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रमाला मिल के गोलमाल पर सीएम को चिट्ठी
Updated Wed, 13 Dec 2017 01:05 AM IST
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बागपत। सहकारी चीनी मिल संघ के पूर्व प्रबंध निदेशक डॉ बीके यादव और रमाला मिल के प्रकरण की जांच तेजी से कराने की मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई है। सहकारी चीनी मिल के पूर्व संचालक रामपाल सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा मिल में नियुक्ति, ट्रांसफर और विस्तारीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये के गोलमाल की जांच तेजी से होनी चाहिए।
प्रबंधक निदेशक रहे डॉ. बीके यादव का कार्यकाल 18 दिसंबर 2013 से 23 मई 2017 तक रहा। गन्ना आयुक्त ने उनकी सीबीआई जांच की संस्तुति की। जिस वक्त यादव प्रबंध निदेशक रहे, उस चार साल के अंतराल में रमाला चीनी मिल में गड़बड़ी की कई शिकायतें की गई। भगवानपुर नांगल के पूर्व डायरेक्टर रामपाल सिंह, भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर, पूर्व संचालक सत्यवीर सिंह ने इसी अप्रैल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रकरण की शिकायत की। पूर्व संचालक ने कहा जनरल मैनेजर, मुख्य लेखाकार, मुख्य अभियंता, मुख्य रसायनविद, मुख्य गन्ना अधिकारी, सिविल इंजीनियर, केमिस्ट, इंजीनियर के पदों से करोड़ों रुपये प्रतिवर्ष लिए जाते हैं। उनके कार्यकाल में आठ सौ नियुक्तियां कराई, इसमें 25 करोड़ रुपये के लेन-देन का आरोप लगाया। सीजन में कर्मचारियों को स्थानांतरण से डराकर रुपये लिए । पूर्व संचालक रामपाल सिंह का कहना है कि सीएम योगी को पत्र भेजकर जांच में तेजी लाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
विस्तारीकरण के नाम पर करोड़ों का गोलमाल
बागपत। शिकायत में डॉ. बीके यादव पर आरोप लगाया गया था कि चीनी मिलों के विस्तारीकरण, आधुनिकीकरण और बजट के नाम पर करीब 30 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की हेराफेरी की जाती थी। चीनी मिलों के लिए सामान खरीदने जैसे खाली बोरिया, बियरिंग, चूना, वेल्डिंग, रॉड आदि में करीब दस करोड़ रुपये की हेराफेरी की शिकायत की गई थी।
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प्रबंधक निदेशक रहे डॉ. बीके यादव का कार्यकाल 18 दिसंबर 2013 से 23 मई 2017 तक रहा। गन्ना आयुक्त ने उनकी सीबीआई जांच की संस्तुति की। जिस वक्त यादव प्रबंध निदेशक रहे, उस चार साल के अंतराल में रमाला चीनी मिल में गड़बड़ी की कई शिकायतें की गई। भगवानपुर नांगल के पूर्व डायरेक्टर रामपाल सिंह, भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर, पूर्व संचालक सत्यवीर सिंह ने इसी अप्रैल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रकरण की शिकायत की। पूर्व संचालक ने कहा जनरल मैनेजर, मुख्य लेखाकार, मुख्य अभियंता, मुख्य रसायनविद, मुख्य गन्ना अधिकारी, सिविल इंजीनियर, केमिस्ट, इंजीनियर के पदों से करोड़ों रुपये प्रतिवर्ष लिए जाते हैं। उनके कार्यकाल में आठ सौ नियुक्तियां कराई, इसमें 25 करोड़ रुपये के लेन-देन का आरोप लगाया। सीजन में कर्मचारियों को स्थानांतरण से डराकर रुपये लिए । पूर्व संचालक रामपाल सिंह का कहना है कि सीएम योगी को पत्र भेजकर जांच में तेजी लाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
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विस्तारीकरण के नाम पर करोड़ों का गोलमाल
बागपत। शिकायत में डॉ. बीके यादव पर आरोप लगाया गया था कि चीनी मिलों के विस्तारीकरण, आधुनिकीकरण और बजट के नाम पर करीब 30 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की हेराफेरी की जाती थी। चीनी मिलों के लिए सामान खरीदने जैसे खाली बोरिया, बियरिंग, चूना, वेल्डिंग, रॉड आदि में करीब दस करोड़ रुपये की हेराफेरी की शिकायत की गई थी।
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