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पुलिस ने फोन नहीं उठाया, दतनगर में बह गया खून
Updated Sun, 01 Oct 2017 01:43 AM IST
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पुलिस ने फोन नहीं उठाया, दत्तनगर में बह गया खून
बागपत। दत्तनगर की वारदात में पुलिस की मुस्तैदी और आम जन की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। हत्या और कई घर खंगाले जाने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण एकत्र हुए। कंट्रोल रूम में पुलिस को कॉल की, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। प्रधान का जेठ सतीश शोर मचाकर बदमाशों के पीछे भागा, लेकिन बदमाशों ने उन पर फायर झोंक दिया। ग्रामीणों ने जवाब में फायरिंग की। पुलिस ने ग्रामीणों का साथ दिया होता तो बदमाश पकड़े जा सकते थे।
वारदात के बाद दत्तनगर गांव में सन्नाटा पसरा है। बदमाशों का पीछा करने वाले सतीश ने बताया उनके भाई संजय कुमार के मकान में हुई चोरी का पता चलने के बाद वह अपने चचेरे भाई प्रधान के पति संजय गिरि के मकान की ओर बदमाश-बदमाश आने का शोर मचाकर भागा तो प्रधान के मकान से थोड़ी दूरी पर ही कुछ बदमाश खड़े हुए दिखाई दिए। शोर सुनकर बदमाशों ने उस पर गोली चला दी। उसने किसी तरह अपनी जान बचाई। बदमाश खेतों के रास्ते भाग गए। उसने पुलिस कंट्रोल रूम (नंबर 100) पर कई कॉल की, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसी तरह उनके भाई संजय ने कहा उसने कई कॉल पुलिस के पास की, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। कई अन्य लोगों का भी यहीं कहना है कि पुलिस को वारदात की जानकारी देने के लिए कॉल करते रहे, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। ग्रामीणों ने फायर कर बदमाशों को खेतों में पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों ने कहा यदि पुलिस समय से पहुंच जाती तो बदमाश आसानी से पकड़े जाते। उधर, एसपी जय प्रकाश ने कहा सूचना मिलते ही बालैनी थाना प्रभारी राजपाल सिंह पुलिस के साथ पहुंचे थे। पुलिस पर लगाए गए आरोप गलत है।
25 साल पहले हुई शिला के पति की मौत
बागपत। मृतका शीला देवी के पति राजेंद्र गिरि की खेत में जाते समय करीब 25 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। गांव के जिम्मेदार लोगों ने शीला का रिश्ता जगमोहन (राजेंद्र के भाई) से कर दिया था। जगमोहन उस समय पहले से ही शादीशुदा था। उनकी पत्नी राजो है। शीला के एक बेटा अरुण है। जो दत्तनगर गांव में दूध का काम करता है। राजो के तीन बेटे( संजय, सुशील, पवन) और दो बेटी( अनीता और रीना) है। एक बेटे विनोद का कई साल पहले निधन हो गया था।
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डॉग स्कवायड और फोरेंसिक
टीम ने की जांच पड़ताल
बागपत। बदमाशों का पता लगाने के लिए डॉग स्कवायड और फोरेंसिक टीम ने जांच की, लेकिन बदमाशों को पकड़ने में पुलिस को कामयाबी नहीं मिली है।
किशोर को खेत में पड़ा दिखाई दिया सामान
बागपत। गांव का ही किशोर लोकेश खेत में शौच करने के लिए गया तो उसको गन्ने के खेत में कपड़े और बैग पड़ा हुआ दिखाई दिया। मौके पर काफी लोग इकट्ठे हो गए। ग्रामीणों ने कहा बदमाश लूटे गए सामान को छोड़कर गए हैं।
खुलासे के लिए स्वाट और सर्विलांस टीम को भी लगाया
बागपत। सूचना पर पहुंचे एसपी जयप्रकाश ने मौका मुआयना किया। पुलिस ने शीला का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी का कहना है कि केस के खुलासे के लिए चार टीमों को लगाया गया है। इनमें सिंघावली अहीर, बालैनी थाने के अलावा क्राइम ब्रांच की स्वॉट और सर्विलांस शामिल है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
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बागपत। दत्तनगर की वारदात में पुलिस की मुस्तैदी और आम जन की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। हत्या और कई घर खंगाले जाने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण एकत्र हुए। कंट्रोल रूम में पुलिस को कॉल की, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। प्रधान का जेठ सतीश शोर मचाकर बदमाशों के पीछे भागा, लेकिन बदमाशों ने उन पर फायर झोंक दिया। ग्रामीणों ने जवाब में फायरिंग की। पुलिस ने ग्रामीणों का साथ दिया होता तो बदमाश पकड़े जा सकते थे।
वारदात के बाद दत्तनगर गांव में सन्नाटा पसरा है। बदमाशों का पीछा करने वाले सतीश ने बताया उनके भाई संजय कुमार के मकान में हुई चोरी का पता चलने के बाद वह अपने चचेरे भाई प्रधान के पति संजय गिरि के मकान की ओर बदमाश-बदमाश आने का शोर मचाकर भागा तो प्रधान के मकान से थोड़ी दूरी पर ही कुछ बदमाश खड़े हुए दिखाई दिए। शोर सुनकर बदमाशों ने उस पर गोली चला दी। उसने किसी तरह अपनी जान बचाई। बदमाश खेतों के रास्ते भाग गए। उसने पुलिस कंट्रोल रूम (नंबर 100) पर कई कॉल की, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसी तरह उनके भाई संजय ने कहा उसने कई कॉल पुलिस के पास की, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। कई अन्य लोगों का भी यहीं कहना है कि पुलिस को वारदात की जानकारी देने के लिए कॉल करते रहे, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। ग्रामीणों ने फायर कर बदमाशों को खेतों में पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों ने कहा यदि पुलिस समय से पहुंच जाती तो बदमाश आसानी से पकड़े जाते। उधर, एसपी जय प्रकाश ने कहा सूचना मिलते ही बालैनी थाना प्रभारी राजपाल सिंह पुलिस के साथ पहुंचे थे। पुलिस पर लगाए गए आरोप गलत है।
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25 साल पहले हुई शिला के पति की मौत
बागपत। मृतका शीला देवी के पति राजेंद्र गिरि की खेत में जाते समय करीब 25 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। गांव के जिम्मेदार लोगों ने शीला का रिश्ता जगमोहन (राजेंद्र के भाई) से कर दिया था। जगमोहन उस समय पहले से ही शादीशुदा था। उनकी पत्नी राजो है। शीला के एक बेटा अरुण है। जो दत्तनगर गांव में दूध का काम करता है। राजो के तीन बेटे( संजय, सुशील, पवन) और दो बेटी( अनीता और रीना) है। एक बेटे विनोद का कई साल पहले निधन हो गया था।
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डॉग स्कवायड और फोरेंसिक
टीम ने की जांच पड़ताल
बागपत। बदमाशों का पता लगाने के लिए डॉग स्कवायड और फोरेंसिक टीम ने जांच की, लेकिन बदमाशों को पकड़ने में पुलिस को कामयाबी नहीं मिली है।
किशोर को खेत में पड़ा दिखाई दिया सामान
बागपत। गांव का ही किशोर लोकेश खेत में शौच करने के लिए गया तो उसको गन्ने के खेत में कपड़े और बैग पड़ा हुआ दिखाई दिया। मौके पर काफी लोग इकट्ठे हो गए। ग्रामीणों ने कहा बदमाश लूटे गए सामान को छोड़कर गए हैं।
खुलासे के लिए स्वाट और सर्विलांस टीम को भी लगाया
बागपत। सूचना पर पहुंचे एसपी जयप्रकाश ने मौका मुआयना किया। पुलिस ने शीला का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी का कहना है कि केस के खुलासे के लिए चार टीमों को लगाया गया है। इनमें सिंघावली अहीर, बालैनी थाने के अलावा क्राइम ब्रांच की स्वॉट और सर्विलांस शामिल है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।