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बिना हेलमेट बाइक दौड़ाने में बालिकाएं भी कम नहीं
Updated Sun, 25 Feb 2018 01:20 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
नगर की सड़कों पर दुपहिया वाहन दौड़ाने की बात करें तो युवतियां भी लड़कों से कम नहीं है। पूरे दिन युवतियां स्कूटी और बाइकों पर एक साथ कई-कई बैठकर इधर से उधर वाहनों को दौड़ाती है, लेकिन इसके बाद भी पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
बिना हेलमेट बाइक चलाने से आए दिन क्षेत्र की सड़कों पर हादसों की संख्या बढ़ रही है। इसके बाद भी न तो लोग सबक ले रहे हैं और न ही पुलिस प्रशासन इस पर अंकुश लगाने के लिए कोई अभियान चला रहा है। नगर में गांधी रोड सहित छपरौली चुंगी पर एक साथ कई स्कूल और कॉलेज हैं। इनमें प्रतिदिन पढ़ाई करने के लिए नगर सहित क्षेत्र के गांवों से लड़कियां और लड़के स्कूटर, स्कूटी और बाइकों पर सवार होकर आते हैं। बाइक दौड़ाने में लड़के तो माहिर है, लेकिन लड़कियां भी कुछ कम नहीं। सुबह से लेकर शाम तक लड़कियां स्कूल जाने से लेकर बाजार में सामान खरीदने तक एक साथ कई-कई बैठकर स्कूटी को इस तरह दौड़ाती है, जैसे कोई रेस लगी हो। यहीं कारण है कि उनके साथ हादसों की संख्या मेें पिछले कई महीनों मेें बढ़ी है। इतना ही नहीं अधिकांश बाइक और स्कूटी सवार हेलमेट भी नहीं पहनते हैं। इस कारण हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़ी है।
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नगर की सड़कों पर दुपहिया वाहन दौड़ाने की बात करें तो युवतियां भी लड़कों से कम नहीं है। पूरे दिन युवतियां स्कूटी और बाइकों पर एक साथ कई-कई बैठकर इधर से उधर वाहनों को दौड़ाती है, लेकिन इसके बाद भी पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
बिना हेलमेट बाइक चलाने से आए दिन क्षेत्र की सड़कों पर हादसों की संख्या बढ़ रही है। इसके बाद भी न तो लोग सबक ले रहे हैं और न ही पुलिस प्रशासन इस पर अंकुश लगाने के लिए कोई अभियान चला रहा है। नगर में गांधी रोड सहित छपरौली चुंगी पर एक साथ कई स्कूल और कॉलेज हैं। इनमें प्रतिदिन पढ़ाई करने के लिए नगर सहित क्षेत्र के गांवों से लड़कियां और लड़के स्कूटर, स्कूटी और बाइकों पर सवार होकर आते हैं। बाइक दौड़ाने में लड़के तो माहिर है, लेकिन लड़कियां भी कुछ कम नहीं। सुबह से लेकर शाम तक लड़कियां स्कूल जाने से लेकर बाजार में सामान खरीदने तक एक साथ कई-कई बैठकर स्कूटी को इस तरह दौड़ाती है, जैसे कोई रेस लगी हो। यहीं कारण है कि उनके साथ हादसों की संख्या मेें पिछले कई महीनों मेें बढ़ी है। इतना ही नहीं अधिकांश बाइक और स्कूटी सवार हेलमेट भी नहीं पहनते हैं। इस कारण हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़ी है।
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