{"_id":"5b2963424f1c1bb16e8b8b71","slug":"161529439042-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेतन मांगने पर करते थे मारपीट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वेतन मांगने पर करते थे मारपीट
Updated Wed, 20 Jun 2018 01:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
बड़ौत के मोहल्ला पठान कोट से आठ युवक जनवरी माह में जम्मू-कश्मीर के लस्सीपुरा फार्म पुलवामा गए थे। कुछ माह तक तो उन्होंने प्रति माह वेतन किया, लेकिन कई माह से वेतन मांगने पर मारपीट करते थे और गाली देते थे और आने भी नहीं देते थे। वे किसी तरह वहां से भाग कर यहां पहुंचे।
जम्मू-कश्मीर के लस्सीपुरा फार्म पुलवाम से लौटे पठानकोट निवासी नसीम पुत्र रोजूदीन को पुलिस ने कोतवाली बुलाकर पूछताछ की तो बताया कि वे सिलाई का काम करते हैं और आठ लड़कों के साथ पुलवामा गांव गए थे। वहां सिलाई का कारखाना है। उसने बताया कि कई माह तक उन्हें वेतन के रुपये दिए, लेकिन बाद में वेतन के रुपये देना बंद कर दिया और उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी और वे उन्हें इंडियन डाग और अन्य अशब्द का प्रयोग करते थे तो वहां से भाग निकले। कोतवाली में नसीम ने बताया कि पत्थर जैसी कोई बात नहीं हुई है। उन्हें तंग किया जाता था। इस संबंध में एसएसआई रमेश सिंधु ने बताया कि पूछताछ के बाद युवक को छोड़ दिया जाएगा। एसएसआई ने बताया कि वह मंगलवार को तहरीर देने कोतवाली पहुंचा।
विज्ञापन
बड़ौत के मोहल्ला पठान कोट से आठ युवक जनवरी माह में जम्मू-कश्मीर के लस्सीपुरा फार्म पुलवामा गए थे। कुछ माह तक तो उन्होंने प्रति माह वेतन किया, लेकिन कई माह से वेतन मांगने पर मारपीट करते थे और गाली देते थे और आने भी नहीं देते थे। वे किसी तरह वहां से भाग कर यहां पहुंचे।
जम्मू-कश्मीर के लस्सीपुरा फार्म पुलवाम से लौटे पठानकोट निवासी नसीम पुत्र रोजूदीन को पुलिस ने कोतवाली बुलाकर पूछताछ की तो बताया कि वे सिलाई का काम करते हैं और आठ लड़कों के साथ पुलवामा गांव गए थे। वहां सिलाई का कारखाना है। उसने बताया कि कई माह तक उन्हें वेतन के रुपये दिए, लेकिन बाद में वेतन के रुपये देना बंद कर दिया और उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी और वे उन्हें इंडियन डाग और अन्य अशब्द का प्रयोग करते थे तो वहां से भाग निकले। कोतवाली में नसीम ने बताया कि पत्थर जैसी कोई बात नहीं हुई है। उन्हें तंग किया जाता था। इस संबंध में एसएसआई रमेश सिंधु ने बताया कि पूछताछ के बाद युवक को छोड़ दिया जाएगा। एसएसआई ने बताया कि वह मंगलवार को तहरीर देने कोतवाली पहुंचा।
विज्ञापन