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राठी ने 21 साल की उम्र में उठा लिए थे हथियार-MUZAFFARNAGAR
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:20 AM IST
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बागपत। जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कुख्यात अपराधी सुनील राठी ने 21 साल की उम्र से ही हथियार उठा लिए थे। इसके बाद उसने हत्या, लूट और रंगदारी की वारदातों को अंजाम दिया। वर्तमान समय में सुनील राठी की मां एवं पूर्व चेयरपर्सन राजबाला चौधरी भी रंगदारी के मामले में रुड़की जेल में बंद है।
टीकरी कस्बा निवासी सुनील राठी के पिता एवं टीकरी के चेयरमैन नरेश राठी सहित तीन लोगों की 12 दिसंबर 1999 को चुनाव की रंजिश में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस के बर्खास्त सिपाही रणवीर राठी का नाम सामने आया था। रणवीर राठी वही शख्स था, जिसने फूलन देवी के हत्यारोपी शेर सिंह राणा को तिहाड़ जेल से फरार कराया था। इसके बाद उसकी मां राजबाला चौधरी ने वर्ष 2000 नगर पंचायत का चुनाव लड़ा। उनके सामने टीकरी के चेयरमैन सोमपाल राठी के भाई महक सिंह खड़े थे। 21 जून 2000 में सुनील राठी ने अपने साथियों के साथ मिलकर महक सिंह और उसके भाई मोहकम सिंह की हत्या कर दी। इस डबल मर्डर में सुनील राठी आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। 18 अगस्त 2000 में सुनील राठी ने दिल्ली में शोरूम लूटा था। विरोध करने पर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या की। इसके बाद से वह जुर्म की दुनिया में धंसता चला गया। उत्तराखंड, दिल्ली, यूपी समेत अन्य राज्यों में भी उसने अपना आपराधिक नेटवर्क खड़ा किया। उसे उत्तराखंड पुलिस ने गिरफ्तार किया। कई सालों तक रुड़की जेल में बंद रहा। जेल से भी वह अपना गैंग चलाता रहा। इसके बाद उसे तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया। यहां पर भी वह अपराध करता रहा। यहां के बाद उसे बागपत जेल में भेजा। बागपत जेल से उसने रुड़की के चिकित्सक से रंगदारी मांगी। इस मामले में उसकी मां राजबाला चौधरी वर्तमान समय में भी रुड़की जेल में बंद है। अब वह बागपत जेल से अपना गैंग चला रहा है। जेल में एक तरफा उसका ही राज चलता है। बागपत के भूरा फरारी कांड में भी सुनील राठी का नाम सामने आया और मुकदमा चल रहा है।
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टीकरी कस्बा निवासी सुनील राठी के पिता एवं टीकरी के चेयरमैन नरेश राठी सहित तीन लोगों की 12 दिसंबर 1999 को चुनाव की रंजिश में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस के बर्खास्त सिपाही रणवीर राठी का नाम सामने आया था। रणवीर राठी वही शख्स था, जिसने फूलन देवी के हत्यारोपी शेर सिंह राणा को तिहाड़ जेल से फरार कराया था। इसके बाद उसकी मां राजबाला चौधरी ने वर्ष 2000 नगर पंचायत का चुनाव लड़ा। उनके सामने टीकरी के चेयरमैन सोमपाल राठी के भाई महक सिंह खड़े थे। 21 जून 2000 में सुनील राठी ने अपने साथियों के साथ मिलकर महक सिंह और उसके भाई मोहकम सिंह की हत्या कर दी। इस डबल मर्डर में सुनील राठी आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। 18 अगस्त 2000 में सुनील राठी ने दिल्ली में शोरूम लूटा था। विरोध करने पर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या की। इसके बाद से वह जुर्म की दुनिया में धंसता चला गया। उत्तराखंड, दिल्ली, यूपी समेत अन्य राज्यों में भी उसने अपना आपराधिक नेटवर्क खड़ा किया। उसे उत्तराखंड पुलिस ने गिरफ्तार किया। कई सालों तक रुड़की जेल में बंद रहा। जेल से भी वह अपना गैंग चलाता रहा। इसके बाद उसे तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया। यहां पर भी वह अपराध करता रहा। यहां के बाद उसे बागपत जेल में भेजा। बागपत जेल से उसने रुड़की के चिकित्सक से रंगदारी मांगी। इस मामले में उसकी मां राजबाला चौधरी वर्तमान समय में भी रुड़की जेल में बंद है। अब वह बागपत जेल से अपना गैंग चला रहा है। जेल में एक तरफा उसका ही राज चलता है। बागपत के भूरा फरारी कांड में भी सुनील राठी का नाम सामने आया और मुकदमा चल रहा है।
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