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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   22 days of leapapathy on paper leak

पेपर लीक पर 22 दिन तक की गई लीपापोती

Thu, 20 Apr 2017 01:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Thu, 20 Apr 2017 01:42 AM IST
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पेपर लीक मामले में शिक्षा विभाग ने 22 दिन तक लापरवाही और अदूरदर्शिता दिखाई। पेपर वायरल होने की शिकायत पहले से थी, लेकिन 28 मार्च को मामला सार्वजनिक हुआ था। आदर्श वैदिक विद्यालय, नंगला सिनौली के केंद्र व्यवस्थापक ने छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन इस पर लीपापोती की जाती रही।
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यूपी बोर्ड की परीक्षा शुरू होते ही हस्तलिखित प्रश्नपत्र वायरल होने शुरू हो गए थे। इसकी भनक शिक्षा विभाग तक पहुंची, इसे अनदेखा किया, लेकिन 28 मार्च को आदर्श वैदिक विद्यालय, नंगला सिनौली के केंद्र व्यवस्थापक ने चेकिंग के दौरान छात्र अंकुश ढाका से नकल सामग्री पकड़ी, इसका मिलान करने पर वह हू- ब- हू प्रश्नपत्र से मिल गई।
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केंद्र व्यवस्थापक ने छपरौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया और प्रश्नपत्र लीक की सूचना डीआईओएस, डीएम और संयुक्त शिक्षा निदेशक को दी। डीएम ने जांच के लिए कमेटी गठित की। दूसरा मामला सामने आया 13 अप्रैल की सुबह को। 
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 आदर्श वैदिक विद्यालय, नंगला सिनौली के प्रधानाचार्य सुक्रम पाल तोमर ने कमिश्नर और जेडी से मिलकर पेपर लीक की जानकारी दी, यही नहीं हस्तलिखित लीक पेपर की प्रतियां उपलब्ध कराई। द्वितीय पाली में परीक्षा शुरू हुई तो हू ब हू मिलान हुआ।

तब डीआईओएस पीके मिश्रा ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को पत्र लिखा था  प्रत्येक सेंटर में टीम भेजकर जांच कराई, पेपर बागपत से लीक नहीं हुआ है।  इसके अलावा अन्य कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि पेपर का मिलान हो गया था। इस बार एक दिन पहले ही पेपर लीक हुआ। मामला इलाहाबाद तक पहुंचा तो शिक्षा विभाग हरकत में आया।

डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने संज्ञान लेकर टीम बनाई, जिसने जिले में पेपर लीक की पुष्टि कर दी। डीआईओएस ने स्वीकार किया जिले में पेपर वायरल हुआ है, लेकिन पूरे मामले में 22 दिन बीत गए।

क्या बोले जिलाधिकारी
डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने कहा प्रश्नपत्र लीक की जांच कराई। इसके बाद पेपर निरस्तीकरण की संस्तुति की गई है। डीआईओएस से पूरे प्रकरण में जवाब तलब किया है। गोपनीयता कैसे और कहां से भंग हुई, इसकी जांच कराई जाएगी।

पेपर लीक की शिकायत कर रहे प्रधानाचार्य पर मुकदमा
छपरौली (बागपत)। पिछले करीब 22 दिन से यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक की शिकायत कर रहे आदर्श वैदिक विद्यालय नंगला सिनौली के प्रधानाचार्य सुक्रम पाल तोमर के खिलाफ डीआईओएस पीके मिश्रा ने मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर दिनेश वशिष्ठ ने बताया  तोमर के खिलाफ धारा 168 469, 471,499 और 420 में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

पेपर लीक में दर्ज हुआ था मुकदमा
आदर्श वैदिक विद्यालय, नंगला सिनौली के प्रधानाचार्य सुक्रम पाल ने छात्र अंकुश ढाका के खिलाफ पेपर लीक मामले में छपरौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी जांच चल ही है। पेपर लीक की चिट्ठी पर अफसर रहे मौन ः प्रधानाचार्य सुक्रम पाल तोमर ने पेपर लीक मामले से बागपत के डीआईओएस, मेरठ में जेडी और इलाहाबाद में बोर्ड सचिव को प्रकरण की चिट्ठी भेजी, लेकिन बुधवार से पहले सिस्टम हरकत में आता नहीं दिखा।

सुक्रम पाल की कुंडली खंगालता रहा शिक्षा विभाग ः पेपर लीक की शिकायत पर शिक्षा विभाग बुधवार को सुक्रम पाल तोमर पर पिछले करीब 20 साल  में अब तक हुई कार्रवाई का चिट्ठा तैयार कराया।


शामली, मुजफ्फरनगर और अलीगढ़ में तैनाती के दौरान उन पर लगे आरोपों को एकत्र कराया। उधर, सुक्रमपाल तोमर ने कहा पेपर लीक हुआ है। इसकी जानकारी डीआईओएस को दी, लेकिन उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
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