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बगैर पट्टी बांधे ही अंगूली कटे मरीज को कर दिया रेफर, हंगामा
Updated Mon, 01 Jan 2018 01:01 AM IST
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बागपत। जिला अस्पताल मरीजों का रेफर सेंटर बन गया है। रविवार को जरा सी अंगुली कटा बच्चा जिला अस्पताल में पहुंचा। वहां के चिकित्सकों ने उसे देखते ही रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि बगैर पट्टी बांधे ही उसको रेफर कर दिया। आपत्ति की तो उनके साथ स्टाफ ने अभद्रता की। इसके विरोध में उन्होंने हंगामा किया। उन्होंने कहा जिला अस्पताल के स्टाफ की उच्चाधिकारियों से शिकायत होगी।
नौरोजपुर गुर्जर गांव के सराजुद्दीन का ढाई वर्षीय बेटा वियान घर पर ही चाकू से गन्ना छील रहा था। इसी दौरान उसकी अंगुली कट गई। परिवार की महिला गुलशाना, सुहेल सहित अन्य लोगों का कहना है कि बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने उसको देखते ही हायर हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। इस पर आपत्ति की तो स्टाफ ने उनके साथ बदसलूकी की। चिकित्सकों ने घायल बच्चे के पट्टी भी नहीं बांधी। इसके विरोध में उन्होंने हंगामा किया। उन्होंने कहा इसकी अफसरों से शिकायत की जाएगी। उल्लेखनीय है कि यह पहला मामला नहीं है। यह हर रोज की कहासुनी है। कई बीमार मरीजों की तो मेरठ या दिल्ली के हायर हॉस्पिटल ले जाते समय उपचार के अभाव में मौत भी हो चुकी है। उधर, सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाहा का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अस्पताल में बिना वजह किसी भी मरीज को रेफर नहीं किया जाता है। सुविधा न होने के कारण ही घायल बच्चे को हायर हॉस्पिटल के लिए रेफर किया गया होगा।
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नौरोजपुर गुर्जर गांव के सराजुद्दीन का ढाई वर्षीय बेटा वियान घर पर ही चाकू से गन्ना छील रहा था। इसी दौरान उसकी अंगुली कट गई। परिवार की महिला गुलशाना, सुहेल सहित अन्य लोगों का कहना है कि बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने उसको देखते ही हायर हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। इस पर आपत्ति की तो स्टाफ ने उनके साथ बदसलूकी की। चिकित्सकों ने घायल बच्चे के पट्टी भी नहीं बांधी। इसके विरोध में उन्होंने हंगामा किया। उन्होंने कहा इसकी अफसरों से शिकायत की जाएगी। उल्लेखनीय है कि यह पहला मामला नहीं है। यह हर रोज की कहासुनी है। कई बीमार मरीजों की तो मेरठ या दिल्ली के हायर हॉस्पिटल ले जाते समय उपचार के अभाव में मौत भी हो चुकी है। उधर, सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाहा का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अस्पताल में बिना वजह किसी भी मरीज को रेफर नहीं किया जाता है। सुविधा न होने के कारण ही घायल बच्चे को हायर हॉस्पिटल के लिए रेफर किया गया होगा।
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