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भतीजे ही निकले सेल्समैन अंग्रेजपाल के कातिल
Updated Tue, 14 Nov 2017 01:23 AM IST
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बड़ौत/बागपत। लुहारी गांव के शराब के ठेके के सेल्समैन अंग्रेज पाल की हत्या का पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर खुलासा किया। पुलिस का दावा है कि अंग्रेज पाल की उसके ही दो भतीजों ने जमीन और प्लाट के बंटवारे को लेकर हत्या की है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त भाला बरामद किया है।
एसपी जय प्रकाश ने पत्रकारों को बताया पकड़े गए आरोपी संजीव पुत्र विक्रम सिंह और संजू पुत्र तेजपाल निवासी लुहारी है। जो चचेरे भाई हैं। पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया उनके चाचा अंग्रेज पाल अविवाहित थे। जो गांव में ही देसी शराब के ठेके पर सेल्समैन थे। चाचा के हिस्से में चार बीघा जमीन और करीब 200 वर्ग गज का प्लाट आता है। चाचा अपने भतीजे राजीव (संजीव के भाई) के नाम जमीन और प्लाट कराना चाहता थे। जो उनको पसंद नहीं है। काफी समझाने के बाद भी चाचा मानने के लिए तैयार नहीं हुए। 25 अक्तूबर की रात में दोनों शराब के ठेके पर चाचा अंग्रेज पाल के पास पहुंचे और कहने लगे जमीन का हिस्सा सभी भाइयों का बनता है, सभी के नाम करा दो। इतना कहते ही चाचा अंग्रेज पाल ने गाली-गलौज शुरू कर दी और बोले कि मैं तो केवल राजीव के नाम ही जमीन कराऊंगा, जो तुम पर हो कर लेना। आरोपियों ने कहा कि इसी बात पर गुस्सा आ गया और ठेके पर ही रखा भाला चाचा के गले में मार दिया। इससे उनकी मौत हो गई।
शक न हो बनाया था फर्जी घटनाक्रम
बागपत। एसपी के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि हत्या का उन पर शक न हो, इस लिए भाले को पहले मिट्ठी और फिर पानी से साफ किया। उसके बाद ठेके के अंदर ही उसको खड़ा कर दिया । चाचा की पैंट उतारकर वहीं पर रख दी । पुलिस का माइंड डायवर्ट करने के लिए ही यह सब किया, ताकि पुलिस हत्या प्रेम प्रसंग से जोड़कर चले।
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पहले हत्या की, फिर विपक्षियों
के खिलाफ कराया मुकदमा
बागपत। आरोपी संजीव ने एक तीर से दो निशाने लगाने की कोशिश की । हत्या करने के बाद बड़ौत कोतवाली में अपने विपक्षियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । उसने चाचा अंग्रेज पाल की हत्या का आरोप गांव के ही विकास, पंकज और उनके पिता पीतम पर लगाया । पुलिस ने जांच के बाद नामजद आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है।
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एसपी जय प्रकाश ने पत्रकारों को बताया पकड़े गए आरोपी संजीव पुत्र विक्रम सिंह और संजू पुत्र तेजपाल निवासी लुहारी है। जो चचेरे भाई हैं। पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया उनके चाचा अंग्रेज पाल अविवाहित थे। जो गांव में ही देसी शराब के ठेके पर सेल्समैन थे। चाचा के हिस्से में चार बीघा जमीन और करीब 200 वर्ग गज का प्लाट आता है। चाचा अपने भतीजे राजीव (संजीव के भाई) के नाम जमीन और प्लाट कराना चाहता थे। जो उनको पसंद नहीं है। काफी समझाने के बाद भी चाचा मानने के लिए तैयार नहीं हुए। 25 अक्तूबर की रात में दोनों शराब के ठेके पर चाचा अंग्रेज पाल के पास पहुंचे और कहने लगे जमीन का हिस्सा सभी भाइयों का बनता है, सभी के नाम करा दो। इतना कहते ही चाचा अंग्रेज पाल ने गाली-गलौज शुरू कर दी और बोले कि मैं तो केवल राजीव के नाम ही जमीन कराऊंगा, जो तुम पर हो कर लेना। आरोपियों ने कहा कि इसी बात पर गुस्सा आ गया और ठेके पर ही रखा भाला चाचा के गले में मार दिया। इससे उनकी मौत हो गई।
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शक न हो बनाया था फर्जी घटनाक्रम
बागपत। एसपी के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि हत्या का उन पर शक न हो, इस लिए भाले को पहले मिट्ठी और फिर पानी से साफ किया। उसके बाद ठेके के अंदर ही उसको खड़ा कर दिया । चाचा की पैंट उतारकर वहीं पर रख दी । पुलिस का माइंड डायवर्ट करने के लिए ही यह सब किया, ताकि पुलिस हत्या प्रेम प्रसंग से जोड़कर चले।
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पहले हत्या की, फिर विपक्षियों
के खिलाफ कराया मुकदमा
बागपत। आरोपी संजीव ने एक तीर से दो निशाने लगाने की कोशिश की । हत्या करने के बाद बड़ौत कोतवाली में अपने विपक्षियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । उसने चाचा अंग्रेज पाल की हत्या का आरोप गांव के ही विकास, पंकज और उनके पिता पीतम पर लगाया । पुलिस ने जांच के बाद नामजद आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है।