{"_id":"5b903057867a557f6a2a2a61","slug":"31536176215-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरकतों से तंग आकर छोटे भाई ने की थी दीपक की हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हरकतों से तंग आकर छोटे भाई ने की थी दीपक की हत्या
Updated Thu, 06 Sep 2018 01:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। अग्रवाल मंडी टटीरी के दीपक वर्मा की हत्या छोटे भाई ने तंग आकर की। पुलिस ने आरोपी भाई को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया। उसे न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से जेल भेजा ।
एसपी शैलेष कुमार पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि 30 अगस्त को दीपक वर्मा की गोली मारकर हत्या की। इस मामले में पिता डॉ. अशोक कुमार ने कस्बे के ही इंतजार, आशु व रेलवे कर्मचारी सुनील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई । पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ, लेकिन कोई ठोस प्रमाण हाथ नहीं लगे। उनकी झूठी नामजदगी पाई गई। पुलिस ने तीनों को क्लीन चिट देकर कोतवाली से छोड़ दिया।
पुलिस विवेचना के दौरान प्रकाश में आए मृतक दीपक के छोटे भाई रजनीश से पूछताछ की तो उसने हत्या करना कबूल किया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, दो खोखे बरामद किया। पूछताछ में आरोपी भाई ने बताया कि 30 अगस्त की शाम को दीपक का इंतजार से झगड़ा हो गया। उसने इसके बारे में भाई को बताया। दीपक शराब पीकर झगड़ा करता रहता था और कोई काम भी नहीं करता था। छोटे भाई ने घर के नीचे कन्फैक्शनरी की दुकान खोल रखी थी। मृतक दीपक ने उससे रुपये मांगे, न देने पर दुकान का सामान तोड़ दिया। छोटे भाई की पत्नी के जेवर तक बिकवा दिए। बच्चों की एफडी भी तुड़वा दी । हत्या वाली रात पहले उसे शराब पिलाई और तमंचा दिखाकर कहा कि इंतजार का काम तमाम करना है। दीपक उसके आगे चल दिया। उसने पीछे से दीपक की पीठ में गोली मार दी। वह नीचे गिर पड़ा। इसके बाद तमंचे से दूसरी गोली उसके सिर में मारकर हत्या कर दी और बराबर वाले प्लाट की दीवार कूदकर पीछे वाले रास्ते से अपने घर पहुंच गया। पुलिस ने उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई कर जेल भेजा दिया।
विज्ञापन
तमंचा लेकर खुद कोतवाली पहुंच आरोपी
बागपत। हत्यारोपी भाई रजनीश ने बताया कि उसने तमंचे के साथ कोतवाली पहुंच कर अपने आप को पुलिस के हवाले कर दिया। इस हत्याकांड में उसके परिवार के लोगों का कोई हाथ नहीं है। वह अपने भाई से तंग आ चुका था। उसके पास हत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं था। भाई को मारकर मुझे कोई पछतावा नहीं है।
विज्ञापन
एसपी शैलेष कुमार पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि 30 अगस्त को दीपक वर्मा की गोली मारकर हत्या की। इस मामले में पिता डॉ. अशोक कुमार ने कस्बे के ही इंतजार, आशु व रेलवे कर्मचारी सुनील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई । पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ, लेकिन कोई ठोस प्रमाण हाथ नहीं लगे। उनकी झूठी नामजदगी पाई गई। पुलिस ने तीनों को क्लीन चिट देकर कोतवाली से छोड़ दिया।
विज्ञापन
पुलिस विवेचना के दौरान प्रकाश में आए मृतक दीपक के छोटे भाई रजनीश से पूछताछ की तो उसने हत्या करना कबूल किया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, दो खोखे बरामद किया। पूछताछ में आरोपी भाई ने बताया कि 30 अगस्त की शाम को दीपक का इंतजार से झगड़ा हो गया। उसने इसके बारे में भाई को बताया। दीपक शराब पीकर झगड़ा करता रहता था और कोई काम भी नहीं करता था। छोटे भाई ने घर के नीचे कन्फैक्शनरी की दुकान खोल रखी थी। मृतक दीपक ने उससे रुपये मांगे, न देने पर दुकान का सामान तोड़ दिया। छोटे भाई की पत्नी के जेवर तक बिकवा दिए। बच्चों की एफडी भी तुड़वा दी । हत्या वाली रात पहले उसे शराब पिलाई और तमंचा दिखाकर कहा कि इंतजार का काम तमाम करना है। दीपक उसके आगे चल दिया। उसने पीछे से दीपक की पीठ में गोली मार दी। वह नीचे गिर पड़ा। इसके बाद तमंचे से दूसरी गोली उसके सिर में मारकर हत्या कर दी और बराबर वाले प्लाट की दीवार कूदकर पीछे वाले रास्ते से अपने घर पहुंच गया। पुलिस ने उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई कर जेल भेजा दिया।
विज्ञापन
तमंचा लेकर खुद कोतवाली पहुंच आरोपी
बागपत। हत्यारोपी भाई रजनीश ने बताया कि उसने तमंचे के साथ कोतवाली पहुंच कर अपने आप को पुलिस के हवाले कर दिया। इस हत्याकांड में उसके परिवार के लोगों का कोई हाथ नहीं है। वह अपने भाई से तंग आ चुका था। उसके पास हत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं था। भाई को मारकर मुझे कोई पछतावा नहीं है।