूल छोड़ने के लिए घर से गई थी। अभिषेक घर पर पहुंच गया था। रागनी देवी और आयुष घर नहीं पहुंचे थे। परिजनों ने उन्हें काफी तलाश किया, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल पाया था।
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लालन मंडल (रागनी देवी के पति) ने अपनी पत्नी और बेटे का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए बहादुरपुर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस तभी से ही उनकी तलाश में लगी हुई थी। बहादुरपुर थाना पुलिस को सर्विलांस के आधार पर महिला के मोबाइल की लोकेशन बागपत के बसौद गांव में मिली।
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बहादुरपुर थाना पुलिस और लालनमंडल शुक्रवार को बागपत पहुंचे। उन्होंने सिंघावली अहीर पुलिस के साथ मिलकर बसौद गांव में दबिश दी। सिंघावली अहीर थाना प्रभारी अशोक कुमार यादव का कहना है कि महिला रागनी देवी अपने बेटे आयुष के साथ बसौद गांव में सतवीर के मकान से मिली है।
सतवीर की तलाश की जा रही है। उधर महिला रागनीदेवी ने पुलिस को बताया कि उसका पति उसकी पिटाई करता था। इसी कारण वह अपनी मर्जी से अपने बेटे को लेकर दिल्ली आ गई थी। रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात सतवीर से हुई थी। सतवीर उसे अपने घर पर ले आया था।
पति को देख महिला ईख के खेत में छिपी ः बागपत। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार दोपहर जैसे ही पुलिस सतवीर के घर पर पहुंची। बच्चे आयुष ने अपने पिता लालनमंडल को पहचानते हुए कहा कि मम्मी मकान के अंदर है। इसी दौरान रागनी देवी ने अपने पति को देख लिया। वह घर से भागकर ईख के खेत में छिप गई। महिला पुलिसकर्मी ने खेत से उसे बाहर निकाला।