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चकबंदी में आठ बीघा जमीन हो गई डेढ़ बीघा
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत-दोघट
Updated Sun, 04 Jun 2017 01:53 AM IST
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निजी अस्पताल में भर्ती बामनौली का किसान महेश
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बामनौली गांव में चकबंदी में आठ बीघा के स्थान पर मात्र डेढ़ बीघा जमीन दिए जाने से आहत एक किसान ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। उसे गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
महेशपाल पुत्र रामफल बामनौली गांव का रहने वाला है। उसे 1975 में नसबंदी कराए जाने पर सरकार की ओर से आठ बीघे का पट्टा दिया गया था। तभी से वह इस भूमि पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। हाल में हुई गांव में चकबंदी के दौरान उसे आठ बीघा के स्थान पर मात्र डेढ़ बीघा भूमि ही मिली।
वह बार-बार एसडीएम और अन्य अधिकारियों के चक्कर काटकर थक गया, लेकिन उसे जमीन नहीं मिल पाई। शुक्रवार को एसीओ भूमि की मापतौल के लिए गांव गए थे। जब महेशपाल मौके पर पहुंचा तो कुछ लोगों ने उसे यह कहते हुए धमकाकर भगा दिया कि तुझे और भूमि नहीं मिलेगी।
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इससे सदमे में आकर शनिवार की सुबह उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसे गंभीर हालत में बड़ौत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस संबंध में एसडीएम दर्शन सिंह निगम ने बताया कि अभी उन्हें इसकी सूचना मिली नहीं थी। यदि ऐसा हुआ है तो वे मामले को दिखवाकर चकबंदी अधिकारियों को सूचना देंगे।
अब कैसे पालेगा परिवार
महेशपाल पट्टे में मिली आठ बीघा जमीन से अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार चकबंदी अधिकारियों ने उसकी रोजी रोटी का साधन ही छीन लिया है। उसकी लगातार की जा रही शिकायतों को अनसुना किया जा रहा है। अब वह अपने परिवार को कैसे पालेगा। इसी दंश ने उसे आत्महत्या के लिए मंजूर कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार चकबंदी अधिकारियों की मनमानी की शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ से की जाएगी।
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महेशपाल पुत्र रामफल बामनौली गांव का रहने वाला है। उसे 1975 में नसबंदी कराए जाने पर सरकार की ओर से आठ बीघे का पट्टा दिया गया था। तभी से वह इस भूमि पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। हाल में हुई गांव में चकबंदी के दौरान उसे आठ बीघा के स्थान पर मात्र डेढ़ बीघा भूमि ही मिली।
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वह बार-बार एसडीएम और अन्य अधिकारियों के चक्कर काटकर थक गया, लेकिन उसे जमीन नहीं मिल पाई। शुक्रवार को एसीओ भूमि की मापतौल के लिए गांव गए थे। जब महेशपाल मौके पर पहुंचा तो कुछ लोगों ने उसे यह कहते हुए धमकाकर भगा दिया कि तुझे और भूमि नहीं मिलेगी।
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इससे सदमे में आकर शनिवार की सुबह उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसे गंभीर हालत में बड़ौत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस संबंध में एसडीएम दर्शन सिंह निगम ने बताया कि अभी उन्हें इसकी सूचना मिली नहीं थी। यदि ऐसा हुआ है तो वे मामले को दिखवाकर चकबंदी अधिकारियों को सूचना देंगे।
अब कैसे पालेगा परिवार
महेशपाल पट्टे में मिली आठ बीघा जमीन से अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार चकबंदी अधिकारियों ने उसकी रोजी रोटी का साधन ही छीन लिया है। उसकी लगातार की जा रही शिकायतों को अनसुना किया जा रहा है। अब वह अपने परिवार को कैसे पालेगा। इसी दंश ने उसे आत्महत्या के लिए मंजूर कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार चकबंदी अधिकारियों की मनमानी की शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ से की जाएगी।